शांगहाई में 48वीं विश्व कौशल प्रतियोगिता संपन्न, चीन ने 41 स्वर्ण सहित जीती पदक तालिका
सारांश
मुख्य बातें
48वीं विश्व कौशल प्रतियोगिता का 27 सितंबर 2026 की रात पूर्वी चीन के शांगहाई शहर में सफलतापूर्वक समापन हुआ, जिसमें 68 देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने 64 स्पर्धाओं में भाग लिया। समापन समारोह में सीपीसी केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य एवं सीपीसी शांगहाई नगर समिति के सचिव छन चिनिंग तथा राज्य पार्षद शन यिछिन उपस्थित रहे।
मुख्य घटनाक्रम
समापन समारोह में 64 प्रतियोगिता स्पर्धाओं के स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेताओं की घोषणा की गई। इसके साथ ही उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त प्रतिभागियों और सभी 68 प्रतिनिधिमंडलों के सर्वश्रेष्ठ प्रतियोगियों को सम्मानित किया गया।
नृत्य और गीत प्रस्तुतियों से सजे इस भव्य समारोह में वर्ल्ड स्किल्स इंटरनेशनल के ध्वज का औपचारिक हस्तांतरण भी किया गया, जो अगले आयोजन की परंपरागत शुरुआत का प्रतीक है।
चीन का ऐतिहासिक प्रदर्शन
चीनी प्रतिनिधिमंडल ने सभी 64 स्पर्धाओं में भाग लिया और 41 स्वर्ण, 11 रजत तथा 4 कांस्य पदक के साथ 6 उत्कृष्टता पुरस्कार अपने नाम किए। इस प्रदर्शन के आधार पर चीन स्वर्ण पदक तालिका, कुल पदक तालिका और समग्र टीम स्कोर — तीनों में प्रथम स्थान पर रहा।
आयोजकों के अनुसार यह विश्व कौशल प्रतियोगिता के इतिहास में चीन का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है, जिसने देश के पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए।
फ्रांसिस्को अल्बर्ट विडाल पुरस्कार
रेल वाहन प्रौद्योगिकी श्रेणी में शानदार प्रदर्शन करने वाली चीनी प्रतियोगी हे श्याओमान ने इस प्रतियोगिता में सर्वाधिक अंक अर्जित करते हुए प्रतिष्ठित फ्रांसिस्को अल्बर्ट विडाल पुरस्कार जीता। गौरतलब है कि फ्रांसिस्को अल्बर्ट विडाल को 'विश्व कौशल का जनक' माना जाता है और विश्व कौशल प्रतियोगिता एवं इसके अंतर्राष्ट्रीय संगठन की स्थापना में उनका महत्वपूर्ण ऐतिहासिक योगदान रहा है।
आयोजन की पृष्ठभूमि
'कौशल दुनिया को बदलते हैं, कौशल भविष्य को रोशन करते हैं' विषय पर आधारित इस प्रतियोगिता का संयुक्त आयोजन वर्ल्ड स्किल्स इंटरनेशनल, चीनी मानव संसाधन एवं सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय और शांगहाई नगर जन सरकार ने किया। प्रतियोगिता के साथ-साथ विश्व कौशल कांग्रेस और विश्व कौशल एक्सपो का भी आयोजन किया गया।
अगला आयोजन
अब 49वीं विश्व कौशल प्रतियोगिता वर्ष 2028 में जापान के आइची प्रांत में आयोजित होगी। ध्वज हस्तांतरण के साथ इस नए अध्याय की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है और वैश्विक कौशल समुदाय की निगाहें अब आइची पर टिक गई हैं।