27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

होली 2026: खुशियों और सेहत से भरा 'रंगों का त्योहार', आयुर्वेद के 5 सरल उपाय अपनाएं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
होली 2026: खुशियों और सेहत से भरा 'रंगों का त्योहार', आयुर्वेद के 5 सरल उपाय अपनाएं

सारांश

होली 2026 के आयोजन की तैयारी जोरों पर है। जानें कैसे आयुर्वेद के 5 सरल उपायों से इस रंगों के त्योहार को खुशहाल और सेहतमंद बनाया जा सकता है।

मुख्य बातें

प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें।
तेल लगाकर रंगों से बचें।
पर्याप्त पानी आंखों की सुरक्षा

नई दिल्ली, 3 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। खुशियों और रंगों से भरा त्योहार होली 4 मार्च को मनाया जाएगा, जिसके लिए तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। हालांकि, मौसम में बदलाव, रासायनिक रंगों का इस्तेमाल और अस्वास्थ्यकर खानपान के कारण रंगों की चमक फीकी पड़ सकती है। ऐसे में इस रंगों के त्योहार को खुशहाल और स्वस्थ बनाने के लिए आयुर्वेद कुछ सरल उपाय सुझाता है।

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, रासायनिक रंगों के उपयोग से त्वचा में जलन, एलर्जी, आंखों में परेशानी और पेट की समस्याएं हो सकती हैं। वहीं, भारी भोजन से अपच जैसी कई शारीरिक समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। आयुर्वेद के अनुसार, प्राकृतिक उपायों को अपनाकर इस त्योहार को पूरी तरह सुरक्षित और आनंददायक बनाया जा सकता है।

प्राकृतिक और घरेलू रंगों का चयन करें: रासायनिक रंग त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं और कभी-कभी एलर्जी या संक्रमण का कारण बन सकते हैं। इसके स्थान पर बेसन, हल्दी, गुलाल, फूलों के रंग (जैसे गुलाब, टेसू, हिबिस्कस) और हर्बल पाउडर का उपयोग करें। ये प्राकृतिक रंग न केवल सुरक्षित होते हैं, बल्कि त्वचा को पोषण भी देते हैं। हल्दी में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ रखते हैं।

शरीर और बालों पर तेल लगाएं: होली खेलने से पहले त्वचा और बालों पर नारियल या तिल का तेल अच्छी तरह लगाएं। तेल की एक पतली परत रंगों को त्वचा में गहराई से जाने से रोकती है और रंग आसानी से धुल जाता है। इससे त्वचा सूखी नहीं होती और जलन या खुजली की समस्या नहीं होती। बालों पर तेल लगाने से रंग जड़ों तक नहीं पहुँच पाता।

संतुलित और हल्का आहार लें: होली पर तला-भुना, मसालेदार और भारी भोजन से बचें। अधिक मीठा, तैलीय और मलाईदार भोजन से पेट खराब हो सकता है। इसके बजाय मौसमी फल, नारियल पानी, नींबू-पानी, छाछ, हर्बल जूस और हल्का सात्विक भोजन लें। इससे शरीर हल्का रहेगा और थकान नहीं होगी।

पर्याप्त पानी और हेल्दी ड्रिंक्स का सेवन करें: रंग खेलने के दौरान शरीर से काफी पसीना निकलता है, इसलिए डिहाइड्रेशन से बचने के लिए दिनभर खूब पानी पिएं। नींबू पानी, नारियल पानी, या पुदीने का शरबत लेना सबसे अच्छा है। यह शरीर को हाइड्रेट रखता है, रंगों के प्रभाव को कम करता है, और त्वचा को भी स्वस्थ बनाए रखता है।

आंखों और त्वचा की सुरक्षा करें: रंग आंखों में जाने से जलन और संक्रमण हो सकता है। खेलते समय चश्मा पहनें या आंखों को अच्छी तरह बंद रखें। खेल खत्म होने के बाद तुरंत ठंडे पानी से चेहरा और शरीर धोएं। आंखों को साफ पानी से कई बार धोएं। अगर रंग लग जाए तो गुलाब जल या साधारण पानी से साफ करें।

इन सरल उपायों के साथ होली का आनंद लें, लेकिन मिलावटी और अस्वस्थ खानपान से बचें। केवल भरोसेमंद दुकानों से सामान खरीदें, और पैकेट वाली चीजों की एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें। खुले, तले-भुने और कृत्रिम रंग वाले खाद्य पदार्थों से दूर रहें।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह एक ऐसा अवसर है जब हम अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रख सकते हैं। आयुर्वेद के सरल उपायों का पालन करके इस त्योहार को सुरक्षित और आनंददायक बनाना संभव है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होलिका दहन का महत्व क्या है?
होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह त्योहार रंगों और खुशियों का संदेश देता है।
रासायनिक रंगों से क्या नुकसान होता है?
रासायनिक रंगों का उपयोग त्वचा में जलन, एलर्जी और संक्रमण जैसी समस्याएं उत्पन्न कर सकता है।
कौन से प्राकृतिक रंग सुरक्षित हैं?
बेसन, हल्दी, गुलाल और फूलों के रंग जैसे प्राकृतिक रंग सुरक्षित माने जाते हैं।
होली पर क्या खाना चाहिए?
होली पर हल्का और संतुलित आहार लेना चाहिए, जैसे मौसमी फल, नारियल पानी और हर्बल जूस।
आंखों की सुरक्षा कैसे करें?
खेलते समय चश्मा पहनें और खेल खत्म होने के तुरंत बाद चेहरे और आंखों को साफ पानी से धो लें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले