ट्रंप की चेतावनी: कनाडा-EU समझौता अमेरिका विरोधी हुआ तो यूरोप पर लगेंगे भारी टैरिफ
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 16 सितंबर 2026 को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कनाडा और यूरोपीय संघ (EU) के बीच कोई ऐसी व्यवस्था बनती है जो अमेरिकी हितों के विरुद्ध हो, तो वाशिंगटन यूरोप पर भारी आयात शुल्क (टैरिफ) लगा सकता है — या कई क्षेत्रों में यूरोप के साथ व्यापार पर पूरी तरह रोक लगा सकता है। नॉर्थ कैरोलिना के शार्लेट हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने यह बयान दिया, हालाँकि उन्होंने किसी नए टैरिफ की घोषणा नहीं की।
क्या कहा ट्रंप ने
ट्रंप ने कहा, 'कनाडा व्यापार के मामले में एक बहुत खराब साझेदार रहा है। मुझे ऐसा होता नहीं दिखता। अगर वे ऐसा करते हैं और मुझे लगता है कि यह अमेरिका के खिलाफ कोई कदम है, तो मैं यूरोप पर बहुत गंभीर टैरिफ लगा दूँगा या कई चीजों में यूरोप के साथ व्यापार बंद कर दूँगा।'
जब उनसे पूछा गया कि क्या कनाडा EU का सहयोगी सदस्य बन सकता है, तो ट्रंप ने इस संभावना को व्यावहारिक रूप से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी प्रतिक्रिया इस बात पर निर्भर करेगी कि किसी संभावित व्यवस्था के पीछे मंशा अच्छी है या बुरी — हालाँकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे इसका आकलन कैसे करेंगे।
व्यापार घाटे पर ट्रंप की नीति
बातचीत के दौरान ट्रंप ने अमेरिकी व्यापार घाटे को लेकर अपनी नीति का बचाव करते हुए तर्क दिया कि यदि अमेरिका किसी ऐसे देश के साथ व्यापार समाप्त कर दे जिसके साथ उसका घाटा है, तो वह घाटा स्वतः खत्म हो जाएगा।
गौरतलब है कि ट्रंप ने न किन यूरोपीय उत्पादों पर शुल्क लगाने की बात की, न कोई समयसीमा दी, और न ही यह बताया कि ऐसे कदम का अमेरिकी कारोबारों या उपभोक्ताओं पर क्या असर पड़ सकता है। उनका बयान एक सशर्त चेतावनी के रूप में था, न कि किसी नीतिगत घोषणा के रूप में।
ईरान पर उम्मीद जताई
उसी बातचीत में ट्रंप ने ईरान के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि तेहरान एक समझौता करना चाहता है और उन्हें उम्मीद है कि चल रहा संघर्ष अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। हालाँकि, उन्होंने किसी संभावित समझौते की शर्तों या समयसीमा को लेकर कोई ब्यौरा नहीं दिया।
व्यापक संदर्भ
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापार तनाव पहले से ही ऊँचे स्तर पर हैं और कनाडा-अमेरिका संबंध भी टैरिफ विवादों के कारण जटिल बने हुए हैं। यह Nवीं ऐसी चेतावनी है जो ट्रंप ने प्रमुख व्यापारिक साझेदारों को दी है — एक ऐसी रणनीति जिसे वे वार्ता में दबाव बनाने के लिए लंबे समय से इस्तेमाल करते आए हैं।
आलोचकों का कहना है कि इस तरह की अनिश्चित चेतावनियाँ बाजारों में अस्थिरता पैदा करती हैं और सहयोगी देशों के साथ विश्वास को कमजोर करती हैं। अमेरिकी उद्योग जगत की नजरें अब EU और कनाडा की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।