12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जयशंकर ने नई दिल्ली में संभाली कमान, ढाका-जाफना में भी उत्साह
सारांश
मुख्य बातें
21 जून 2025 को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर नई दिल्ली, ढाका और जाफना सहित दुनिया के कोने-कोने में योगाभ्यास का व्यापक आयोजन हुआ। इस वर्ष की थीम 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' के तहत बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक सभी ने एक स्वर में स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से लेकर ढाका में उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी तक — भारत के राजनयिक प्रतिनिधि भी इस वैश्विक उत्सव में अग्रणी रहे।
नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय का आयोजन
विदेश मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने योग सत्र का नेतृत्व किया और प्राणायाम का अभ्यास किया। मंत्रालय ने इस अवसर की तस्वीरें एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा कीं। कार्यक्रम में विभिन्न देशों के राजदूतों, उच्चायुक्तों, राजनयिक समुदाय के सदस्यों और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। इस अवसर पर योग की उस शक्ति को रेखांकित किया गया जो हर आयु वर्ग के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करती है।
ढाका में उच्चायुक्त त्रिवेदी ने आम लोगों संग किया योगासन
ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग में भारतीय सांस्कृतिक केंद्र की ओर से आयोजित सामूहिक योग सत्र में उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने स्वयं योगासन कर उपस्थित लोगों को प्रेरित किया। इस सत्र में योग प्रेमी, सांस्कृतिक हस्तियाँ, भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्य और बांग्लादेशी समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए। उच्चायोग ने शरीर और मन के संतुलन पर केंद्रित योगासनों की तस्वीरें भी साझा कीं।
जाफना में 2,000 लोगों ने एक साथ किया योगाभ्यास
श्रीलंका के जाफना स्थित दुरैयप्पाह स्टेडियम में लगभग 2,000 प्रतिभागियों ने एक साथ योगाभ्यास कर इस दिवस को यादगार बनाया। कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। भारत के महावाणिज्यदूत साई मुरली ने अपने संबोधन में योग को भारत की मानवता को दी गई 'अमूल्य धरोहर' बताया और कहा कि यह जीवन के हर चरण में शारीरिक स्फूर्ति, मानसिक दृढ़ता और आंतरिक संतुलन प्रदान करता है।
वैश्विक संदेश और इस वर्ष की थीम
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य और बुजुर्गों की देखभाल को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं। 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' की थीम ने इस वर्ष के आयोजन को विशेष रूप से प्रासंगिक बनाया। गौरतलब है कि 2015 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा मान्यता प्राप्त इस दिवस के बाद से हर साल भारत के राजनयिक मिशन वैश्विक स्तर पर योग के प्रचार-प्रसार में अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं। आगामी वर्षों में इस आयोजन का दायरा और व्यापक होने की संभावना है।