पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह में 75,800 विद्यार्थियों को उपाधि, छात्राओं ने मारी बाजी
सारांश
मुख्य बातें
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के 30वें दीक्षांत समारोह में 27 जुलाई 2026 को 75,800 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने इस ऐतिहासिक समारोह की अध्यक्षता की, जिसमें 83 मेधावी विद्यार्थियों को 84 पदक और 339 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि से नवाजा गया।
छात्राओं का रहा दबदबा
इस वर्ष के दीक्षांत समारोह में छात्राओं ने हर मोर्चे पर बाजी मारी। कुल 75,800 उपाधि प्राप्तकर्ताओं में 48,082 छात्राएँ और 27,718 छात्र शामिल रहे। पदकों में भी छात्राओं का वर्चस्व रहा — 84 पदकों में से 52 छात्राओं को और 31 छात्रों को सम्मानित किया गया। 339 पीएचडी उपाधि प्राप्तकर्ताओं में 119 महिला और 220 पुरुष शोधार्थी थे।
राज्यपाल का संदेश: युवा बने रोजगार सृजक
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि उच्च शिक्षा में बेटियों की बढ़ती भागीदारी विकसित भारत की मजबूत नींव है। उन्होंने विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को स्टार्टअप, अनुसंधान, नवाचार और उभरती तकनीकों से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएँ। निजी क्षेत्र के रॉकेट 'विक्रम-1' के सफल प्रक्षेपण और भारत में पनपती स्टार्टअप संस्कृति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश का युवा अब केवल रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बन रहा है।
शिक्षा बजट और योजनाओं का लाभ
राज्यपाल ने बताया कि वर्ष 2026-27 के केंद्रीय शिक्षा बजट में लगभग ₹1.39 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने विश्वविद्यालयों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि केंद्र और राज्य सरकार की सभी शैक्षिक योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक पहुँचे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को जन भवन में सम्मानित किए जाने की भी घोषणा की गई।
परिसर सुविधाएँ और स्वास्थ्य पहल
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर और छात्रावासों को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने, विद्यार्थियों को शुद्ध एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने और बेहतर बुनियादी सुविधाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समारोह के दौरान जौनपुर और गाजीपुर के 500 आँगनबाड़ी केंद्रों को किट वितरित की गई। प्रदेश में अब तक 68,843 आँगनबाड़ी किट वितरित हो चुकी हैं। इसके अलावा दोनों जिलों में 600 बेटियों का एचपीवी टीकाकरण भी कराया गया और जनभागीदारी के माध्यम से प्रदेश में अब तक 2,25,947 बेटियों का एचपीवी टीकाकरण पूरा हो चुका है।
अन्य उपलब्धियाँ और उद्घाटन
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की वार्षिक पत्रिका 'गतिमान' का लोकार्पण किया गया। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के इंडोर स्टेडियम तथा महिला छात्रावास में निर्मित 'आनंदी वाटिका' का उद्घाटन किया, छह पुस्तकों का विमोचन किया और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन महान विभूतियों के नाम पर विश्वविद्यालयों का नामकरण हुआ है, उनके जीवन और विचारों पर अध्ययन, लेखन और प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँ।