नोएडा: चोरी के संदेह में युवक की पीट-पीटकर हत्या, पाँच आरोपी गिरफ्तार; पोस्टमार्टम से होगा खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के थाना फेस-1 क्षेत्र के हरौला गाँव में 31 अगस्त की रात चोरी के संदेह में एक युवक को इतनी बेरहमी से पीटा गया कि 1 सितंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में पाँच वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है।
कौन था पीड़ित और कैसे हुई घटना
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान प्रमोद कुमार राठौर (उम्र लगभग 27 वर्ष), निवासी संडीला, जनपद हरदोई के रूप में हुई है। 31 अगस्त को वह नौकरी की तलाश में नोएडा आया था। रात के समय वह हरौला, सेक्टर-5 स्थित एक किराये के मकान में दिखाई दिया।
आरोप है कि मकान में रह रहे लोगों ने जब उससे पहचान पूछी, तो वह घबरा गया। इसी घबराहट को आरोपियों ने चोरी का संकेत मान लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। पिटाई में प्रमोद गंभीर रूप से घायल हो गया।
अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
घटना के बाद परिचितों ने घायल प्रमोद को नोएडा सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल पहुँचाया, जहाँ चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया। हालत गंभीर होने के कारण इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। रात करीब दो बजे डायल-112 के माध्यम से पुलिस को मौत की सूचना मिली।
पुलिस का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर थाना फेस-1 पुलिस ने हरौला, सेक्टर-5 से पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
संतोष कुमार मंडल (30) और करण कुमार मंडल (23) — मूल निवासी सुपौल, बिहार; सुरेश मंडल (48) और रोनक कुमार मंडल (19) — मूल निवासी मधुबनी, बिहार; तथा निखिल उर्फ ब्रेवो (22) — मूल निवासी आरा, बिहार। इसके अलावा एक नाबालिग आरोपी को भी पुलिस हिरासत में लिया गया है। सभी आरोपी हरौला, सेक्टर-5 में किराये पर रह रहे थे।
पुलिस जाँच की स्थिति
थाना फेस-1 पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और मारपीट की पूरी परिस्थितियों की जाँच कर रही है। गौरतलब है कि यह मामला 'मॉब जस्टिस' की उस प्रवृत्ति को उजागर करता है जहाँ बिना किसी पुष्टि के महज संदेह के आधार पर किसी की जान ले ली जाती है।
आगे क्या होगा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जाँच के निष्कर्षों के आधार पर आरोपियों पर धाराएँ तय होंगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में किसी अन्य संलिप्त व्यक्ति की गिरफ्तारी से भी इनकार नहीं किया जा सकता। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की प्रक्रिया पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद और तेज होगी।