जुरासिक पार्क स्टार सैम नील का 78 वर्ष की आयु में सिडनी में निधन, न्यूजीलैंड-ऑस्ट्रेलिया के PM ने जताया शोक
सारांश
मुख्य बातें
न्यूजीलैंड के दिग्गज अभिनेता सैम नील का 13 जुलाई 2026 को सिडनी के सेंट विंसेंट प्राइवेट हॉस्पिटल में 78 वर्ष की आयु में निधन हो गया। 'जुरासिक पार्क' और 'पीकी ब्लाइंडर्स' जैसी विश्वप्रसिद्ध फिल्मों और श्रृंखलाओं से वैश्विक पहचान बनाने वाले नील के निधन पर न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्रियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। परिवार ने बताया कि उनका निधन अचानक हुआ और वे अपने परिजनों के बीच उसी गरिमा के साथ विदा हुए जो उनकी पूरी जिंदगी की पहचान रही।
नेताओं की श्रद्धांजलि
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने एक्स पर लिखा, 'सर सैम नील महान लोगों में से एक थे। उन्होंने तब शुरुआत की थी जब इस देश में मुश्किल से ही कोई फिल्म उद्योग था। पचास से ज्यादा सालों तक वे न्यूजीलैंड की कहानियों को दुनिया तक ले गए और उनके टैलेंट ने हमारी फिल्म इंडस्ट्री को आज जैसा बनाया है, हमारे सबसे बड़े कल्चरल एक्सपोर्ट में से एक। उनके काम को हम सभी बहुत बाद तक देखेंगे और पसंद करेंगे। आज रात हमारी दुआएं उनके परिवार और दोस्तों के साथ हैं।'
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी एक्स पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा, 'सैम नील ने कई पसंदीदा ऑस्ट्रेलियाई कहानियों में काम किया और ऑस्ट्रेलियाई दिलों में एक खास जगह बनाई। सैम ने बीमारी से उसी गरिमा, हास्य और विश्वास के साथ लड़ाई लड़ी जिसने उनकी हर परफॉरमेंस को शक्ति दी। उन्हें लंबे समय तक याद किया जाएगा।'
परिवार का बयान
अभिनेता के इंस्टाग्राम पेज पर परिवार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह नुकसान अचानक हुआ और किसी को इसकी उम्मीद नहीं थी। बयान में माओरी शब्द का उपयोग करते हुए उनके विस्तृत परिवार और समुदाय के साथ एकजुटता जताई गई। परिवार ने सेंट विंसेंट प्राइवेट हॉस्पिटल के स्टाफ का उनकी देखभाल के लिए विशेष आभार व्यक्त किया और लोगों से निजता का सम्मान करने की अपील की।
बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि 'अच्छी बात यह थी कि सैम कैंसर से मुक्त रहे।' गौरतलब है कि नील एक दुर्लभ और आक्रामक प्रकार के ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे, और अप्रैल 2026 में उन्होंने स्वयं जानकारी दी थी कि वे कैंसर से मुक्त हो गए हैं।
करियर की झलकियाँ
सैम नील का जन्म 14 सितंबर 1947 को उत्तरी आयरलैंड में हुआ था। उन्होंने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत से पहले लगभग 6 वर्षों तक न्यूजीलैंड नेशनल फिल्म यूनिट में निर्देशक, संपादक और पटकथा लेखक के रूप में काम किया।
1977 में न्यूजीलैंड की फिल्म 'स्लीपिंग डॉग्स' से उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली। 1979 में 'माई ब्रिलियंट करियर' ने उन्हें रोमांटिक अभिनेता के रूप में स्थापित किया। परंतु असली वैश्विक ख्याति 1993 में स्टीवन स्पीलबर्ग की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'जुरासिक पार्क' में डॉ. एलन ग्रांट की भूमिका से मिली, जिसने उनके करियर को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया।
विरासत और प्रभाव
पाँच दशकों से अधिक के करियर में नील ने न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया दोनों देशों की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री लक्सन के अनुसार, नील न्यूजीलैंड के 'सबसे बड़े कल्चरल एक्सपोर्ट' में से एक थे। उनका निधन दोनों देशों की फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक अपूरणीय क्षति है और उनकी फिल्मों की विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।