ट्रंप का आदेश: 'लेक ओंटारियो' का नाम बदलकर 'लेक अमेरिका' होगा, 30 दिनों में प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 28 अगस्त 2026 को एक एक्जीक्यूटिव आदेश जारी कर संघीय सरकार को निर्देश दिया कि लेक ओंटारियो का आधिकारिक नाम बदलकर 'लेक अमेरिका' किया जाए। आदेश में ग्रेट लेक्स की सुरक्षा में अमेरिका की प्रमुख भूमिका और झील के व्यापक आर्थिक महत्व को इस निर्णय का आधार बताया गया है।
आदेश की मुख्य बातें
एक्जीक्यूटिव आदेश के तहत अमेरिकी आंतरिक मामलों के मंत्री को निर्देशित किया गया है कि वे फेडरल बोर्ड ऑन ज्योग्राफिक नेम्स के साथ समन्वय कर 30 दिनों के भीतर नाम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी करें। इसके साथ ही सभी सरकारी विभागों और संघीय एजेंसियों को नक्शों, अनुबंधों, दस्तावेजों और आधिकारिक संचार में 'लेक अमेरिका' नाम अपनाने का निर्देश भी जारी किया जाएगा।
यह आदेश केवल अमेरिकी संघीय सरकार के आधिकारिक उपयोग तक सीमित है। कनाडा, ओंटारियो प्रांत, अंतरराष्ट्रीय संगठनों या निजी नक्शा प्रदाताओं पर नया नाम अपनाने की कोई बाध्यता नहीं है।
ट्रंप का तर्क: अमेरिकी निवेश और संरक्षण
आदेश में ट्रंप ने कहा, 'संयुक्त राज्य अमेरिका ग्रेट लेक्स का सबसे बड़ा संरक्षक है, जिसमें वह जल क्षेत्र भी शामिल है जिसे फिलहाल लेक ओंटारियो कहा जाता है।' उन्होंने यह भी कहा कि यदि अमेरिका सुरक्षा और निवेश न करता, तो यह मीठे पानी की प्रणाली शिपिंग, मनोरंजन और जिम्मेदार उपयोग के लिए इतनी सुलभ नहीं होती।
ट्रंप ने दावा किया कि ग्रेट लेक्स क्षेत्र में संचालित 11 आइस-ब्रेकिंग जहाजों में से 9 अमेरिकी तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) चलाता है और व्यापारिक जहाजों के मार्ग बिना किसी शुल्क के खुले रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दस वर्षों में अमेरिका ने ग्रेट लेक्स के मीठे पानी के पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा पर लगभग 4 अरब डॉलर खर्च किए हैं। हालांकि, आदेश में कनाडा के निवेश से जुड़े तुलनात्मक आँकड़े नहीं दिए गए हैं।
ऐतिहासिक और आर्थिक संदर्भ
आदेश में लेक ओंटारियो को अमेरिकी खोज, बसावट, व्यापार और रक्षा इतिहास का अभिन्न हिस्सा बताया गया है। न्यूयॉर्क के ओस्वेगो शहर का उल्लेख किया गया है, जो ऐतिहासिक रूप से एक महत्वपूर्ण किला रहा है और सेंट लॉरेंस सीवे से आने वाले जहाजों के लिए अमेरिका का पहला बंदरगाह था। 1812 के युद्ध के दौरान सैकेट्स हार्बर में जहाज निर्माण और नौसैनिक अभियानों का भी जिक्र किया गया है।
व्हाइट हाउस के अनुसार, ग्रेट लेक्स-सेंट लॉरेंस सीवे प्रणाली अमेरिका में सैकड़ों हजार नौकरियों का समर्थन करती है और हर साल अरबों डॉलर की आर्थिक गतिविधि, माल ढुलाई और व्यापारिक आय उत्पन्न करती है। इस जलमार्ग से लौह अयस्क, चूना पत्थर, कोयला, कृषि उत्पाद और अन्य भारी माल की ढुलाई होती है। झील का पानी परमाणु, प्राकृतिक गैस और तेल से चलने वाले बिजली संयंत्रों में भी उपयोग होता है और आसपास के समुदायों को पेयजल उपलब्ध कराता है।
द्विपक्षीय जटिलता
गौरतलब है कि लेक ओंटारियो अमेरिका और कनाडा के बीच साझा झील है और दोनों देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमा इसी झील के बीच से गुजरती है। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-कनाडा संबंधों में पहले से ही व्यापार और संप्रभुता को लेकर तनाव बना हुआ है। चूंकि कनाडा पर इस आदेश की कोई बाध्यता नहीं है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झील का नाम विवादित रह सकता है।
ट्रंप ने कहा, 'यह झील अमेरिका के भविष्य और वैश्विक अर्थव्यवस्था को आकार देने में आगे भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी।' नाम परिवर्तन मौजूदा कानूनों और उपलब्ध बजट के अनुसार लागू किया जाएगा।