गाजा में स्थायी युद्धविराम की माँग: UN महासचिव गुटेरेस की 7 अक्टूबर की तीसरी बरसी से पहले अपील
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 6 अक्टूबर 2026 को 7 अक्टूबर 2023 के हमलों की तीसरी बरसी से ठीक पहले गाजा में स्थायी युद्धविराम की पुरज़ोर माँग की। उन्होंने कहा कि उस दिन की भयावहता फिर कभी नहीं दोहराई जानी चाहिए और तभी से जारी विनाशकारी लड़ाई अब बंद होनी चाहिए। गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस संघर्ष में अब तक 74,200 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं।
पृष्ठभूमि: तीन साल का संघर्ष
7 अक्टूबर 2023 को फिलिस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास ने गाजा से इजरायल पर अचानक हमला किया था, जिसमें करीब 1,200 लोग मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था। इसके जवाब में इजरायल ने गाजा में हमास के विरुद्ध व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया, जो तीन वर्षों से अधिक समय से जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक समुदाय संघर्ष विराम के लिए लगातार दबाव बना रहा है, परंतु ज़मीनी स्तर पर हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही।
गुटेरेस का संदेश: दर्द और अपील
गुटेरेस ने अपने संदेश में कहा, 'हमलों के बाद शुरू हुई विनाशकारी लड़ाई ने गाजा में फिलिस्तीनियों को बेहिसाब दर्द और तकलीफ दी है। बड़ी संख्या में लोगों की जान गई, लोग विस्थापित हुए और बड़े पैमाने पर तबाही हुई। आम लोग अब भी बेहद मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं। उनकी तकलीफ भी अब खत्म होनी चाहिए।'
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पिछले साल हुए युद्धविराम से कुछ राहत अवश्य मिली, लेकिन आम नागरिकों को अभी तक पूरी सुरक्षा, पर्याप्त मानवीय सहायता या टिकाऊ शांति का कोई भरोसेमंद रास्ता नहीं मिल पाया है।
युद्धविराम को स्थायी बनाने की पुकार
गुटेरेस ने संघर्ष के सभी पक्षों को संबोधित करते हुए कहा, 'मैं सभी पक्षों से अपील करता हूं कि वे अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरी तरह लागू करें और युद्धविराम के अगले चरण की ओर बढ़ें। अब युद्धविराम को स्थायी बनाने का समय है। बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता पहुंचने देने और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने का भी समय आ गया है।'
गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में युद्धविराम प्रस्तावों को बार-बार वीटो का सामना करना पड़ा है, जिससे संस्था की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगे हैं। यह 7 अक्टूबर की तीसरी बरसी के अवसर पर गुटेरेस की सबसे सीधी और तीखी अपीलों में से एक मानी जा रही है।
दीर्घकालिक शांति का आह्वान
महासचिव ने व्यापक क्षेत्रीय स्थिरता की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा, 'यह बरसी सिर्फ एक और साल के दुख और शोक का प्रतीक न बने, बल्कि एक अलग भविष्य बनाने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे। ऐसा भविष्य, जहां इजरायली और फिलिस्तीनी शांति और सुरक्षा के साथ एक-दूसरे के पड़ोसी के रूप में रह सकें और उनके अधिकारों, सम्मान और उम्मीदों को पूरा किया जा सके।'
उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति के लिए एक ठोस राजनीतिक रास्ता तैयार करना अपरिहार्य है और संयुक्त राष्ट्र इन लक्ष्यों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
आगे क्या होगा
तीसरी बरसी के अवसर पर वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक दबाव बढ़ने की संभावना है। विश्लेषकों के अनुसार, युद्धविराम वार्ता की सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि क्षेत्रीय मध्यस्थ — विशेष रूप से मिस्र, कतर और अमेरिका — किस हद तक दोनों पक्षों पर दबाव बना पाते हैं। गाजा के आम नागरिकों के लिए मानवीय सहायता की त्वरित आपूर्ति और स्थायी युद्धविराम की माँग अंतरराष्ट्रीय एजेंडे पर केंद्र में बनी रहेगी।