अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: जापान में बारिश के बीच 2,100 लोगों ने किया योगाभ्यास, दुबई-ब्रातिस्लावा में भी उत्सव
सारांश
मुख्य बातें
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 पर 21 जून को दुनिया के कोने-कोने में योग साधकों ने एकजुट होकर इस वैश्विक उत्सव को अभूतपूर्व उत्साह के साथ मनाया। इस वर्ष की थीम 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' (Yoga for Healthy Ageing) के तहत सभी आयु वर्गों को स्वस्थ, सक्रिय और संतुलित जीवनशैली की ओर प्रेरित किया गया। जापान से लेकर यूएई और स्लोवाकिया तक, 210 से अधिक भारतीय मिशनों ने विश्वभर में लगभग 2,500 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए।
जापान: बारिश भी नहीं डिगा सकी योग का संकल्प
टोक्यो के त्सुकिजी होंगन-जी टेंपल में आयोजित योग कार्यक्रम इस बार विशेष रूप से चर्चा में रहा। मूसलाधार बारिश के बावजूद 2,100 से अधिक योग प्रेमी एकत्रित हुए और 'योग साथ-साथ, बारिश हो या धूप' के उत्साहपूर्ण संदेश के साथ योगाभ्यास किया। पूरे आयोजन स्थल पर सकारात्मक ऊर्जा और उमंग का वातावरण बना रहा, जो इस आयोजन की असाधारण सामुदायिक भावना को दर्शाता है।
दुबई: पुलिस और समुदाय का अनूठा संगम
यूएई की राजधानी दुबई में कॉन्सुलेट जनरल ऑफ इंडिया ने दुबई पुलिस के सहयोग से दुबई पुलिस ऑफिसर्स क्लब में विशेष योग सत्र का आयोजन किया। कार्यक्रम में मेजर जनरल मोहम्मद इस्सा अल अधब की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। दुबई पुलिस कर्मियों, योग साधकों, विद्यार्थियों और समुदाय के सदस्यों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। दुबई पुलिस बैंड की विशेष प्रस्तुति ने कार्यक्रम को और यादगार बना दिया।
ब्रातिस्लावा: यूरोप के दिल में योग की गूँज
स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा के प्रतिष्ठित 'ह्लावने नामेस्तिए' (मुख्य चौक) में आयोजित समारोह में स्थानीय समुदाय ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। स्लोवाक गणराज्य में भारत की राजदूत अपूर्वा श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में प्रतिभागियों को योग को दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने और अपने परिजनों को भी इस स्वास्थ्यवर्धक परंपरा से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। यह आयोजन भारत-स्लोवाकिया सांस्कृतिक संबंधों का भी प्रतीक बना।
मुख्य आयोजन: कोलकाता के रेड रोड पर PM मोदी
इस वैश्विक उत्सव का केंद्रीय आयोजन कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं उपस्थित रहे। इस अवसर पर मोदी ने कहा, 'योग ने सीमाओं, भाषाओं और संस्कृतियों से परे जाकर पूरी मानवता को जोड़ने का कार्य किया है। हिमालय से लेकर हिंद महासागर तक योग की ऊर्जा देखने को मिल रही है।' उन्होंने इस दिन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि पूरा विश्व योग के माध्यम से एक सूत्र में बंधा दिखाई दे रहा है।
वैश्विक विस्तार और भारत की सॉफ्ट पावर
गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र ने 2015 से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी है — एक प्रस्ताव जिसे भारत की पहल पर रिकॉर्ड 177 देशों का समर्थन मिला था। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी सॉफ्ट पावर को वैश्विक मंच पर और सुदृढ़ करने में जुटा है। 210 से अधिक भारतीय मिशनों द्वारा एक साथ 2,500 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित करना इस कूटनीतिक प्रयास का व्यापक विस्तार दर्शाता है। आने वाले वर्षों में 'स्वस्थ वृद्धावस्था' की थीम और भी प्रासंगिक होती जाएगी, क्योंकि विश्व की बड़ी आबादी वाले देश तेज़ी से बुजुर्ग होती जनसंख्या की चुनौती से जूझ रहे हैं।