48वीं विश्व कौशल प्रतियोगिता: 74 देशों के 1,400 से अधिक प्रतियोगी, शांगहाई में सितंबर में होगा आयोजन
सारांश
मुख्य बातें
48वीं विश्व कौशल प्रतियोगिता के लिए अब तक लगभग 5,900 लोगों ने पूर्व-पंजीकरण करा लिया है, जिनमें 74 देशों और क्षेत्रों के 1,400 से अधिक प्रतियोगी शामिल हैं। यह जानकारी पेइचिंग में आयोजित एक आधिकारिक स्वागत समारोह में सामने आई। यह प्रतियोगिता 22 से 27 सितंबर 2025 के बीच शांगहाई में आयोजित की जाएगी।
स्वागत समारोह में क्या हुआ
पेइचिंग में आयोजित इस स्वागत समारोह में चीन के मानव संसाधन और सामाजिक सुरक्षा मंत्री वांग श्याओफिंग ने विश्वभर के कुशल युवाओं को शांगहाई आने और इस प्रतिष्ठित कौशल कार्यक्रम में भाग लेने का आमंत्रण दिया। उन्होंने इसे दुनिया के युवा कारीगरों और तकनीकी प्रतिभाओं के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया।
बैठक में कई विदेशी प्रतिनिधियों ने इस प्रतियोगिता को एक मंच के रूप में उपयोग करते हुए चीन के साथ कौशल सहयोग को और मज़बूत करने की इच्छा जताई।
वर्ल्डस्किल्स इंटरनेशनल का आकलन
वर्ल्डस्किल्स इंटरनेशनल के अध्यक्ष उहान ने कहा कि चीन वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता के मूल उद्देश्य को प्रभावी ढंग से पूरा कर रहा है। उन्होंने कहा कि चीन की व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण प्रणाली में अंतरराष्ट्रीय कौशल मानकों को एकीकृत किया जा रहा है, जिससे कुशल प्रतिभाओं के विकास की नींव लगातार मज़बूत हो रही है।
उहान के अनुसार, चीन विभिन्न प्रकार के कुशल कर्मियों के विकास को व्यापक रूप से बढ़ावा दे रहा है और इस प्रकार एक कुशल राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
आम जनता और युवाओं पर असर
यह प्रतियोगिता तकनीकी और व्यावसायिक कौशल को वैश्विक मंच पर मान्यता दिलाने का एक प्रमुख माध्यम है। 74 देशों की भागीदारी यह दर्शाती है कि कौशल-आधारित शिक्षा अब केवल औद्योगिक राष्ट्रों तक सीमित नहीं रही — विकासशील देशों के युवा भी इस वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी जगह बना रहे हैं। गौरतलब है कि इस प्रतियोगिता में भारत सहित एशिया के कई देशों के प्रतियोगी भाग लेते रहे हैं।
आगे क्या होगा
प्रतियोगिता 22 सितंबर 2025 से शांगहाई में शुरू होगी और 27 सितंबर तक चलेगी। पंजीकरण की संख्या और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को देखते हुए यह आयोजन अब तक के सबसे बड़े वर्ल्डस्किल्स संस्करणों में से एक हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मंच से उभरने वाली प्रतिभाएँ अपने-अपने देशों में व्यावसायिक शिक्षा को नई दिशा देंगी।