फ्रांस में तिब्बती पहचान संरक्षण सप्ताह: पेरिस में 1,000+ लोगों का सांस्कृतिक मार्च
सारांश
मुख्य बातें
फ्रांस में तिब्बती समुदायों और संगठनों ने 21 से 27 सितंबर 2026 तक तिब्बती राष्ट्रीय पहचान संरक्षण सप्ताह मनाया, जिसका मुख्य उद्देश्य तिब्बती भाषा, संस्कृति, धर्म और परंपराओं के संरक्षण के प्रति जागरूकता को मज़बूत करना था। पेरिस में आयोजित इस सप्ताह भर के कार्यक्रम में सैकड़ों प्रवासी तिब्बती और उनके समर्थक शामिल हुए।
मुख्य घटनाक्रम
केंद्रीय तिब्बती प्रशासन द्वारा जारी बयान के अनुसार, 23 सितंबर को पगोडे डी विन्सेनेस में भिक्षुओं और स्थानीय समुदायों की उपस्थिति में पारंपरिक सांग-सोल (धूप अर्पण) समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर लगभग 400 लोग ल्हाकर उत्सव मनाने के लिए एकत्र हुए, जिसमें पारंपरिक तिब्बती भोजन, पारंपरिक परिधान, रस्साकशी, लोक खेल और गोरशे जैसे सांस्कृतिक खेलों में भागीदारी शामिल रही।
सितंबर के चौथे सप्ताह के शनिवार और रविवार को वीकेंड स्कूलों के छात्रों को तिब्बती संस्कृति, बौद्ध धर्म और तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा की जीवन-यात्रा से परिचित कराया गया। यह पहल भावी पीढ़ी में सांस्कृतिक जड़ें मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पेरिस में ऐतिहासिक सांस्कृतिक मार्च
27 सितंबर को पेरिस के प्लेस पास्देलूप से प्लेस डे ला बास्तील तक शांति और सांस्कृतिक जागरूकता मार्च निकाला गया। पेरिस के छह तिब्बती संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस मार्च में तिब्बत के विभिन्न क्षेत्रों की पारंपरिक वेशभूषा पहने 1,000 से अधिक लोग शामिल हुए।
गौरतलब है कि यह मार्च न केवल सांस्कृतिक उत्सव था, बल्कि प्रवासी तिब्बती समुदाय की एकजुटता और अपनी राष्ट्रीय पहचान के प्रति प्रतिबद्धता का भी प्रदर्शन था।
नेतृत्व का संबोधन और संदेश
मार्च के समापन पर फ्रांस में तिब्बती समुदाय के अध्यक्ष पेमा रिनचेन ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया और मार्च के उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। पेरिस में ब्यूरो डू तिब्बत के समन्वयक थुप्टेन त्सेरिंग ने केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के अध्यक्ष पेनपा त्सेरिंग का संदेश पढ़कर सुनाया, जिसमें सितंबर के चौथे सप्ताह को तिब्बती पहचान संरक्षण सप्ताह के रूप में मनाने के महत्व को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रदर्शनी और सामूहिक प्रार्थना सत्र भी आयोजित किए गए, जिनमें स्थानीय तिब्बतियों और उनके समर्थकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सोशल मीडिया और सांस्कृतिक प्रसार पर ज़ोर
पेरिस स्थित तिब्बत कार्यालय ने फ्रांस में रह रहे तिब्बतियों से काम, स्कूल और दैनिक गतिविधियों में तिब्बती भाषा के उपयोग, पारंपरिक तिब्बती भोजन ग्रहण करने और पारंपरिक परिधान पहनने का आग्रह किया। इसके साथ ही, सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए तिब्बती संस्कृति, पहचान और परंपराओं के बारे में वैश्विक जागरूकता फैलाने की भी अपील की गई।
आगे की राह
केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के बयान के अनुसार, इन सांस्कृतिक पहलों का दीर्घकालिक उद्देश्य वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों में तिब्बती भाषा, संस्कृति और राष्ट्रीय पहचान को जीवित रखना और सुदृढ़ करना है। यह ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में तिब्बती प्रवासी समुदाय अपनी सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए संगठित प्रयास तेज़ कर रहे हैं।