यूक्रेन में रूस के 'शाहेद' ड्रोन हमले: कीव की रिहायशी इमारत पर हमले में 2 की मौत, 9 घायल
सारांश
मुख्य बातें
रूस ने सोमवार, 13 अक्टूबर 2026 की शाम कीव की एक ऊँची रिहायशी इमारत पर 'शाहेद' ड्रोन से हमला किया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और नौ लोग घायल हुए। यह हमला ऐसे समय हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस और यूक्रेन के बीच युद्धविराम की संभावनाओं पर ज़ोर दे रहे हैं।
हमले का विवरण
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, 'रूस लगातार हमारे लोगों के ख़िलाफ़ आतंक फैला रहा है। वह रिहायशी इमारतों पर हमले कर रहा है और लोगों की जान ले रहा है।' उन्होंने बताया कि राहत और बचाव दलों ने आग पर काबू पा लिया है और घायलों का उपचार किया जा रहा है। ज़ेलेंस्की ने मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं।
ज़ेलेंस्की की प्रतिक्रिया और अमेरिका से अपील
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने एक्स पर अपनी पोस्ट में आगे लिखा, 'यह एक और सबूत है कि रूस पर और ज़्यादा दबाव बनाने की ज़रूरत है। लगातार क्रूर हमले वही कर रहा है। युद्ध को लंबा खींचने वाला भी वही है।' उन्होंने विशेष रूप से अमेरिकी प्रस्ताव का हवाला देते हुए कहा कि उसके जवाब में भी रूस की ओर से 'शाहेद' ड्रोन हमले ही देखने को मिल रहे हैं।
ज़ेलेंस्की ने स्पष्ट रूप से कहा, 'हमें उम्मीद है कि अमेरिका रूस की ओर से मिल रहे इन संकेतों को समझेगा और ठोस कदम उठाएगा। रूस को इस युद्ध को खत्म करने के लिए मजबूर करने के लिए मज़बूती और सख्त कार्रवाई की ज़रूरत है।'
ट्रंप का रुख़: युद्धविराम की पैरवी, लेकिन एकतरफ़ा ज़िम्मेदारी से इनकार
इन हमलों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें पहले पूरी स्थिति देखनी होगी। उन्होंने कहा, 'मुझे इसकी पूरी जानकारी नहीं है, हम इस पर नज़र डालेंगे।' उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने युद्धविराम उल्लंघन के लिए केवल रूस को ज़िम्मेदार ठहराने से परहेज़ किया और कहा कि दोनों पक्षों की ओर से उल्लंघन हुए हैं।
ट्रंप ने युद्ध में बढ़ते जान-माल के नुकसान का भी ज़िक्र किया। उनके अनुसार, 'सिर्फ इस महीने इस युद्ध में 32,000 लोगों की जान गई है और यह बेहद दुखद है। इसलिए दोनों पक्षों को साथ बैठकर इसका समाधान निकालना चाहिए।'
व्यापक संदर्भ: युद्धविराम के दावे और ज़मीनी हकीकत
गौरतलब है कि यह हमला उस पृष्ठभूमि में हुआ है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संघर्षविराम की कोशिशें तेज़ हो रही हैं। एक तरफ कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, तो दूसरी तरफ रूस के हमले बिना रुके जारी हैं — यह विरोधाभास दुनिया भर में चिंता का विषय बना हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब ट्रंप प्रशासन दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।
आने वाले दिनों में अमेरिका का रुख और रूस की जवाबी कार्रवाई इस संघर्ष की दिशा तय करने में निर्णायक साबित हो सकती है।