13 जुलाई 2026
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पेन्पा त्सेरिंग की पुनर्निर्वाचन पर अमेरिका की बधाई, सीटीए के साथ सहयोग जारी रखने का संकल्प

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पेन्पा त्सेरिंग की पुनर्निर्वाचन पर अमेरिका की बधाई, सीटीए के साथ सहयोग जारी रखने का संकल्प

सारांश

अमेरिका ने पेन्पा त्सेरिंग के सिक्योंग पुनर्निर्वाचन पर बधाई देते हुए सीटीए के साथ सहयोग जारी रखने का संकल्प दोहराया। धर्मशाला में 90 वर्षीय दलाई लामा की उपस्थिति में संपन्न शपथ ग्रहण समारोह में त्सेरिंग ने मिडल-वे पॉलिसी और सीमित बैकचैनल संवाद की नीति पर दृढ़ रहने का संकल्प लिया।

मुख्य बातें

अमेरिकी विदेश विभाग के सहायक सचिव राइली बार्न्स ने 28 मई 2026 को एक्स पर पेन्पा त्सेरिंग को सिक्योंग पुनर्निर्वाचन की बधाई दी।
अमेरिका ने सीटीए के लोकतांत्रिक रूप से चुने गए प्रतिनिधियों के साथ जुड़ाव जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
त्सेरिंग ने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में 90 वर्षीय दलाई लामा की उपस्थिति में दूसरे पंचवर्षीय कार्यकाल की शपथ ली।
त्सेरिंग ने चीन के साथ सीमित बैकचैनल संवाद और मिडल-वे पॉलिसी के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने स्वीकार किया कि चीन की मौजूदा नीतियों के कारण बातचीत की संभावनाएं सीमित दिखती हैं।

अमेरिकी विदेश विभाग ने केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) के लोकतांत्रिक चुनावों और नवनिर्वाचित सिक्योंग पेन्पा त्सेरिंग को उनके दूसरे पंचवर्षीय कार्यकाल के लिए बधाई दी है। 28 मई 2026 को अमेरिकी विदेश विभाग के लोकतंत्र, मानवाधिकार और श्रम मामलों के सहायक सचिव राइली बार्न्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह बधाई संदेश साझा करते हुए तिब्बती नेतृत्व के साथ संबंध बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई।

अमेरिका का बधाई संदेश और प्रतिबद्धता

राइली बार्न्स ने एक्स पर लिखा, 'केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) और दुनिया भर में रह रहे तिब्बती लोगों और पेन्पा त्सेरिंग को चुनाव जीतने की बधाई। अमेरिका तिब्बती नेतृत्व के साथ लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रतिनिधियों के साथ जुड़ा रहेगा और दुनिया भर के तिब्बतियों के लिए काम करता रहेगा।' यह बयान तिब्बत नीति पर वाशिंगटन की निरंतर सक्रियता को रेखांकित करता है।

शपथ ग्रहण समारोह और दलाई लामा की उपस्थिति

पेन्पा त्सेरिंग ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में सीटीए के सिक्योंग के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल की शपथ ली। इस अवसर पर 90 वर्षीय तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा की उपस्थिति ने समारोह को विशेष राजनीतिक और आध्यात्मिक महत्व प्रदान किया। शपथ ग्रहण से पूर्व वरिष्ठ बौद्ध भिक्षुओं ने कार्यकाल समाप्त कर रहे 16वीं काशाग के सदस्यों से भेंट की।

त्सेरिंग का संबोधन: मिडल-वे नीति पर दृढ़ता

अपने संबोधन में त्सेरिंग ने स्पष्ट किया कि वे दलाई लामा के दिशा-निर्देश और विचारों के तहत आगे बढ़ने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, 'काशाग (मंत्रिमंडल) राजनीतिक और सामाजिक कल्याण से जुड़ी पहलों को आगे बढ़ाते हुए तिब्बत संघर्ष की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने पर काम करेगा, ताकि तिब्बत-चीन विवाद का एक न्यायपूर्ण समाधान हासिल किया जा सके।' उन्होंने स्वीकार किया कि मौजूदा परिस्थितियों में चीन की नीतियों को देखते हुए बातचीत की संभावनाएं सीमित दिखाई देती हैं।

