बोरिस जॉनसन का ट्रंप पर पलटवार: तेल संकट के लिए जेलेंस्की नहीं, होर्मुज स्ट्रेट है असली वजह
सारांश
मुख्य बातें
यूनाइटेड किंगडम के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने 11 अक्टूबर 2026 को वैश्विक तेल संकट के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को जिम्मेदार ठहराने वाले अमेरिकी बयान को 'पूरी तरह बेतुका' करार दिया और रूस पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने के फैसले की कड़ी आलोचना की। जॉनसन ने स्पष्ट किया कि तेल की कीमतों में उछाल की असली वजह होर्मुज स्ट्रेट का बंद होना है, न कि यूक्रेन की कोई कार्रवाई।
एक्स पर जॉनसन का सीधा हमला
जॉनसन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'अमेरिका की ओर से रूसी ईंधन पर लगे प्रतिबंधों में ढील देना बेहद परेशान करने वाला है। यह कहना भी पूरी तरह बेतुका लगता है कि ईंधन की बढ़ती कीमतों के लिए यूक्रेन जिम्मेदार है, जबकि कीमतों में उछाल साफ तौर पर होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के बाद शुरू हुआ था।'
उन्होंने यह भी लिखा, 'पुतिन की सेना हर दिन यूक्रेन के निर्दोष नागरिकों की जान ले रही है। यूक्रेनी लोग अपने अस्तित्व और अपने देश की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं। इसके बावजूद ऐसा लगता है कि व्हाइट हाउस अमेरिकी वाहन चालकों से ऐसे फैसलों की कीमत चुकवाना चाहता है, जिससे पुतिन के युद्ध अभियान को आर्थिक मदद मिल सकती है। मुझे नहीं लगता कि यह रणनीति सफल होगी और न ही इससे ईंधन की कीमतों में कोई बड़ा फर्क पड़ेगा।'
युद्ध समाप्ति ही असली समाधान: जॉनसन
जॉनसन ने अपने रुख को और स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि रूसी तेल और गैस को फिर से वैश्विक बाजार में सामान्य रूप से वापस लाना है, तो सबसे पहले इस युद्ध को समाप्त करना होगा। उनके अनुसार इसका एकमात्र रास्ता एक स्वतंत्र, संप्रभु और स्वायत्त यूक्रेन को सुनिश्चित करने से होकर जाता है। यह बयान यूक्रेन के प्रति पश्चिमी समर्थन को लेकर चल रही व्यापक बहस के बीच आया है।
ट्रंप-पुतिन डील और जेलेंस्की पर निशाना
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ तीन लाख टन से अधिक डीजल की आपूर्ति को लेकर एक समझौते के बाद जेलेंस्की पर वैश्विक तेल समस्या का ठीकरा फोड़ा। सीबीएस न्यूज के अनुसार, ट्रंप ने यूक्रेन द्वारा रूस की डीजल रिफाइनरियों को निशाना बनाने पर नाराजगी जताते हुए कहा, 'जेलेंस्की जो चाहे कर सकते हैं लेकिन वह यह नहीं कर सकते क्योंकि यह पूरी दुनिया की समस्या है।'
ट्रंप ने यहाँ तक कह दिया कि अब यूक्रेन को नया राष्ट्रपति मिलना चाहिए — एक ऐसा बयान जिसने पश्चिमी राजधानियों में हलचल मचा दी। ट्रंप ने यह भी कहा कि दुनिया इस समय डीजल रिफाइनिंग क्षमता की कमी जैसी गंभीर चुनौती का सामना कर रही है।
भू-राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजारों में भारी उथल-पुथल है और कच्चे तेल की कीमतें दबाव में हैं। जॉनसन का यह बयान यूक्रेन-रूस युद्ध में पश्चिमी नीति को लेकर बढ़ते मतभेदों को उजागर करता है — एक तरफ ट्रंप का रूस के साथ समझौते की ओर झुकाव, और दूसरी तरफ यूरोपीय नेताओं का यूक्रेन के साथ अडिग खड़े रहने का संकल्प। विश्लेषकों के अनुसार, रूसी ऊर्जा प्रतिबंधों में ढील देने से अल्पकालिक कीमतों पर सीमित असर पड़ सकता है, लेकिन दीर्घकालिक रूप से यह रूस के युद्ध वित्त को मजबूत कर सकता है।