ईरान पर फिर हमले की आशंका: रूसी राजदूत उल्यानोव की चेतावनी, होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ा तनाव

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ईरान पर फिर हमले की आशंका: रूसी राजदूत उल्यानोव की चेतावनी, होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ा तनाव

सारांश

रूसी राजदूत उल्यानोव की चेतावनी — अमेरिका और इजरायल घंटों में ईरान पर फिर हमला कर सकते हैं — ने होर्मुज स्ट्रेट संकट को नई धार दे दी है। चीन-रूस युद्धविराम की माँग कर रहे हैं, जबकि ट्रंप का धैर्य खत्म हो रहा है और ईरान ने स्ट्रेट बंद रखने की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

रूसी राजदूत मिखाइल उल्यानोव ने एक्स पर चेतावनी दी कि अमेरिका और इजरायल कुछ दिनों या घंटों में ईरान पर फिर सैन्य हमला कर सकते हैं।
चीन और रूस दोनों होर्मुज स्ट्रेट पर स्थायी युद्धविराम की माँग कर रहे हैं।
ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने कहा — दुश्मन के सैन्य उपकरणों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने नई दिल्ली में कहा — अमेरिका से बातचीत फिर शुरू होने के संकेत मिले हैं, लेकिन भरोसा नहीं।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा ईरान के साथ उनका धैर्य खत्म हो रहा है; ट्रूथ सोशल पर 'तूफान से पहले की शांति' वाली एआई तस्वीर साझा की।
बहरीन और अमेरिका संयुक्त राष्ट्र में ईरान विरोधी प्रस्ताव के लिए समर्थन जुटा रहे हैं।

वियना स्थित अंतरराष्ट्रीय संगठनों में रूस के स्थायी प्रतिनिधि मिखाइल उल्यानोव ने 17 मई 2026 को चेतावनी दी कि अमेरिका और इजरायल आने वाले कुछ दिनों या घंटों में ईरान के विरुद्ध पुनः सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं। उल्यानोव ने होर्मुज स्ट्रेट पर स्थायी युद्धविराम के चीन के रुख का भी पूरी तरह समर्थन किया।

रूसी राजदूत की एक्स पर चेतावनी

उल्यानोव ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बयान का हवाला देते हुए लिखा, 'रूस पूरी तरह से इस नजरिए का समर्थन करता है।' एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा, 'पश्चिमी विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और इजरायल आने वाले कुछ दिनों या कुछ घंटों में ईरान के खिलाफ सैन्य हमले फिर से शुरू कर सकते हैं। अगर यह सच है, तो इसका मतलब है कि अमेरिका और इजरायल अपनी पिछली रणनीतिक गलतियों से कोई सबक नहीं सीख रहे हैं।'

चीन और रूस का साझा रुख

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े तनाव का समाधान वाशिंगटन और तेहरान के बीच स्थायी एवं व्यापक युद्धविराम से ही संभव है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पिछले सप्ताह डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत में इस बात पर जोर दिया था कि ताकत से समस्याओं का समाधान नहीं होता और कूटनीतिक संवाद ही एकमात्र सही रास्ता है।

ईरान का कड़ा रुख

ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने स्पष्ट किया कि तेहरान अब दुश्मन के सैन्य उपकरणों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति नहीं देगा। उन्होंने कहा, 'हमने पहले होर्मुज स्ट्रेट पर अपने अधिकार का इस्तेमाल नहीं किया और सैन्य उपकरणों को वहाँ से गुजरने दिया। बाद में उन्हीं का इस्तेमाल हमारे खिलाफ किया गया। हम दोबारा ऐसा नहीं होने देंगे।' यह ऐसे समय में आया है जब बहरीन और अमेरिका संयुक्त राष्ट्र में एक ऐसे प्रस्ताव के लिए समर्थन जुटा रहे हैं जिसमें ईरान से होर्मुज स्ट्रेट में हमले और बारूदी सुरंगें बिछाने से बाज आने की माँग की गई है।

ईरान के विदेश मंत्री की नई दिल्ली में बात

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने नई दिल्ली में मीडिया से कहा कि तेहरान को वाशिंगटन से बातचीत फिर से शुरू होने के संकेत मिले हैं। उन्होंने कहा, 'हमें उम्मीद है कि बातचीत आगे बढ़ने के साथ हम अच्छे नतीजे तक पहुँचेंगे, ताकि होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।' हालाँकि, अराघची ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान को अमेरिका पर कोई भरोसा नहीं है, और पाकिस्तानी मध्यस्थता प्रक्रिया को उन्होंने पूरी तरह विफल नहीं, बल्कि कठिन बताया।

ट्रंप का बढ़ता अधैर्य

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ उनका धैर्य खत्म होता जा रहा है। उन्होंने बताया कि बीजिंग में शी जिनपिंग के साथ बातचीत के दौरान दोनों इस बात पर सहमत हुए थे कि तेहरान को होर्मुज स्ट्रेट फिर से खोलना होगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या शी जिनपिंग ने ईरान पर दबाव डालने का स्पष्ट आश्वासन दिया है, तो ट्रंप ने कहा, 'मैं कोई फेवर नहीं माँग रहा हूँ, क्योंकि जब आप फेवर माँगते हैं तो बदले में फेवर करना पड़ता है।' ट्रंप ने शनिवार को ट्रूथ सोशल पर एआई-निर्मित एक तस्वीर साझा की, जिसमें वे अशांत समुद्र में जंगी जहाजों से घिरे नजर आ रहे थे और साथ में लिखा था, 'यह तूफान से पहले की शांति है।' होर्मुज स्ट्रेट से विश्व के कुल तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है, इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी संघर्ष का वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर गहरा असर पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि पाकिस्तानी मध्यस्थता भी अटकी हुई है। ऐसे में नई दिल्ली में अराघची की उपस्थिति और भारत की चुप्पी — दोनों ध्यान देने योग्य हैं।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रूसी राजदूत उल्यानोव ने ईरान पर हमले की चेतावनी क्यों दी?
उल्यानोव ने एक्स पर लिखा कि पश्चिमी विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका और इजरायल कुछ दिनों या घंटों में ईरान पर सैन्य हमला फिर शुरू कर सकते हैं। उन्होंने इसे पिछली रणनीतिक गलतियों से सबक न सीखने का संकेत बताया।
होर्मुज स्ट्रेट विवाद क्या है और यह क्यों अहम है?
होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच का संकरा जलमार्ग है, जिससे विश्व के तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान ने इसे बंद रखने की धमकी दी है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है।
चीन और रूस इस मामले में क्या चाहते हैं?
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट का तनाव केवल अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी और व्यापक युद्धविराम से सुलझेगा। रूस ने इस रुख का पूरी तरह समर्थन किया है।
ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने नई दिल्ली में क्या कहा?
अराघची ने नई दिल्ली में कहा कि तेहरान को वाशिंगटन से बातचीत फिर शुरू होने के संकेत मिले हैं और उन्हें अच्छे नतीजों की उम्मीद है। हालाँकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान को अमेरिका पर कोई भरोसा नहीं है।
ट्रंप का ईरान पर क्या रुख है?
ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ उनका धैर्य खत्म होता जा रहा है और शी जिनपिंग के साथ बातचीत में दोनों इस बात पर सहमत हुए कि तेहरान को होर्मुज स्ट्रेट फिर से खोलना होगा। उन्होंने ट्रूथ सोशल पर 'तूफान से पहले की शांति' संदेश के साथ एआई-निर्मित युद्धपोत तस्वीर भी साझा की।
राष्ट्र प्रेस
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