UNGA में ट्रंप का दमदार भाषण: राजदूत सर्जियो गोर बोले — 'अमेरिका पहले से ज़्यादा मज़बूत'
सारांश
मुख्य बातें
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भाषण को उनके सबसे प्रभावशाली संबोधनों में से एक बताया। गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ट्रंप का मुख्य संदेश यही था — 'अमेरिका वापस आ गया है और पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत है।'
राजदूत गोर का एक्स पोस्ट और ट्रंप से बातचीत
राजदूत सर्जियो गोर ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि संयुक्त राष्ट्र दौरे के समापन के बाद उनकी राष्ट्रपति ट्रंप से फोन पर सीधी बातचीत हुई। उन्होंने ट्रंप के शब्दों को उद्धृत करते हुए लिखा, 'जब दूसरे सिर्फ बातें कर रहे थे, तब मैंने काम करके दिखाया।' गोर के अनुसार, यह भाषण ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल के सबसे दमदार भाषणों में से एक रहा।
भाषण के प्रमुख विषय
राजदूत गोर ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने UNGA संबोधन में कई अहम मुद्दे उठाए। इनमें उन युद्धों का उल्लेख था जिन्हें खत्म कराने का दावा ट्रंप प्रशासन करता है। इसके अलावा ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र के बजट में कटौती और सुधार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अमेरिकी नेतृत्व, और ईरान के समक्ष एक स्पष्ट विकल्प रखने की बात कही।
ईरान को कड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को UNGA में दिए अपने संबोधन के दौरान तेहरान को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि ईरान वाशिंगटन के साथ समझौता करने में विफल रहता है, तो उसे 'नष्ट' किया जाएगा। ट्रंप ने ईरान के सामने एक द्विविकल्पीय स्थिति रखी — या तो समझौता करे और समृद्धि की राह पर चले, या फिर कहीं ज़्यादा कड़ी कार्रवाई का सामना करे।
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान संभवतः अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद समझौते पर सहमत हो जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे स्वयं इन चुनावों में उम्मीदवार नहीं हैं, परंतु रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे। ट्रंप का कहना था कि इससे यह सुनिश्चित होगा कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर पाए।
ट्रंप-शी जिनपिंग बैठक की पृष्ठभूमि
गोर ने यह भी बताया कि UNGA संबोधन के बाद एक और महत्वपूर्ण राजनयिक कदम आने वाला है — राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, व्हाइट हाउस में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मेजबानी करने जा रहे हैं। यह बैठक वैश्विक राजनयिक गतिविधियों के लिहाज़ से बेहद अहम मानी जा रही है।
क्या होगा आगे
ट्रंप के UNGA भाषण और ईरान को दी गई चेतावनी के बाद अब सभी की निगाहें मध्यावधि चुनावों के परिणाम और उसके बाद संभावित अमेरिका-ईरान वार्ता पर टिकी हैं। व्हाइट हाउस में ट्रंप-शी बैठक भी वैश्विक कूटनीति के परिप्रेक्ष्य में एक निर्णायक क्षण हो सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका एक साथ कई भू-राजनीतिक मोर्चों पर सक्रिय है।