क्या दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने बदलते माहौल में जापान के साथ अपने रिश्तों को बताया 'बेहद अहम'?

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क्या दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने बदलते माहौल में जापान के साथ अपने रिश्तों को बताया 'बेहद अहम'?

सारांश

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची के साथ बैठक में कहा कि जटिल वैश्विक परिदृश्य के कारण कोरिया और जापान के बीच सहयोग की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। दोनों देशों को मिलकर काम करने की जरूरत है।

Key Takeaways

  • सहयोग की आवश्यकता बढ़ी है।
  • भविष्य के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण।
  • शटल डिप्लोमेसी का कार्यान्वयन।
  • क्षेत्रीय स्थिरता में सहयोग।
  • वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए एकजुटता।

नारा, १३ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने मंगलवार को जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची से कहा कि जटिल और तेजी से बदलते अंतर्राष्ट्रीय माहौल को देखते हुए, दोनों देशों के बीच सहयोग पहले से कहीं ज्यादा आवश्यक है।

ली ने ताकाइची के साथ शिखर वार्ता की शुरुआत में ये बातें कहीं। उन्होंने जापान के कोरियाई प्रायद्वीप पर कब्जे के दर्दनाक अतीत को भुला, दोनों देशों से बेहतर भविष्य की ओर कदम बढ़ाने का आग्रह किया।

योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ली ने कहा, "एक जटिल और चौंकाने वाली अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के बीच, मेरा मानना है कि कोरिया और जापान के बीच सहयोग पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है।"

ली ने इस महीने की शुरुआत में बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ शिखर वार्ता की थी। यह वार्ता ऐसे समय में हुई थी जब ताइवान पर ताकाइची की टिप्पणियों को लेकर बीजिंग और टोक्यो के बीच तनाव बढ़ रहा था।

ली ने कहा कि दक्षिण कोरिया और जापान ने राजनयिक संबंध सामान्य होने के बाद पिछले ६० वर्षों में अपने रिश्तों को सुधारने की दिशा में काम किया है।

ताकाइची ने कहा कि वह क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए ली के साथ मिलकर काम करेंगी, और उम्मीद जताई कि उनकी यात्रा सोल-टोक्यो संबंधों को और बेहतर बनाने में मदद करेगी।

ली ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अर्थव्यवस्था, समाज, संस्कृति और लोगों के बीच सहयोग बढ़ाने की उम्मीद जताई।

उन्होंने कहा, "भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ रही है, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में बहुपक्षवाद की परीक्षा हो रही है, और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के भीतर आपसी निर्भरता को हथियार बनाया जा रहा है।"

उन्होंने आगे कहा, "सामने आने वाली गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए, मुझे उम्मीद है कि दोनों देश आपसी विश्वास के आधार पर एक-दूसरे का साथ निभाएंगे।"

ली संबंधों में सुधार की गति को बनाए रखने के उद्देश्य से "शटल डिप्लोमेसी" पर कार्यरत हैं। नेतृत्व-स्तरीय यात्रा के हिस्से के रूप में वो नारा पहुंचे।

इससे पहले दोनों नेताओं ने अक्टूबर के अंत में ग्योंगजू में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग फोरम के मौके पर शिखर वार्ता की थी और नवंबर में दक्षिण अफ्रीका में ग्रुप ऑफ 20 नेताओं की बैठक के दौरान एक संक्षिप्त मुलाकात की थी।

Point of View

बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। यदि दोनों देश एक-दूसरे के साथ मिलकर कार्य करते हैं, तो यह न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेगा।
NationPress
07/03/2026

Frequently Asked Questions

दक्षिण कोरिया और जापान के बीच संबंध कैसे हैं?
दक्षिण कोरिया और जापान के बीच संबंध जटिल हैं, लेकिन हाल के वर्षों में दोनों देशों ने अपने संबंधों को सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
ली जे म्युंग का जापान यात्रा का उद्देश्य क्या है?
ली जे म्युंग का जापान यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय स्थिरता को सुनिश्चित करना है।
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