क्या यूरोप ने रूस के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है? यूक्रेन को 90 अरब यूरो का ब्याज मुक्त कर्ज!
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 19 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। यूरोपीय देशों ने रूस के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम उठाने का निर्णय लिया है। इन देशों ने यूक्रेन को 90 अरब यूरो का कर्ज देने पर सहमति व्यक्त की है। यह कर्ज बिना किसी ब्याज के यूक्रेन को अगले दो वर्षों तक दिया जाएगा। यूक्रेन को 2026 और 2027 के लिए 105 अरब डॉलर की सहायता मिलने वाली है।
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने शुक्रवार को समिट के बाद मीडिया से कहा, “हमने जो वादा किया था, उसे पूरा किया है। यूरोपीय नेताओं ने अगले दो वर्षों के लिए यूक्रेन को 105 अरब डॉलर का ऋण देने का निर्णय लिया है, जिसे ईयू बजट का समर्थन प्राप्त है। कीव यह कर्ज तभी चुकाएगा जब रूस हर्जाना देगा।” हालांकि, कई यूरोपीय नेता इस बात पर सहमत नहीं थे कि क्या यह ऋण यूरोपीय ब्लॉक में रूस की फ्रीज की गई परिसंपत्तियों के आधार पर दिया जाना चाहिए, जिसे कई सदस्य देश अधिक उपयुक्त मानते हैं।
कोस्टा ने आगे कहा, “यूनियन इस लोन को चुकाने के लिए परिसंपत्तियों का उपयोग करने का अपना अधिकार सुरक्षित रखता है।”
वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, “यह समझौता एक महत्वपूर्ण समर्थन है, जो हमें वास्तव में मजबूती प्रदान करता है। यह आवश्यक है कि रूस की परिसंपत्तियां फ्रीज रहें और यूक्रेन को आने वाले वर्षों के लिए वित्तीय सुरक्षा मिले।”
यूरोपीय नेता गुरुवार को समिट में शामिल हुए, जिसमें कई लोग इस पक्ष में थे कि रूस की जमी हुई 210 बिलियन डॉलर की संपत्तियों के बदले आवश्यक कर्ज दिया जाए, लेकिन यह योजना बेल्जियम की इस मांग पर टिकी थी कि अगर मॉस्को नुकसान के लिए सफल दावा जीत जाता है, तो उसे दूसरे सदस्य देशों से असीमित बजट गारंटी मिलेगी। दरअसल, बेल्जियम ईयू में रूस के 88 फीसदी फंड को होस्ट करता है।
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने कहा कि मुआवजे का कर्ज एक अच्छा विचार नहीं था। इसमें कई कमियां थीं, और यदि आप कमियों को दूर करना शुरू करते हैं, तो चीजें समाप्त हो जाती हैं। वहीं, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईयू के इस कर्ज और फ्रीज की गई संपत्तियों के उपयोग को 'लूट' करार दिया और चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यूरोपीय नेता इस डर से सहमत नहीं हो पाए कि लुटेरों के लिए इसके परिणाम बहुत गंभीर हो सकते हैं।
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि यदि यह कदम पारित हो जाता है, तो उन पर लोगों का विश्वास कम हो जाएगा, और यह चिंता की बात है कि भविष्य में दूसरे देशों या समूहों के खिलाफ इसका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी, “वे चाहे कुछ भी चुरा लें, अंततः उन्हें उसे वापस करना होगा, और सबसे महत्वपूर्ण बात, हम अपने हितों की रक्षा के लिए कोर्ट जाएंगे। हम ऐसा अधिकार क्षेत्र ढूंढने की पूरी कोशिश करेंगे जो राजनीतिक संदर्भ से अलग हो।”