अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025: 14,000 फीट की ऊंचाई से समुद्र की गहराई तक, नौसेना और केंद्रीय बलों ने किया योगाभ्यास
सारांश
मुख्य बातें
21 जून 2025 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारतीय नौसेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों ने देश के कोने-कोने में योगाभ्यास किया। समुद्र की गहराइयों में पनडुब्बी योद्धाओं से लेकर 14,000 फीट की ऊंचाई पर हिमालय की वादियों में तैनात हिमवीरों तक — इस वर्ष की थीम 'स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग' को भारत के सुरक्षा बलों ने अपने अनुशासन और समर्पण के साथ जीवंत किया।
नौसेना का संकल्प: मन से शांत, शरीर से मजबूत
भारतीय नौसेना ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए लिखा — 'मन से शांत। शरीर से मजबूत। सेवा के प्रति समर्पित।' नौसेना ने 'स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग' थीम को अपनाते हुए कहा कि यह अभ्यास एक स्वस्थ और मिशन के लिए सदैव तैयार सैन्य बल की नींव को और मज़बूत करता है। उल्लेखनीय है कि नौसेना के पनडुब्बी योद्धाओं ने समुद्र की गहराइयों में भी योगाभ्यास कर अनुशासन और भारतीय संस्कृति का अद्वितीय संदेश दिया।
ITBP के हिमवीर: पैंगोंग त्सो के किनारे 14,000 फीट पर योग
इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) की 47वीं बटालियन के जवानों ने लेह-लद्दाख में पैंगोंग त्सो के किनारे 14,000 फीट की ऊंचाई पर योगाभ्यास किया। ITBP ने एक्स पर लिखा — '14,000 फीट की ऊंचाई पर शरीर, मन और आत्मा को मजबूत बनाना।' इन हिमवीरों ने फिटनेस, सहनशक्ति और आंतरिक शक्ति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। यह ऐसे समय में आया है जब लद्दाख की सीमाएं सामरिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील बनी हुई हैं।
CRPF: नई दिल्ली से देशभर में सामूहिक योग सत्र
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने देशभर की अपनी यूनिट्स में सामूहिक योग सत्र आयोजित किए। नई दिल्ली के एसडीजी कैंप में CRPF के महानिदेशक जी. पी. सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं योगाभ्यास में भाग लिया। CRPF ने एक्स पर लिखा — 'बेहतर भविष्य के लिए योग!' बल ने इस वर्ष की थीम 'स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग' के अनुरूप जवानों को जीवन के हर पड़ाव पर फिट और सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया।
CISF: योग को बताया मानवता को भारत का अनमोल उपहार
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योगाभ्यास आयोजित किया और एक्स पर लिखा कि 'योग, मानवता को भारत का एक अनमोल उपहार है, जो मन, शरीर और प्रकृति के बीच तालमेल को बढ़ावा देता है।' CISF ने यह भी रेखांकित किया कि उनके जवानों के लिए योग केवल एक दिन का अभ्यास नहीं, बल्कि दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है — जो शारीरिक फिटनेस, मानसिक मज़बूती और ऑपरेशनल तैयारी को बेहतर बनाता है।
व्यापक संदर्भ: भारत की 'योग शक्ति' का वैश्विक संदेश
गौरतलब है कि 21 जून को प्रतिवर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत 2015 में भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा की गई थी। इस वर्ष की थीम 'स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग' (Yoga for Healthy Ageing) ने सुरक्षा बलों को एक साझा संकल्प के धागे में पिरो दिया। यह पहली बार नहीं है जब भारतीय सैन्य और अर्धसैनिक बलों ने अत्यंत विषम परिस्थितियों में योग का प्रदर्शन किया हो, लेकिन इस वर्ष समुद्र की गहराई और हिमालय की ऊंचाई — दोनों को एक साथ जोड़ना इसे विशेष बनाता है। आने वाले समय में इस प्रकार के सामूहिक योग सत्र बलों की मानसिक और शारीरिक तैयारी को और सुदृढ़ करते रहेंगे।