क्या अमेरिका में ट्रंप के पहले साल में बाइडेन के पूरे कार्यकाल की तुलना में अधिक विदेशी हमले हुए?
सारांश
Key Takeaways
- ट्रंप के कार्यकाल में अधिक हवाई और ड्रोन हमले हुए।
- बाइडेन के कार्यकाल में तुलना में संख्या कम रही।
- अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की गति में वृद्धि हुई है।
- वैश्विक स्थिरता के लिए चिंता का विषय।
- नए संचालन में वेनेजुएला और नाइजीरिया शामिल हैं।
वॉशिंगटन, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के पहले साल में विदेशों में अधिक हमले किए गए हैं। एक नए सर्वेक्षण में कहा गया है कि ट्रंप के कार्यकाल में एयर और ड्रोन हमलों की संख्या जो बाइडेन के पूरे चार साल के कार्यकाल की तुलना में अधिक थी।
आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट लोकेशन एंड इवेंट डेटा प्रोजेक्ट (एसीएलईडी) के आंकड़ों के अनुसार, 20 जनवरी, 2025 से 5 जनवरी, 2026 के बीच अमेरिका ने 573 हवाई और ड्रोन हमले किए, जबकि बाइडेन के चार साल के कार्यकाल में 494 हमले हुए।
नॉन-प्रॉफिट कॉन्फ्लिक्ट वॉचडॉग ने बताया कि अमेरिका पिछले 12 महीनों में कम से कम नौ देशों में 1,008 विदेशी सैन्य घटनाओं में शामिल रहा, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 1,093 मौतें हुईं। जबकि बाइडेन के कार्यकाल में 1,648 घटनाओं में 1,518 मौतें हुईं।
एक रिपोर्ट में उल्लेखित किया गया है कि ट्रंप के शासन के दौरान हुई मौतों में कैरेबियन सागर और पूर्वी प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी मरीन द्वारा मारे गए कम से कम 110 कथित ड्रग तस्कर शामिल थे।
एसीएलईडी ने कहा कि पिछले साल 2025 के दौरान 80% से अधिक हमले यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ किए गए, जिनमें 530 से अधिक मौतें हुईं। वॉचडॉग ने अपने विश्लेषण में कहा कि ट्रंप के पहले साल के विदेशी हमले 'पहले हमला करो, बाद में सवाल पूछो' की रणनीति को दर्शाते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है, "आंकड़े दर्शाते हैं कि ट्रंप प्रशासन ने पहले प्रतिक्रिया के तौर पर तेज, उच्च-प्रभाव सैन्य कार्रवाई पर जोर दिया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में तेजी से और कम रुकावटों के साथ आगे बढ़ रहा है।"
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि एसीएलईडी के सीईओ क्लियोनाड रैले ने कहा, "अभी जो हम अमेरिका की विदेशी गतिविधियों में देख रहे हैं, वह न केवल इसकी गति के लिए, बल्कि इस बात के लिए भी चौंकाने वाली है कि यह कितनी खुले तौर पर चुनौती दे रहा है कि शक्ति को साझा नियमों से नियंत्रित किया जाना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि वेनेजुएला और नाइजीरिया जैसे देशों में हाल के ऑपरेशनों से स्पष्ट होता है कि यह तरीका कितनी जल्दी परिणाम दे सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अब ध्यान ग्रीनलैंड, कोलंबिया और क्यूबा जैसी जगहों पर जा सकता है।
रैले ने ट्रंप प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह इन क्षेत्रों को एक प्रबंधनीय समस्या के रूप में पेश कर रहे हैं। उनका कहना है कि इन्हें ऐसे क्षेत्रों की तरह दिखाया जा रहा है, जहां मौजूद संसाधनों पर नियंत्रण हासिल करना अमेरिका के लिए फायदेमंद हो सकता है।