जेडी वेंस ने पत्नी उषा को दी आस्था में वापसी की वजह, बोले- 'प्यार में पवित्रता का एहसास हुआ'
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने खुलासा किया है कि ईसाई धर्म में उनकी वापसी के पीछे उनकी भारतीय-अमेरिकी पत्नी उषा वेंस की भूमिका सबसे अहम रही। 22 जून को सामने आई इस बातचीत में वेंस ने कहा कि उषा के साथ उनके रिश्ते ने न केवल उनकी निजी जिंदगी बदली, बल्कि वर्षों की आध्यात्मिक उलझन के बाद आस्था के प्रति उनका नजरिया भी पूरी तरह बदल गया।
बातचीत का संदर्भ
न्यूयॉर्क टाइम्स के स्तंभकार रॉस डाउथैट के साथ हुई बातचीत में वेंस अपनी नई किताब पर चर्चा कर रहे थे, जिसमें उन्होंने अपने मुश्किल बचपन, धर्म से दूरी और अंततः कैथोलिक धर्म अपनाने तक की पूरी यात्रा का वर्णन किया है। उन्होंने कहा, 'उषा से प्यार करने पर पता चला कि प्यार में असल में कुछ पवित्र होता है।'
दादी के निधन के बाद टूटा धर्म से नाता
वेंस ने बताया कि उनकी दादी ही उनके धार्मिक जीवन की नींव थीं। दादी के निधन के बाद ईसाई धर्म से उनका जुड़ाव धीरे-धीरे कमजोर पड़ता गया। उनके शब्दों में, 'यह कोई संयोग नहीं है कि दादी की मौत के करीब दो साल बाद ही मैंने खुद को नास्तिक कहना शुरू कर दिया था।' इसके बाद उन्होंने खुद को शिक्षा, करियर और निजी महत्वाकांक्षाओं में झोंक दिया, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि 'इस तरह की भागदौड़ ने मुझे अंदर से काफी खोखला कर दिया था।'
उषा वेंस का निर्णायक प्रभाव
वेंस ने स्पष्ट किया कि उनकी जिंदगी में बदलाव धर्मशास्त्र की वजह से नहीं, बल्कि रिश्तों की वजह से आया। उन्होंने बताया कि उषा वेंस स्वयं ईसाई नहीं हैं, फिर भी उन्होंने पति की आध्यात्मिक यात्रा में पूरा साथ दिया। वेंस ने एक उदाहरण देते हुए कहा, 'मैं हर रविवार इस बारे में सोचता हूं, जब मैं अपनी 36 हफ्ते की गर्भवती पत्नी और अपने तीनों बच्चों के साथ चर्च जाता हूं।' उन्होंने जोड़ा, 'उषा ने इसके लिए कभी हामी नहीं भरी थी — उन्होंने तो सोचा था कि रविवार को आराम से देर तक सोएंगी। लेकिन उनका रवैया हमेशा सकारात्मक रहा।'
रिश्ते ने बदली विवाह और प्रेम की समझ
वेंस ने कहा कि उषा ने शादी और रिश्तों के बारे में उनकी सोच को पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने कहा, 'हमारे समाज में यह भावना थी कि रोमांस में कुछ भी पवित्र नहीं है। उषा ईसाई नहीं हैं, फिर भी उन्होंने पुरुष और स्त्री के मिलन के बारे में मेरी सोच को बदल दिया — बिना जाने ही उन्होंने मुझे इसे एक बेहद ईसाई दृष्टिकोण से देखने में मदद की।' उन्होंने ईसाई मित्रों और परिजनों को भी श्रेय दिया, जिनके जीवन में वे मूल्य दिखते थे जिन्हें वेंस खुद अपनाना चाहते थे।
पिता और पति बनने के बाद गहरे सवाल
वेंस के अनुसार, पति और पिता की भूमिका निभाने के बाद जीवन के अर्थ, जिम्मेदारी और उद्देश्य से जुड़े गहरे सवालों ने उन्हें घेरा। इन्हीं सवालों ने उन्हें अंततः कैथोलिक धर्म की ओर वापस खींचा। उन्होंने कहा, 'उषा का धैर्य और समर्थन मेरे लिए एक संकेत था कि इस रास्ते पर आगे बढ़ना सही है।' यह बातचीत ऐसे समय में आई है जब अमेरिका में अंतर-धार्मिक विवाह और धार्मिक पहचान पर बहस तेज हो रही है।