क्या 10 मार्च को साधुओं के साथ दिल्ली जाएंगे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, गो हत्या को लेकर सरकार पर साधा निशाना?
सारांश
Key Takeaways
- साधुओं का धरना प्रशासन के खिलाफ है।
- सरकार पर गो हत्या के आरोप।
- दिल्ली में बैठक का आयोजन।
- सभी संतों का समर्थन
- धार्मिक स्वतंत्रता का मुद्दा।
प्रयागराज, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। माघ मेले में हुए असामान्य व्यवहार के बाद ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने माघ मेले में धरना शुरू कर दिया है। वे लगातार प्रशासन और सरकार पर तीखा हमला कर रहे हैं। उन्होंने सरकार पर गो हत्या के माध्यम से पैसे कमाने का गंभीर आरोप लगाया है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "राजनीतिक दलों को यह डर सता रहा है कि कहीं उनका चंदा न रुक जाए।"
उन्होंने बताया, "हम कल सुबह संगम में स्नान करने के लिए अपने शिविर से निकले थे। लेकिन प्रशासन ने हमें स्नान नहीं करने दिया और हमारा अपहरण कर लिया। उन्होंने हमें कई स्थानों पर घुमाने के बाद यहाँ लाकर छोड़ दिया। अब जहाँ उन्होंने हमें छोड़ा था, वहीं हम बैठे हैं।"
स्नान की अनुमति पर शंकराचार्य ने कहा, "क्या गंगा में स्नान करने के लिए भी अनुमति लेनी पड़ती है? क्या उन्होंने गंगा को अपने नाम पर पंजीकृत कराया है? गंगा मां हर सनातनी की मां है और हर सनातन धर्म का प्रमुख हिस्सा है। सूचना तीन दिन पहले ही दी गई थी।"
स्वामी ने आगे कहा, "शंकराचार्य शास्त्रों के अनुसार बोलते हैं। जब उनकी बातें समाज में असर डालने लगती हैं, तो उनका अपमान किया जाता है। हम गोरक्षा की बात करते हैं, और लोग हमारी बात समझ रहे हैं। अब राजनीतिक दलों को डर है कि अगर गो हत्या बंद हो गई तो उनका चंदा भी बंद हो जाएगा।"
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, "हमें सभी संतों और ऋषियों का पूर्ण समर्थन प्राप्त है। सभी संत एकजुट हैं, लेकिन वे अभी एकत्रित नहीं हो रहे हैं क्योंकि इससे मेले का माहौल बिगड़ सकता है। हमने 10 या 11 मार्च की तारीख तय की है, जब सभी लोग दिल्ली में जुटेंगे और अपना पक्ष रखेंगे।"