महामारी के खिलाफ वैश्विक एकजुटता ज़रूरी: यूएन महासचिव गुटेरेस की उच्चस्तरीय बैठक में अपील
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 26 सितंबर 2026 को महामारी तैयारी पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में स्पष्ट किया कि महामारियों की रोकथाम, उनसे निपटने की तैयारी और प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए पूरी दुनिया को एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी देश अकेले अपने नागरिकों को महामारियों के खतरे से नहीं बचा सकता। बैठक में गुटेरेस की ओर से संयुक्त राष्ट्र उप महासचिव अमीना मोहम्मद ने उनका भाषण पढ़ा।
कोविड-19 से सीखे गए सबक
गुटेरेस ने अपने संबोधन में कोविड-19 महामारी का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'कोविड-19 महामारी ने हमें सिखाया कि आपस में जुड़ी इस दुनिया में कोई भी देश अकेले खुद को सुरक्षित नहीं रख सकता। हमने यह सबक लोगों की जान और अर्थव्यवस्था को हुए भारी नुकसान के बाद सीखा।' यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब दुनिया के कई हिस्सों में नए संक्रामक रोगों के उभरने की आशंका लगातार बनी हुई है।
वैश्विक तैयारी के लिए ज़रूरी कदम
महासचिव ने भविष्य की महामारियों से निपटने के लिए दीर्घकालिक और मज़बूत तैयारी पर बल दिया। उनके अनुसार यह तैयारी समानता, सहयोग और प्रभावी अंतर-राष्ट्रीय समन्वय पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने विज्ञान के अधिकतम उपयोग और स्थानीय समुदायों तथा स्वास्थ्य कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी की भी पैरवी की।
गुटेरेस ने फंडिंग की भारी कमी को एक बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने माँग की कि सभी देशों के पास स्थानीय स्तर पर बीमारी का पता लगाने, निगरानी करने, सूचना साझा करने और प्रसार को रोकने के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन और सुदृढ़ व्यवस्था होनी चाहिए। उनके शब्दों में, 'जब समुदाय सुरक्षित होते हैं, तो हम सभी सुरक्षित होते हैं।'
'वन हेल्थ' दृष्टिकोण पर ज़ोर
गुटेरेस ने 'वन हेल्थ' (एक स्वास्थ्य) के नज़रिए को अपनाने की विशेष अपील की। उनका कहना था कि इंसानों की सेहत प्राकृतिक पर्यावरण, वनस्पति और पशुओं की सेहत से अटूट रूप से जुड़ी है। उन्होंने कहा, 'हमें यह बेहतर तरीके से समझना होगा कि इंसानों का प्राकृतिक दुनिया के साथ किस तरह का संबंध है और बीमारी के प्रकोप को इंसानों तक पहुंचने से पहले रोकने के तरीके तलाशने होंगे।' यह दृष्टिकोण पशु-जनित (ज़ूनोटिक) बीमारियों की बढ़ती आशंका के मद्देनज़र विशेष प्रासंगिकता रखता है।
WHO महामारी समझौते की अहमियत
महासचिव ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महामारी समझौते का हवाला देते हुए कहा कि 'पैथोजन एक्सेस एंड बेनिफिट-शेयरिंग' यानी रोगजनक तक पहुँच और उससे मिलने वाले फायदे साझा करने की व्यवस्था पर चल रही बातचीत इस समझौते की पूरी क्षमता का उपयोग करने के लिए बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि अब समय बर्बाद करने की कोई गुंजाइश नहीं है।
गुटेरेस ने संसाधनों की समान पहुँच पर भी ज़ोर दिया और कहा कि सभी देशों को जीवन रक्षक साधनों तक पहुँच मिलनी चाहिए — यह केवल न्याय का सवाल नहीं, बल्कि किसी भी प्रकोप को काबू करने का व्यावहारिक तरीका भी है।
अगली महामारी की चेतावनी
गुटेरेस ने अपने भाषण का समापन एक तीखी चेतावनी के साथ किया: 'अगली महामारी आएगी या नहीं, सवाल यह नहीं है। सवाल यह है कि वह कब आएगी। वह हमारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और एक-दूसरे के प्रति हमारी जिम्मेदारी की परीक्षा लेगी।' उन्होंने सरकारों से अपील की कि वे अपने वादों को पूरा करें और लोगों की जान बचाने के लिए दीर्घकालिक संसाधन सुनिश्चित करें। वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा की इस परीक्षा में सफल होने के लिए देशों को अभी से ठोस कदम उठाने होंगे।