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जेडी वेंस ने पत्नी उषा को दी आस्था में वापसी की वजह, बोले- 'प्यार में पवित्रता का एहसास हुआ'

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जेडी वेंस ने पत्नी उषा को दी आस्था में वापसी की वजह, बोले- 'प्यार में पवित्रता का एहसास हुआ'

सारांश

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्वीकार किया कि वर्षों तक नास्तिक रहने के बाद कैथोलिक धर्म में उनकी वापसी का सबसे बड़ा कारण उनकी पत्नी उषा वेंस हैं — जो खुद ईसाई नहीं हैं। यह अंतर-धार्मिक प्रेम कहानी अमेरिकी राजनीति के सबसे ताकतवर पद पर बैठे व्यक्ति की आध्यात्मिक यात्रा का अनूठा अध्याय है।

मुख्य बातें

जेडी वेंस ने कैथोलिक धर्म में अपनी वापसी का श्रेय पत्नी उषा वेंस को दिया, जो स्वयं ईसाई नहीं हैं।
वेंस ने न्यूयॉर्क टाइम्स के स्तंभकार रॉस डाउथैट के साथ बातचीत में यह खुलासा अपनी नई किताब पर चर्चा के दौरान किया।
दादी के निधन के करीब दो साल बाद वेंस ने खुद को नास्तिक कहना शुरू कर दिया था।
वेंस ने कहा कि उषा हर रविवार 36 हफ्ते की गर्भावस्था में भी उनके साथ चर्च जाती हैं।
वेंस के अनुसार, जीवन में बदलाव धर्मशास्त्र से नहीं, बल्कि रिश्तों और प्रेम से आया।

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने खुलासा किया है कि ईसाई धर्म में उनकी वापसी के पीछे उनकी भारतीय-अमेरिकी पत्नी उषा वेंस की भूमिका सबसे अहम रही। 22 जून को सामने आई इस बातचीत में वेंस ने कहा कि उषा के साथ उनके रिश्ते ने न केवल उनकी निजी जिंदगी बदली, बल्कि वर्षों की आध्यात्मिक उलझन के बाद आस्था के प्रति उनका नजरिया भी पूरी तरह बदल गया।

बातचीत का संदर्भ

न्यूयॉर्क टाइम्स के स्तंभकार रॉस डाउथैट के साथ हुई बातचीत में वेंस अपनी नई किताब पर चर्चा कर रहे थे, जिसमें उन्होंने अपने मुश्किल बचपन, धर्म से दूरी और अंततः कैथोलिक धर्म अपनाने तक की पूरी यात्रा का वर्णन किया है। उन्होंने कहा, 'उषा से प्यार करने पर पता चला कि प्यार में असल में कुछ पवित्र होता है।'

दादी के निधन के बाद टूटा धर्म से नाता

वेंस ने बताया कि उनकी दादी ही उनके धार्मिक जीवन की नींव थीं। दादी के निधन के बाद ईसाई धर्म से उनका जुड़ाव धीरे-धीरे कमजोर पड़ता गया। उनके शब्दों में, 'यह कोई संयोग नहीं है कि दादी की मौत के करीब दो साल बाद ही मैंने खुद को नास्तिक कहना शुरू कर दिया था।' इसके बाद उन्होंने खुद को शिक्षा, करियर और निजी महत्वाकांक्षाओं में झोंक दिया, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि 'इस तरह की भागदौड़ ने मुझे अंदर से काफी खोखला कर दिया था।'

उषा वेंस का निर्णायक प्रभाव

वेंस ने स्पष्ट किया कि उनकी जिंदगी में बदलाव धर्मशास्त्र की वजह से नहीं, बल्कि रिश्तों की वजह से आया। उन्होंने बताया कि उषा वेंस स्वयं ईसाई नहीं हैं, फिर भी उन्होंने पति की आध्यात्मिक यात्रा में पूरा साथ दिया। वेंस ने एक उदाहरण देते हुए कहा, 'मैं हर रविवार इस बारे में सोचता हूं, जब मैं अपनी 36 हफ्ते की गर्भवती पत्नी और अपने तीनों बच्चों के साथ चर्च जाता हूं।' उन्होंने जोड़ा, 'उषा ने इसके लिए कभी हामी नहीं भरी थी — उन्होंने तो सोचा था कि रविवार को आराम से देर तक सोएंगी। लेकिन उनका रवैया हमेशा सकारात्मक रहा।'

