ट्रंप ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को बताया 'हीरो', फ्लाईदुबई हमले पर नेतन्याहू से की बात
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1 अक्टूबर 2026 को फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को 'हीरो' करार दिया — उस घटना के संदर्भ में जिसमें कथित तौर पर को पायलट ने उड़ान के दौरान कैप्टन पर चाकू से हमला किया था। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्होंने इस घटना की जानकारी इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से प्राप्त की, हालाँकि उन्होंने स्वयं यह भी स्वीकार किया कि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
घटनाक्रम: कॉकपिट में क्या हुआ
फ्लाईदुबई की यह उड़ान बुधवार को दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में हिंसक घटना हुई, जिसके बाद विमान को सऊदी अरब के ताबुक में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। घायल कैप्टन की पहचान भारतीय नागरिक स्मित मच्छार के रूप में की गई है।
ट्रंप ने बताया कि कथित हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी कैप्टन मच्छार कॉकपिट का स्टील का मज़बूत दरवाजा खोलने और मदद के लिए चिल्लाने में सफल रहे। ट्रंप ने कहा, "पायलट की हालत बहुत खराब थी और मुझे लगता है कि अब भी काफी खराब है। लेकिन, गंभीर हालत में भी उसने किसी तरह दरवाजा खोलने की सूझबूझ दिखाई। यह हैरान करने वाला था। वह एक हीरो है।"
यात्री की भूमिका और विमान का नियंत्रण
ट्रंप के मुताबिक, विमान के अगले हिस्से में बैठे एक इजरायली प्लंबर ने कॉकपिट से आती आवाज़ें सुनीं और वह अंदर पहुँचा। उस समय विमान कथित तौर पर अत्यंत तीव्र कोण पर नीचे की ओर जा रहा था। ट्रंप ने दावा किया कि विमान इतनी रफ्तार से नीचे गया कि उसके पिछले हिस्से का रडर टूट गया।
उस यात्री ने कथित हमलावर को सीट से खींचकर हटाया और बाकी यात्रियों ने मिलकर उसे काबू किया। ट्रंप के अनुसार, उस यात्री ने पहले कभी विमान नहीं उड़ाया था, लेकिन टेलीविजन कार्यक्रम 'एयर डिजास्टर्स' देखकर उसने विमान के बारे में कुछ बुनियादी जानकारी हासिल की थी, जिससे उसे नियंत्रण संभालने में मदद मिली। बाद में विमान में मौजूद अन्य पायलट और सुरक्षाकर्मी कॉकपिट में पहुँचे और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लिया।
ट्रंप की हेजिंग: 'सच्चाई की पुष्टि नहीं'
ट्रंप ने घटना का विस्तृत विवरण देने के साथ साथ कई बार यह भी रेखांकित किया कि यह जानकारी उन्हें नेतन्याहू से मिली है और वे इसकी सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, "अब, यही कहानी मैंने सुनी है। मुझे नहीं पता कि यह सच है या नहीं, लेकिन यही कहानी मुझे नेतन्याहू से मिली है।" को पायलट के मकसद के बारे में भी ट्रंप ने कोई निश्चित बयान नहीं दिया — जब उनसे पूछा गया कि क्या वह विमान को दुर्घटनाग्रस्त करना चाहता था, तो उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी पक्की जानकारी नहीं है।
ट्रंप के मुताबिक, को पायलट "शायद आतंकवादी था या शायद सनकी था" — यह भी एक अनिश्चित बयान था।
भारत के लिए क्या मायने रखती है यह घटना
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब विमानन सुरक्षा और कॉकपिट प्रोटोकॉल को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज है। एक भारतीय नागरिक का इस तरह की परिस्थिति में वीरतापूर्वक काम करना और अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा उनकी सराहना किए जाने से भारत की विमानन बिरादरी में गर्व की लहर है। गौरतलब है कि कैप्टन मच्छार की स्थिति अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
आगे यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि फ्लाईदुबई और संबंधित जाँच एजेंसियाँ इस घटना की आधिकारिक जाँच में क्या निष्कर्ष निकालती हैं और को पायलट के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।