टाइफून 'साउडेल' ने फुजियान तट पर तीसरी बार दी दस्तक, चीन में 2024 का 18वां तूफान
सारांश
मुख्य बातें
पूर्वी चीन के फुजियान प्रांत के तटीय इलाकों पर 3 सितंबर की सुबह करीब 6:30 बजे टाइफून 'साउडेल' ने तीसरी बार लैंडफॉल किया — इस बार झांगझोउ शहर के झांगपु काउंटी के तट पर। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान तूफान के केंद्र के निकट अधिकतम निरंतर हवा की गति 23 मीटर प्रति सेकंड दर्ज की गई। यह चीन में इस वर्ष का 18वाँ तूफान है।
लैंडफॉल का क्रम: तीन बार टकराया तूफान
28 अगस्त को टाइफून 'साउडेल' ने झेजियांग प्रांत के तट पर पहले दो बार दस्तक दी थी। पहली बार सुबह 8:05 बजे यह तट से टकराया, तब हवा की अधिकतम रफ्तार 35 मीटर प्रति सेकंड थी। महज एक घंटे बाद, सुबह 9:10 बजे, तूफान ने वेनझोउ शहर के तट पर दूसरी बार लैंडफॉल किया, जहाँ हवा की गति 33 मीटर प्रति सेकंड रही। इसके बाद तूफान दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए फुजियान पहुँचा और तीसरी बार तट से टकराया।
आपातकालीन तैयारी और निकासी
झेजियांग प्रांत ने 27 अगस्त को ही आपातकालीन प्रतिक्रिया स्तर को सर्वोच्च स्तर लेवल-1 पर ले जाया था। अधिकारियों ने समुद्र में किसी भी व्यक्ति, जहाज या गतिविधि को रोकने के लिए व्यापक कदम उठाए।
फुजियान प्रांत के बाढ़ नियंत्रण और सूखा राहत मुख्यालय के अनुसार, 28 अगस्त की सुबह 7 बजे तक लगभग 2,47,700 लोगों को जोखिम वाले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका था। इसके अतिरिक्त, 80,000 से अधिक आपातकालीन कर्मी और उतनी ही संख्या में उपकरण किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखे गए थे।
भू-वैज्ञानिक निगरानी और गश्त
टाइफून की तैयारी में झेजियांग ने व्यापक जोखिम निरीक्षण अभियान चलाया। 4,000 से अधिक निगरानी कर्मियों ने 7,200 से अधिक भू-वैज्ञानिक खतरों वाली संभावित जगहों पर 19,000 से अधिक बार गश्त की। जोखिम की सटीक पहचान के लिए 564 भू-वैज्ञानिक विशेषज्ञों को 73 काउंटियों में तैनात किया गया था।
राष्ट्रीय मौसम केंद्र की चेतावनी
चीन के राष्ट्रीय मौसम केंद्र ने 28 अगस्त की सुबह ही तूफान को लेकर चेतावनी जारी कर दी थी। मौसम विभाग के अनुसार, 'साउडेल' 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दक्षिण-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा था और धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना जताई गई थी।
आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब चीन का पूर्वी तटीय क्षेत्र हर वर्ष मानसून और टाइफून के मौसम में भारी दबाव झेलता है। तूफान के कमजोर पड़ने के बावजूद, अधिकारी बाढ़ और भू-स्खलन के जोखिम को लेकर सतर्क बने हुए हैं।