नरेला में प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद कुमार की गोली मारकर हत्या, जिम के बाहर तीन हमलावरों ने दिया वारदात को अंजाम
सारांश
मुख्य बातें
उत्तरी दिल्ली के नरेला इलाके में 3 सितंबर की सुबह करीब 7 बजे एक प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बांकनेर स्थित एक जिम के बाहर तीन अज्ञात हमलावरों ने 42 वर्षीय प्रमोद कुमार पर गोलियाँ चलाईं और मौके से फरार हो गए। प्रमोद ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
मृतक की पहचान और पृष्ठभूमि
मृतक प्रमोद कुमार हरियाणा के सोनीपत जिले के राई क्षेत्र के नाहरी गाँव के निवासी थे। वे मुकुल प्रॉपर्टी नामक कारोबार के संचालक थे और उनका मुकुल गार्डन नाम से एक बैंक्वेट हॉल भी गाँव में संचालित था। इलाके में प्रमोद की पहचान एक जाने-माने प्रॉपर्टी कारोबारी के रूप में थी।
घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुरुवार की सुबह प्रमोद कुमार जिम के बाहर मौजूद थे, तभी तीन हमलावरों ने उन पर गोलियाँ दागीं। हमलावर वारदात के तुरंत बाद मौके से भाग निकले। सूचना मिलते ही पुलिस दल घटनास्थल पर पहुँचा। स्थानीय निवासियों में इस हत्या को लेकर तीव्र आक्रोश देखा गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस जाँच और सीसीटीवी फुटेज
फिलहाल हत्या का कारण स्पष्ट नहीं है। पुलिस हमलावरों की पहचान के लिए इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। अधिकारियों के अनुसार, तीनों हमलावर अभी तक अज्ञात हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
रोहिणी हत्याकांड: भतीजी निकली मुख्य आरोपी
इससे अलग, दिल्ली के रोहिणी इलाके में हुई एक अन्य हत्या और लूट के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मृतक की पहचान करीब 60 वर्षीय राकेश खन्ना के रूप में हुई है। प्रारंभिक जाँच के अनुसार, मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे तीन लोग घर में घुसे, जबकि चौथा बाहर पहरा दे रहा था। आरोपियों ने 30 अगस्त को, यानी घटना से दो दिन पहले, घर की रेकी की थी। घर से करीब ₹1.5 लाख नकद और कुछ सोने के गहने लूटे गए।
गिरफ्तार तीन आरोपियों की पहचान सिमरन तनेजा, चिराग और पारस के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक 23 वर्षीय सिमरन तनेजा, जो मृतक राकेश खन्ना की भतीजी हैं, इस साजिश की मुख्य सूत्रधार के रूप में सामने आई हैं।
आगे क्या
नरेला हत्याकांड में पुलिस सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय गवाहों के बयानों के आधार पर हमलावरों तक पहुँचने की कोशिश कर रही है। जाँच अधिकारियों के अनुसार, हत्या के पीछे की मंशा — चाहे वह संपत्ति विवाद हो, रंजिश हो या कोई अन्य कारण — जल्द स्पष्ट होने की उम्मीद है।