गाजा में 1.25 लाख से अधिक त्वचा संक्रमण के मामले, यूएनआरडब्ल्यूए ने जताई गंभीर चिंता
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) ने गाजा पट्टी में तेज़ी से फैल रहे त्वचा संक्रमण संकट को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। एजेंसी के अनुसार अब तक 1,25,000 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जो मुख्यतः चूहों और कीड़ों से फैले संक्रमण के कारण हैं। यह संकट ऐसे समय में सामने आया है जब गाजा में लाखों विस्थापित फिलिस्तीनी अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं।
संकट का स्वरूप और कारण
यूएनआरडब्ल्यूए ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए बताया कि उसकी टीमें हज़ारों मरीज़ों का उपचार कर रही हैं। वीडियो में गंदे पानी का जमाव, उसमें पनपते कीड़े और पीड़ित लोगों की आपबीती स्पष्ट दिखती है। एजेंसी के अनुसार, अस्थायी शिविरों में भीड़भाड़ और स्वच्छता के अभाव ने इन संक्रमणों को तेज़ी से पाँव पसारने का मौका दिया है।
राहत कार्य में बाधाएँ
यूएनआरडब्ल्यूए ने स्पष्ट किया कि उसकी स्वच्छता टीमें प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित कीटनाशकों का छिड़काव कर रही हैं, लेकिन ईंधन, कीटनाशक, टेंट और दवाओं की भारी कमी राहत कार्य को बाधित कर रही है। एजेंसी का कहना है कि मौजूदा सुविधाएँ ज़रूरत के मुकाबले बेहद नाकाफी हैं।
एजेंसी ने गाजा में स्वच्छता सामग्री और चिकित्सा आपूर्ति की तत्काल ज़रूरत पर ज़ोर दिया है। गौरतलब है कि साफ पानी की अनुपलब्धता और पुनर्निर्माण की धीमी रफ्तार इस स्वास्थ्य संकट को और गहरा कर रही है।
विस्थापितों की स्थिति
गाजा में सैकड़ों हज़ारों विस्थापित फिलिस्तीनी अभी भी टेंटों में दिन गुज़ार रहे हैं। स्वच्छ पेयजल की कमी और बुनियादी ढाँचे की बर्बादी के चलते बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। यह ऐसे समय में और भी चिंताजनक है जब अक्टूबर 2025 में अमेरिका समेत कई देशों की मध्यस्थता के बाद सीजफायर का ऐलान हो चुका है, फिर भी ज़मीनी हालात नहीं सुधरे।
संघर्ष की पृष्ठभूमि
7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इज़रायल पर अचानक हमला किया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग मारे गए और अनेक लोगों को बंधक बनाया गया था। इसके बाद इज़रायली सशस्त्र बल (आईडीएफ) ने गाजा में हमास के विरुद्ध सैन्य अभियान छेड़ा। इस संघर्ष ने गाजा के बुनियादी ढाँचे को व्यापक नुकसान पहुँचाया, जिसके परिणाम अब स्वास्थ्य संकट के रूप में सामने आ रहे हैं।
आगे की राह
यूएनआरडब्ल्यूए ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से गाजा में राहत सामग्री की आपूर्ति बाधारहित करने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक स्वच्छ पानी, पर्याप्त आश्रय और चिकित्सा सुविधाएँ नहीं पहुँचतीं, तब तक संक्रमण के मामले और बढ़ सकते हैं।