राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मां शाकुम्भरी विश्वविद्यालय दीक्षांत में 22,315 विद्यार्थियों को दीं उपाधियाँ
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 22 जुलाई 2025 को वर्चुअल माध्यम से मां शाकुम्भरी विश्वविद्यालय, सहारनपुर के चौथे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य महज़ डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि जीवन भर सीखते रहना, समाज के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी निभाना और नवाचार के ज़रिये राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनना है। इस समारोह में कुल 22,315 विद्यार्थियों — 7,582 छात्र और 14,733 छात्राएं — को उपाधियाँ प्रदान की गईं।
दीक्षांत समारोह की मुख्य गतिविधियाँ
समारोह के दौरान सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जनपदों के लिए 700 आंगनबाड़ी किट वितरित की गईं। साथ ही इन जनपदों में कार्यरत पुलिसकर्मियों की बेटियों सहित 900 बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण कराया गया। विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गाँवों के मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया और पर्यावरण व देशभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं।
राज्यपाल का युवाओं से आह्वान
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं से 'माई भारत' पोर्टल के माध्यम से चल रहे नशा मुक्त भारत अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने नियमित योग, व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाने पर ज़ोर देते हुए टीबी मुक्त भारत अभियान, मासिक धर्म स्वच्छता और अन्य जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यदि युवा अपने माता-पिता का सम्मान करें और सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करें, तो देश में वृद्धाश्रमों की ज़रूरत भी कम हो जाएगी।
विकसित भारत-2047 और तकनीकी नवाचार
राज्यपाल ने रेखांकित किया कि भारत सेमीकंडक्टर, क्वांटम प्रौद्योगिकी, रक्षा और एयरोस्पेस जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में तेज़ी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने युवाओं से शोध, नवाचार और स्वदेशी तकनीक विकास के ज़रिये विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में योगदान देने का आग्रह किया। युवाओं द्वारा हाल ही में अंतरिक्ष में स्थापित उपग्रह का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी बताया।
विश्वविद्यालय की सामाजिक पहलों की सराहना
राज्यपाल ने मां शाकुम्भरी विश्वविद्यालय की सामाजिक गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व का भी प्रभावी निर्वहन किया है। जिला प्रशासन के सहयोग से आंगनबाड़ी किट वितरण, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, रक्तदान, नशा मुक्ति, महिला स्वास्थ्य जागरूकता, मासिक धर्म कप वितरण, वृक्षारोपण, वर्षा जल संचयन और जैव विविधता संरक्षण जैसे कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पहल पर प्रदेश में अब तक 67,643 आंगनबाड़ी किट वितरित की जा चुकी हैं।
पर्यावरण और अन्य वक्ताओं के संदेश
पर्यावरण संरक्षण पर ज़ोर देते हुए राज्यपाल ने प्रत्येक नागरिक से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों से 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान से जुड़ने और जल संरक्षण के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाने की अपील की।
मुख्य अतिथि भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के निदेशक प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी ने विद्यार्थियों से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ऑटोमेशन और नई तकनीकों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने का आग्रह किया। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने छात्र-छात्राओं — विशेषकर बेटियों — से AI, मशीन लर्निंग और स्टार्टअप संस्कृति को अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की अपील की। समारोह में दीक्षोत्सव की दिग्दर्शिका, भाषण संकलन और चयनित पेंटिंग्स के संकलन का भी विमोचन किया गया।