ट्रंप का कनाडा पर कड़ा प्रहार: 'अमेरिका के बिना कनाडाई अर्थव्यवस्था नहीं टिकेगी'
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 26 अगस्त को कनाडा को अमेरिका का सबसे 'मुश्किल और गैर-तर्कसंगत' व्यापारिक साझेदार करार दिया और स्पष्ट चेतावनी दी कि अमेरिकी बाज़ार तक पहुँच के बिना कनाडा की अर्थव्यवस्था टिक नहीं सकती। व्हाइट हाउस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कनाडा दशकों से अमेरिका का फ़ायदा उठाता आया है और अब यह विशेष पहुँच समाप्त की जाएगी।
ट्रंप का बयान और व्हाइट हाउस का रुख
व्हाइट हाउस की ओर से जारी आधिकारिक बयान में ट्रंप ने कहा, 'कनाडा सबसे ज़्यादा मुश्किल और गैर-तर्कसंगत है। उन्हें लगता है कि वे इसके हकदार हैं, लेकिन वे अमेरिका का कोई राज्य नहीं हैं, और अब उन्हें यह विशेष अधिकार नहीं मिलेगा!' व्हाइट हाउस के अनुसार, यह तल्ख़ बयान उस समय आया जब कनाडा ने अमेरिकी उत्पादों पर जवाबी टैरिफ लगाने की घोषणा की।
व्हाइट हाउस ने यह भी बताया कि अमेरिका ने कनाडा को स्टील, एल्यूमीनियम, ऑटोमोबाइल और लकड़ी (लंबर) पर टैरिफ में बड़ी कटौती की पेशकश की थी, लेकिन कनाडा ने कथित तौर पर अनुचित मांगें रखीं, पहले दिए गए संकेतों से पीछे हट गया और प्रस्तावों को सीधे खारिज कर दिया।
व्यापारिक घाटे के आँकड़े और आर्थिक असंतुलन
ट्रंप प्रशासन के अनुसार, पिछले दस वर्षों में अमेरिका को कनाडा के साथ माल व्यापार में औसतन लगभग $50 अरब डॉलर का सालाना घाटा हुआ है। व्हाइट हाउस ने यह भी रेखांकित किया कि कनाडा अपने कुल वस्तु निर्यात का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा अमेरिकी बाज़ार में भेजता है।
गौरतलब है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था कनाडा की अर्थव्यवस्था से लगभग 13 गुना बड़ी है और अमेरिका की आबादी कनाडा से आठ गुना से भी अधिक है। इसी आधार पर व्हाइट हाउस ने दावा किया कि अमेरिका के पास आर्थिक दबाव बनाने की स्पष्ट क्षमता है।
अमेरिका ने यह भी आरोप लगाया कि कनाडा ने अमेरिकी वाहनों पर 25 प्रतिशत टैरिफ और कुछ कंपनियों के लिए विशेष कोटा लागू किए हैं, जिससे पिछले एक वर्ष में कनाडा को होने वाले अमेरिकी ऑटोमोबाइल निर्यात में 22 प्रतिशत की गिरावट आई है। अमेरिकी शराब निर्यात में तो एक साल में 81 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है।
डेयरी और अन्य क्षेत्रों में विवाद
डेयरी का मुद्दा भी दोनों देशों के बीच बड़े विवाद का केंद्र बना हुआ है। व्हाइट हाउस के अनुसार, कनाडा तय सीमा से अधिक आने वाले कुछ अमेरिकी डेयरी उत्पादों पर लगभग 300 प्रतिशत तक शुल्क लगाता है, जिससे अमेरिकी उत्पाद कनाडाई बाज़ार में व्यावहारिक रूप से प्रवेश नहीं कर पाते। अमेरिका ने आरोप लगाया कि व्यापार विवादों में कनाडा और चीन ही ऐसे देश हैं जिन्होंने बातचीत के बजाय जवाबी कदम उठाने का रास्ता चुना।
कनाडा की जवाबी कार्रवाई
कनाडा ने अमेरिका के इस रुख को पूरी तरह खारिज करते हुए घोषणा की कि वह नए अमेरिकी टैरिफ का जवाब 'डॉलर-फॉर-डॉलर, रेट-फॉर-रेट' के आधार पर देगा। 8 सितंबर से कनाडा अमेरिकी वस्तुओं पर 15, 25 और 50 प्रतिशत तक के टैरिफ लगाएगा, जो लगभग $27.6 अरब डॉलर मूल्य के आयात पर लागू होंगे।
प्रभावित क्षेत्रों में स्टील, डेयरी उत्पाद, घरेलू उपकरण, कृषि मशीनरी, पल्प और पेपर, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर और कपड़े शामिल हैं। कनाडाई सरकार ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ने ऐसे व्यापारिक प्रस्ताव रखे जो कनाडा के राष्ट्रीय हित में नहीं थे।
कनाडा के वित्त मंत्री फ्रांस्वा-फिलिप शैम्पेन ने कहा, 'जब अमेरिका बहुत ज़्यादा मांग रहा था और बदले में बहुत कम दे रहा था, तब हमने कनाडाई नागरिकों के हित में खड़े होने का फैसला किया।'
कनाडा का राहत पैकेज और आगे की राह
ओटावा ने व्यापार विवाद से प्रभावित कर्मचारियों और कारोबारों की मदद के लिए $7.5 अरब डॉलर के सहायता पैकेज की घोषणा की है। इस पैकेज में कंपनियों और कर्मचारियों के लिए वित्तीय सहायता, रोज़गार बनाए रखने के कार्यक्रम, प्रशिक्षण सहायता और व्यवसायों को नए बाज़ारों में विस्तार करने में मदद देने वाले निवेश शामिल हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और कनाडा दुनिया के सबसे बड़े द्विपक्षीय व्यापारिक साझेदारों में शामिल हैं और दोनों देशों के बीच यह तनाव वैश्विक व्यापार परिदृश्य को नई दिशा दे सकता है। आने वाले हफ्तों में दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक हलचल तेज होने की संभावना है।