4 अक्टूबर 2026
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सूमी में भारतीय कुसुम फार्मा प्लांट पर रूसी ड्रोन हमला, एक की मौत; जेलेंस्की ने की निंदा

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सूमी में भारतीय कुसुम फार्मा प्लांट पर रूसी ड्रोन हमला, एक की मौत; जेलेंस्की ने की निंदा

सारांश

रूस यूक्रेन युद्ध की आग अब सीधे एक भारतीय कंपनी तक पहुंची — सूमी में कुसुम समूह के फार्मा प्लांट पर ड्रोन हमले में एक की मौत। उसी रात 135 ड्रोन दागे गए और जर्मन चांसलर मर्ज ने कीव पहुंचकर 1.3 अरब यूरो की मदद का ऐलान किया।

मुख्य बातें

यूक्रेन के सूमी में भारतीय कुसुम समूह के फार्मा प्लांट पर 4 अक्टूबर 2026 को रूसी ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत , कई घायल।
राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने पुष्टि की कि रूस ने रातभर 135 हमलावर ड्रोन दागे, जिनमें 50 से अधिक जेट प्रोपेल्ड थे।
इस सप्ताह रूस ने यूक्रेन पर 1,900 से अधिक ड्रोन, 1,700 हवाई बम और 25 मिसाइलें दागीं।
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने अचानक कीव दौरे पर 1.3 अरब यूरो के सहायता पैकेज की घोषणा की।
कुसुम समूह ने 2009 में सूमी में प्लांट स्थापित किया था; कंपनी 50 से अधिक जेनेरिक दवाएं बनाती है और कई देशों में कारोबार करती है।
ड्निप्रो में संचार सुविधा पर हमले में 6 लोग घायल ; कीव के पिवनिच्नी ब्रिज को भी निशाना बनाया गया।

यूक्रेन के सूमी शहर में स्थित भारतीय समूह कुसुम के फार्मास्युटिकल प्लांट पर रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को रूसी ड्रोन हमला हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। हमले में प्लांट की मुख्य संरचना को भारी नुकसान पहुंचा है और घटनास्थल से धुएं का विशाल गुबार उठता देखा गया।

हमले का घटनाक्रम

रविवार की सुबह से ही सूमी में लगातार एयर रेड सायरन बजते रहे। अधिकारियों ने आगाह किया है कि हताहतों की संख्या में बदलाव हो सकता है, क्योंकि राहत एवं बचाव कार्य जारी है। रूस ने रातभर में यूक्रेन के विरुद्ध 135 हमलावर ड्रोन लॉन्च किए, जिनमें 50 से अधिक जेट प्रोपेल्ड ड्रोन शामिल थे। खार्किव, कीव, ड्निप्रो, डोनेट्स्क, सूमी और जापोरिज्जिया क्षेत्रों को निशाना बनाया गया।

इस हमले में कीव के पिवनिच्नी ब्रिज को भी ड्रोन से निशाना बनाया गया। ड्निप्रो में एक संचार सुविधा पर हमले में छह लोग घायल हुए। कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई और आपातकालीन सेवाएं हमला स्थलों पर तैनात हैं।

जेलेंस्की की प्रतिक्रिया

यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "आज सुबह रूसियों ने एक बार फिर कीव में पिवनिच्नी ब्रिज पर ड्रोन से हमला किया। उन्होंने सूमी में एक सामान्य फार्मास्युटिकल गोदाम को ड्रोन से निशाना बनाया। दुखद रूप से एक व्यक्ति की मौत हो गई।" जेलेंस्की ने मारे गए व्यक्ति के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि अकेले इस सप्ताह रूस ने यूक्रेन पर 1,900 से अधिक हमलावर ड्रोन, 1,700 हवाई बम और 25 मिसाइलें दागी हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रूस को इस बढ़ती हिंसा के लिए जवाबदेह ठहराने की अपील की।

जर्मन चांसलर की अचानक कीव यात्रा

यह हमला ऐसे समय में हुआ जब जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने अचानक कीव का दौरा किया और यूक्रेन के प्रति एकजुटता जताते हुए 1.3 अरब यूरो के सहायता पैकेज की घोषणा की। गौरतलब है कि यूक्रेन में पिछले चार दिनों से लगातार रूसी ड्रोन हमले जारी हैं, जिनमें कई इमारतें और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हो चुका है।

