गाजा में चूहों का संकट: यूएन रोज़ 9 मीट्रिक टन दवा बांट रहा, 65% इलाके में पहुँच पर रोक
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता कर्मी और उनके सहयोगी गाजा में तेज़ी से फैल रहे चूहों और अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरों से निपटने के लिए अपने अभियान को तेज़ कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में किए गए आकलन में 83 प्रतिशत स्थानों पर चूहों और एक्टोपैरासाइट का व्यापक संक्रमण पाया गया।
मुख्य घटनाक्रम
ओसीएचए ने बुधवार, 30 जुलाई को स्थानीय समयानुसार जानकारी दी कि आकलन किए गए स्थानों पर सड़कों पर सीवेज, रुका हुआ पानी और बदतर स्वच्छता स्थिति भी दर्ज की गई। जवाब में, यूएन डेवलपमेंट प्रोग्राम (UNDP) और अन्य मानवीय साझेदार प्रतिदिन 9 मीट्रिक टन कीटनाशक दवाइयाँ वितरित कर रहे हैं। ये दवाइयाँ संयुक्त अरब अमीरात के माध्यम से गाजा पहुँचाई जा रही हैं।
पहुँच पर पाबंदी — सबसे बड़ी बाधा
ओसीएचए ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरों को नियंत्रित करने के लिए स्पेयर पार्ट्स और इंजन ऑयल जैसी आवश्यक सामग्री तक निरंतर पहुँच की तत्काल ज़रूरत है। साथ ही, संस्था ने माँग की कि गाजा में ठोस कचरा प्रबंधन करने वाले साझेदारों को उन क्षेत्रों में लैंडफिल तक पहुँचने की अनुमति दी जाए जहाँ इज़रायली सेना ने प्रवेश पर रोक लगाई हुई है। यह प्रतिबंधित क्षेत्र गाजापट्टी का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा है।
पानी और स्वच्छता की स्थिति
पानी तक पहुँच परिवारों के लिए रोज़मर्रा की चुनौती बनी हुई है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के उपप्रवक्ता फरहान हक ने बुधवार की नियमित ब्रीफिंग में बताया कि खान यूनिस में यूनिसेफ एक मुख्य कुएँ के निर्माण में सहयोग कर रहा है, जिससे करीब 7,000 लोगों को पेयजल उपलब्ध होगा। वहीं गाजा शहर में यूनिसेफ, शेख अज़लीन वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की सफाई में जुटा है — यह संयंत्र संघर्ष से पहले 7 लाख लोगों को सेवाएँ देता था।
बच्चों की शिक्षा पर असर
फरहान हक के अनुसार, यूएन ऑपरेशनल सैटेलाइट एप्लीकेशन प्रोग्राम और सहयोगी संगठनों के अनुमान के मुताबिक गाजा में 600 से अधिक अस्थायी शिक्षण केंद्रों में लगभग 4,30,000 किंडरगार्टन और स्कूली बच्चे नामांकित हैं, जो अनुमानित छात्र आबादी का करीब 56 प्रतिशत है। हालाँकि, स्कूल जाने वाले लगभग आधे बच्चों को अभी भी उचित शिक्षा के अवसर नहीं मिल पा रहे।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब गाजा में मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र और उसके साझेदार लाखों बच्चों और परिवारों को पानी, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं, परंतु प्रतिबंधित पहुँच इन प्रयासों की सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। गौरतलब है कि जब तक 65 प्रतिशत इलाकों में पहुँच बहाल नहीं होती, कचरा प्रबंधन और बीमारी नियंत्रण की कोशिशें अधूरी रहेंगी।