डेरा इस्माइल खान में धारा 144 लागू, 11 नवंबर तक रैलियाँ-जुलूस प्रतिबंधित; KP में गवर्नर शासन की पृष्ठभूमि
सारांश
मुख्य बातें
खैबर पख्तूनख्वा (KP) के डेरा इस्माइल खान जिले में स्थानीय प्रशासन ने 14 अक्टूबर 2026 को आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 लागू कर दी है, जो 11 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। इस आदेश के तहत सार्वजनिक रैलियाँ, जुलूस, जमावड़े और मोटरसाइकिल पर पीछे की सीट पर सवारी प्रतिबंधित कर दी गई है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पाकिस्तान की संघीय सरकार ने खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल और गवर्नर शासन लागू किया हुआ है।
मुख्य प्रतिबंध और आदेश के प्रावधान
जिला प्रशासन ने डेरा इस्माइल खान के जिला पुलिस अधिकारी (DPO) के अनुरोध पर यह आदेश जारी किया। DPO ने मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति और सार्वजनिक सभाओं से आवश्यक सेवाओं व यातायात पर संभावित व्यवधान का हवाला दिया।
आदेश के अनुसार, सार्वजनिक सड़कों, राजमार्गों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर टेंट, अस्थायी ढाँचे और रुकावटें खड़ी करना भी प्रतिबंधित है। इसके अलावा हथियार प्रदर्शन और उन्हें अपने कब्जे में रखना भी मना किया गया है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि: गवर्नर शासन और PTI का विरोध
यह आदेश 11 अक्टूबर 2026 को पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की कैबिनेट की सिफारिशों पर खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल को मंजूरी देने के बाद आया है। इस निर्णय से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेतृत्व वाली प्रांतीय सरकार निलंबित कर दी गई और प्रांत में गवर्नर शासन लागू किया गया।
पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' की रिपोर्टों के अनुसार, यह फैसला ऐसे समय में लिया गया जब PTI इमरान खान की रिहाई की माँग को लेकर बड़े विरोध प्रदर्शनों की तैयारी कर रही थी।
PTI की प्रतिक्रिया: 'तख्तापलट' का आरोप
PTI प्रवक्ता ज़ुल्फिकार बुखारी ने खैबर पख्तूनख्वा में गवर्नर शासन लागू करने के फैसले की कड़ी निंदा की। बुखारी ने इसे 'आपातकाल की आड़ में तख्तापलट' करार दिया और संघीय सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर करने का आरोप लगाया।
गौरतलब है कि खैबर पख्तूनख्वा PTI का परंपरागत गढ़ रहा है और प्रांत में पार्टी की सरकार को बर्खास्त करने का यह कदम पाकिस्तानी राजनीति में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।
सुरक्षा बलों की तैनाती
संघीय सरकार ने खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा बलों की तैनाती की भी घोषणा की है। आलोचकों का कहना है कि ये उपाय विरोध प्रदर्शनों को दबाने के उद्देश्य से उठाए जा रहे हैं, जबकि सरकार का कहना है कि ये कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनिवार्य हैं।
आगे क्या होगा
धारा 144 11 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी। PTI ने अपना विरोध जारी रखने के संकेत दिए हैं, ऐसे में आने वाले हफ्तों में खैबर पख्तूनख्वा और विशेष रूप से डेरा इस्माइल खान में राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है। पाकिस्तान में गवर्नर शासन और आपातकाल के संवैधानिक निहितार्थों पर भी क़ानूनी बहस तेज हो सकती है।