कुसुम समूह: भारतीय उपस्थिति की पृष्ठभूमि

भारतीय कुसुम समूह ने 1994 में यूक्रेन में भारतीय दवाओं के वितरक के तौर पर काम शुरू किया था। वर्तमान में कंपनी की बागडोर भारतीय नागरिक राजीव गुप्ता के हाथों में है। 2002 में कंपनी ने अन्य कंपनियों की दवाओं का वितरण बंद कर अपने ब्रांड की दवाओं का विपणन आरंभ किया। 2007 में भारत में और 2009 में सूमी, यूक्रेन में अपना फार्मा प्लांट स्थापित किया।

कुसुम समूह 50 से अधिक जेनेरिक दवाएं बनाता है और यूक्रेन के अलावा उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान और फिलीपींस समेत कई देशों में अपने उत्पाद बेचता है। यह हमला भारतीय व्यावसायिक हितों पर युद्ध के प्रत्यक्ष असर का एक नया उदाहरण है।

आगे क्या होगा

यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, हताहतों की संख्या की अंतिम पुष्टि अभी बाकी है। जेलेंस्की ने स्पष्ट किया है कि यूक्रेन को अंतरराष्ट्रीय समर्थन की सख्त जरूरत है और रूस की बढ़ती आक्रामकता के मद्देनजर पश्चिमी देशों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। कुसुम समूह की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारतीय नागरिकों और कंपनियों के हित दोनों ओर से दांव पर लग रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब रूस ने हफ्तेभर में 1,900 से अधिक ड्रोन दागे हों और पश्चिमी देश अरबों यूरो की मदद दे रहे हों — भारत की चुप्पी की अपनी कूटनीतिक कीमत है। कुसुम जैसी छोटी भारतीय कंपनियों के लिए यह युद्ध केवल भू राजनीति नहीं, बल्कि अस्तित्व का प्रश्न बन चुका है।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूमी में कुसुम फार्मा प्लांट पर हमला कब और कैसे हुआ?
4 अक्टूबर 2026 की सुबह यूक्रेन के सूमी में भारतीय कुसुम समूह के फार्मास्युटिकल प्लांट पर रूसी ड्रोन से हमला हुआ। हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई, कई घायल हुए और प्लांट की मुख्य संरचना को भारी नुकसान पहुंचा।
भारतीय कुसुम समूह यूक्रेन में क्या करता है?
कुसुम समूह ने 1994 में यूक्रेन में भारतीय दवाओं के वितरक के रूप में काम शुरू किया था। 2009 में सूमी में अपना फार्मा प्लांट स्थापित किया और अब 50 से अधिक जेनेरिक दवाएं बनाता है, जो यूक्रेन, उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान और फिलीपींस में बेची जाती हैं।
जेलेंस्की ने हमले के बारे में क्या कहा?
राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने एक्स पर लिखा कि रूस ने कीव के पिवनिच्नी ब्रिज और सूमी के फार्मास्युटिकल गोदाम को ड्रोन से निशाना बनाया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई। उन्होंने बताया कि रातभर 135 हमलावर ड्रोन दागे गए और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रूस को जवाबदेह ठहराने की अपील की।
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का कीव दौरा इस हमले से कैसे जुड़ा?
हमले के दिन ही जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने अचानक कीव का दौरा किया और यूक्रेन के प्रति एकजुटता जताते हुए 1.3 अरब यूरो के सहायता पैकेज की घोषणा की। यह दौरा तब हुआ जब रूस ने यूक्रेन पर व्यापक ड्रोन और मिसाइल हमले किए।
इस सप्ताह रूस ने यूक्रेन पर कितने हमले किए?
जेलेंस्की के अनुसार, अकेले इस सप्ताह रूस ने यूक्रेन पर 1,900 से अधिक हमलावर ड्रोन, 1,700 हवाई बम और 25 मिसाइलें दागी हैं। इन हमलों में खार्किव, कीव, ड्निप्रो, डोनेट्स्क, सूमी और जापोरिज्जिया क्षेत्र प्रभावित हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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