रिश्ते ने बदली विवाह और प्रेम की समझ

वेंस ने कहा कि उषा ने शादी और रिश्तों के बारे में उनकी सोच को पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने कहा, 'हमारे समाज में यह भावना थी कि रोमांस में कुछ भी पवित्र नहीं है। उषा ईसाई नहीं हैं, फिर भी उन्होंने पुरुष और स्त्री के मिलन के बारे में मेरी सोच को बदल दिया — बिना जाने ही उन्होंने मुझे इसे एक बेहद ईसाई दृष्टिकोण से देखने में मदद की।' उन्होंने ईसाई मित्रों और परिजनों को भी श्रेय दिया, जिनके जीवन में वे मूल्य दिखते थे जिन्हें वेंस खुद अपनाना चाहते थे।

पिता और पति बनने के बाद गहरे सवाल

वेंस के अनुसार, पति और पिता की भूमिका निभाने के बाद जीवन के अर्थ, जिम्मेदारी और उद्देश्य से जुड़े गहरे सवालों ने उन्हें घेरा। इन्हीं सवालों ने उन्हें अंततः कैथोलिक धर्म की ओर वापस खींचा। उन्होंने कहा, 'उषा का धैर्य और समर्थन मेरे लिए एक संकेत था कि इस रास्ते पर आगे बढ़ना सही है।' यह बातचीत ऐसे समय में आई है जब अमेरिका में अंतर-धार्मिक विवाह और धार्मिक पहचान पर बहस तेज हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पहचान और अंतर-सांस्कृतिक विवाह के बदलते समीकरणों का दर्पण है। एक ऐसे नेता के लिए जो 'पारंपरिक ईसाई मूल्यों' की राजनीति करते हैं, यह बताना कि उनकी आस्था एक हिंदू पृष्ठभूमि वाली पत्नी के कारण लौटी — यह विरोधाभास उल्लेखनीय है और मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इसे नजरअंदाज कर देती है। गौरतलब है कि उषा वेंस स्वयं भारतीय-अमेरिकी हैं और उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि हिंदू है — फिर भी वे पति की धार्मिक यात्रा की सबसे बड़ी सहयोगी बनीं। यह प्रसंग बताता है कि आस्था की राजनीति और व्यक्तिगत जीवन के बीच की खाई अक्सर उतनी गहरी नहीं होती जितनी दिखाई देती है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेडी वेंस ने कैथोलिक धर्म में वापसी का श्रेय किसे दिया?
जेडी वेंस ने अपनी पत्नी उषा वेंस को इसका श्रेय दिया है, जो स्वयं ईसाई नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उषा के प्यार, धैर्य और समर्थन ने उनकी आध्यात्मिक यात्रा में निर्णायक भूमिका निभाई।
जेडी वेंस कब और क्यों नास्तिक बने थे?
वेंस के अनुसार, उनकी दादी के निधन के करीब दो साल बाद उन्होंने खुद को नास्तिक कहना शुरू किया। दादी उनके धार्मिक जीवन की नींव थीं और उनके जाने के बाद ईसाई धर्म से उनका जुड़ाव टूट गया।
जेडी वेंस की नई किताब किस बारे में है?
वेंस की नई किताब में उनके मुश्किल बचपन, धर्म से दूरी और अंततः कैथोलिक धर्म अपनाने तक की व्यक्तिगत यात्रा का वर्णन है। न्यूयॉर्क टाइम्स के स्तंभकार रॉस डाउथैट के साथ बातचीत में उन्होंने इसी किताब पर चर्चा की।
उषा वेंस किस धर्म को मानती हैं?
उषा वेंस ईसाई धर्म को नहीं मानतीं। वे भारतीय-अमेरिकी हैं और उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि हिंदू है। इसके बावजूद उन्होंने पति की कैथोलिक धार्मिक यात्रा में पूरा सहयोग दिया।
जेडी वेंस के अनुसार आस्था में वापसी का असली कारण क्या था?
वेंस ने स्पष्ट किया कि उनकी आस्था में वापसी धर्मशास्त्र की वजह से नहीं, बल्कि रिश्तों — विशेषकर उषा के साथ प्रेम और पिता बनने के बाद उठे जीवन के गहरे सवालों — की वजह से हुई।
राष्ट्र प्रेस
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