मिडल-वे पॉलिसी: संवाद और अहिंसा का मार्ग

तिब्बती नेतृत्व अहिंसा और संवाद पर आधारित 'मिडल-वे पॉलिसी' के प्रति समर्पित है, जिसे दलाई लामा ने आगे बढ़ाया है। यह नीति तिब्बत-चीन विवाद का समाधान आपसी समझ और अहिंसक संवाद के आधार पर करने की पक्षधर है। त्सेरिंग के अनुसार, जब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकलता, तिब्बती प्रशासन चीन सरकार के साथ सीमित और सतर्क बैकचैनल संवाद जारी रखेगा।

अंतरराष्ट्रीय समर्थन और आगे की राह

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'मिडल-वे पॉलिसी' के लिए समर्थन और मान्यता बढ़ाने के प्रयास भी जारी रहेंगे। यह समारोह तिब्बती समुदाय के लिए केवल औपचारिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है — विशेषकर ऐसे समय में जब तिब्बत-चीन संबंध और वैश्विक मानवाधिकार विमर्श नई करवट ले रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बीजिंग को सीधा संदेश है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-चीन संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं और तिब्बत नीति अधिनियम जैसे कानूनी ढाँचे वाशिंगटन की प्रतिबद्धता को संस्थागत रूप दे चुके हैं। त्सेरिंग का 'मिडल-वे' पर जोर और चीन के साथ बैकचैनल संवाद की बात एक व्यावहारिक संतुलन है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या यह नीति बीजिंग की ओर से किसी ठोस प्रतिक्रिया को जन्म दे पाती है — जो अब तक नहीं हुआ।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेन्पा त्सेरिंग कौन हैं और उन्हें किस पद पर पुनर्निर्वाचित किया गया है?
पेन्पा त्सेरिंग केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) के सिक्योंग (अध्यक्ष) हैं, जिन्हें दूसरे पंचवर्षीय कार्यकाल के लिए पुनर्निर्वाचित किया गया है। उन्होंने 28 मई 2026 को धर्मशाला में शपथ ग्रहण की।
अमेरिका ने सीटीए को बधाई क्यों दी?
अमेरिकी विदेश विभाग के सहायक सचिव राइली बार्न्स ने सीटीए के लोकतांत्रिक चुनावों और पेन्पा त्सेरिंग के पुनर्निर्वाचन पर बधाई दी। अमेरिका ने तिब्बती नेतृत्व के साथ सहयोग जारी रखने और दुनिया भर के तिब्बतियों के लिए काम करने की प्रतिबद्धता जताई।
मिडल-वे पॉलिसी क्या है?
मिडल-वे पॉलिसी दलाई लामा द्वारा प्रवर्तित वह नीति है जो तिब्बत-चीन विवाद का समाधान अहिंसा, संवाद और आपसी समझ के आधार पर करने की पक्षधर है। यह तिब्बत की पूर्ण स्वतंत्रता की माँग से अलग, स्वायत्तता पर केंद्रित एक व्यावहारिक दृष्टिकोण है।
शपथ ग्रहण समारोह में दलाई लामा की उपस्थिति क्यों महत्वपूर्ण है?
90 वर्षीय दलाई लामा की धर्मशाला में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थिति ने इसे केवल औपचारिक नहीं, बल्कि राजनीतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बना दिया। यह तिब्बती समुदाय के लिए उनके आशीर्वाद और मार्गदर्शन की निरंतरता का प्रतीक है।
त्सेरिंग के नए कार्यकाल में चीन के साथ संबंधों की क्या स्थिति रहेगी?
त्सेरिंग ने स्पष्ट किया कि चीन की मौजूदा नीतियों के कारण बातचीत की संभावनाएं सीमित हैं, फिर भी तिब्बती प्रशासन सीमित और सतर्क बैकचैनल संवाद जारी रखेगा। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिडल-वे पॉलिसी के लिए समर्थन बढ़ाने के प्रयास भी जारी रहेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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