क्या दक्षिण चीन के स्कूल में नोरोवायरस संक्रमण से 100 से ज्यादा छात्र बीमार हुए?

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क्या दक्षिण चीन के स्कूल में नोरोवायरस संक्रमण से 100 से ज्यादा छात्र बीमार हुए?

सारांश

दक्षिण चीन के फोशान शहर के एक सीनियर हाई स्कूल में नोरोवायरस के कारण 103 छात्र बीमार हुए हैं, हालांकि सभी की हालत स्थिर है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में रखा है। जानें नोरोवायरस के बारे में और इससे बचाव के उपाय।

Key Takeaways

  • नोरोवायरस से संक्रमित छात्रों की संख्या 103 है।
  • किसी भी छात्र की हालत गंभीर नहीं है।
  • स्कूल परिसर को कीटाणुरहित किया गया है।
  • नोरोवायरस का प्रकोप अक्टूबर से मार्च के बीच अधिक रहता है।
  • यह वायरस तेजी से फैलता है और हर साल लाखों लोगों को प्रभावित करता है।

नई दिल्ली, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दक्षिणी चीन के गुआंग्डोंग प्रांत के फोशान शहर में स्थित एक सीनियर हाई स्कूल के 103 छात्र नोरोवायरस से संक्रमित पाए गए हैं। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। सुखदायक बात यह है कि इनमें से किसी भी छात्र की हालत गंभीर नहीं है और न ही किसी की मौत हुई है।

नोरोवायरस एक सामान्य वायरस है जो तीव्र पेट की बीमारी (गैस्ट्रोएंटेराइटिस) का कारण बनता है। इससे संक्रमित होने पर आमतौर पर उल्टी और दस्त की शिकायत होती है। शिंगहुई मिडिल स्कूल के ये छात्र हाल ही में बीमार पड़े थे और प्रारंभिक जांच में उनकी बीमारी का कारण नोरोवायरस संक्रमण ही पाया गया।

सभी 103 छात्रों की स्थिति अब स्थिर है। स्कूल परिसर को पूरी तरह से कीटाणुरहित किया गया है। छात्रों की सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है और उनकी उपस्थिति की नियमित जांच की जा रही है। एक एपिडेमियोलॉजिकल सर्वे भी चल रहा है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, गुआंग्डोंग प्रांत के रोग नियंत्रण विभाग ने जानकारी दी कि यहां हर साल अक्टूबर से अगले साल मार्च तक नोरोवायरस का प्रकोप अधिक रहता है।

नोरोवायरस वायरस का एक समूह है जो तेज उल्टी और दस्त का कारण बनता है। यह बीमारी बहुत आम है और तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती है। ठंडे महीनों में इसके फैलने की संभावना ज्यादा रहती है। अमेरिका में इसे भोजन से फैलने वाली बीमारियों का सबसे बड़ा कारण माना जाता है।

अनुमान है कि सालाना 685 मिलियन नोरोवायरस के मामले देखे जाते हैं, जिनमें 5 साल से कम उम्र के बच्चों में 200 मिलियन मामले शामिल हैं। यह बीमारी हर साल करीब 2 लाख लोगों की जान लेती है, जिनमें लगभग 50 हजार बच्चे शामिल हैं। इसका असर सबसे ज्यादा गरीब देशों में देखा जाता है। स्वास्थ्य देखभाल लागत और आर्थिक नुकसान के परिणामस्वरूप नोरोवायरस की वैश्विक लागत $60 बिलियन होने का अनुमान है।

नोरोवायरस का पहला बड़ा प्रकोप वर्ष 1968 में अमेरिका के नॉरवॉक शहर के एक स्कूल में सामने आया था। इसी वजह से इस वायरस की पहली पहचान “नॉरवॉक वायरस” के नाम से हुई।

नोरोवायरस पेट की बीमारी पैदा करता है, जिसे कई लोग गलत तरीके से “पेट का फ्लू” कह देते हैं, जबकि असली फ्लू सांस से जुड़ी बीमारी होती है, पेट से नहीं।

आमतौर पर भूमध्य रेखा के ऊपर वाले देशों में नोरोवायरस का प्रकोप नवंबर से अप्रैल के बीच ज्यादा होता है, जबकि भूमध्य रेखा के नीचे वाले देशों में यह अप्रैल से सितंबर के बीच फैलता है। वहीं, जो देश भूमध्य रेखा के आसपास स्थित हैं, वहां इसके फैलने का कोई तय मौसम नहीं होता।

Point of View

NationPress
17/01/2026

Frequently Asked Questions

नोरोवायरस क्या है?
नोरोवायरस एक सामान्य वायरस है जो तीव्र पेट की बीमारी (गैस्ट्रोएंटेराइटिस) का कारण बनता है।
नोरोवायरस के लक्षण क्या हैं?
नोरोवायरस संक्रमण के लक्षणों में उल्टी, दस्त, और पेट दर्द शामिल हैं।
नोरोवायरस कैसे फैलता है?
यह वायरस संक्रमित व्यक्ति से सीधे संपर्क या दूषित खाद्य पदार्थों के माध्यम से फैलता है।
नोरोवायरस का उपचार क्या है?
नोरोवायरस का कोई विशेष उपचार नहीं है, लेकिन लक्षणों को प्रबंधित करने के लिए तरल पदार्थ का सेवन महत्वपूर्ण है।
क्या नोरोवायरस संक्रामक है?
हाँ, नोरोवायरस अत्यधिक संक्रामक है और इसे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तेजी से फैलने के लिए जाना जाता है।
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