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क्या कांग्रेस के लिए 1984 में हजारों सिखों की हत्या एक तमगा है?

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क्या कांग्रेस के लिए 1984 में हजारों सिखों की हत्या एक तमगा है?

सारांश

दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कांग्रेस पर 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर तीखा आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी और जगदीश टाइटलर के रिश्ते पर सवाल उठाते हुए इसे कलंक नहीं, बल्कि गर्व का विषय बताया।

मुख्य बातें

कांग्रेस पर 1984 के दंगों का आरोप राहुल गांधी और जगदीश टाइटलर का विवाद सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव न्याय प्रक्रिया अभी भी जारी महत्वपूर्ण तस्वीरें और बयान

नई दिल्ली, 15 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया। उन्होंने लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और 1984 के सिख विरोधी दंगों में तीन सिखों की हत्या के आरोपी जगदीश टाइटलर के संबंधों पर भी कटाक्ष किया।

मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस के लिए 1984 में हजारों सिखों की हत्या कोई कलंक नहीं, बल्कि एक ऐसा तमगा है जिसे वे गर्व के साथ धारण करते हैं। राहुल गांधी का जगदीश टाइटलर के साथ खड़ा होना ऐसा ही है जैसे हिटलर अपने नरसंहार के मास्टरमाइंड हेनरिक हिमलर के साथ खड़ा हो।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हिटलर अपने नरसंहार करने वालों के साथ खड़ा होकर यह संदेश देता था कि वे उसके अपने हैं, उसी तरह राहुल गांधी का जगदीश टाइटलर के साथ खड़े होना भी यही दर्शाता है कि अतीत चाहे जो भी हो, वे हमेशा उनके अपने रहेंगे।

सिरसा ने एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें बारिश में राहुल गांधी भीगते हुए नजर आ रहे हैं और कुछ दूरी पर जगदीश टाइटलर छाता लेकर खड़ा है। दिल्ली के मंत्री ने इसी तस्वीर पर टिप्पणी करते हुए यह पोस्ट किया है।

वहीं, दिल्ली की एक अदालत में 1984 के सिख विरोधी दंगों में तीन सिखों की हत्या के मामले में जगदीश टाइटलर के खिलाफ सुनवाई जारी है। वरिष्ठ अधिवक्ता हरविंदर सिंह फुल्का ने पिछली सुनवाई की जानकारी देते हुए बताया कि टाइटलर पर आरोप है कि उन्होंने 1984 के दंगों के दौरान एक भीड़ का नेतृत्व किया, जिसने तीन सिखों को मार डाला और जला दिया। सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण स्टिंग ऑपरेशन की सीडी कोर्ट में पेश की गई थी। यह सीडी दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान मंजीत सिंह जीके ने सीबीआई को सौंपी थी। 2012 में रिकॉर्ड की गई इस सीडी में टाइटलर कथित तौर पर दावा करते हैं कि उन्होंने 100 सिखों को मारा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हमें एक राष्ट्र के रूप में एकजुट रहना चाहिए।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1984 के दंगों में कौन-कौन शामिल थे?
1984 के दंगों में कई राजनीतिक नेता और संगठनों का नाम लिया गया है, जिनमें जगदीश टाइटलर का नाम प्रमुख है।
क्या राहुल गांधी का जगदीश टाइटलर के साथ होना उचित है?
यह एक विवादास्पद मुद्दा है, जिसे विभिन्न दृष्टिकोणों से देखा जा सकता है।
क्या इस मामले में न्याय मिल पाएगा?
न्याय की प्रक्रिया चल रही है, और उम्मीद है कि उचित परिणाम निकलेगा।
क्या इस मुद्दे पर राजनीतिक लाभ-हानि है?
हां, यह मुद्दा राजनीतिक लाभ-हानि का विषय बन सकता है, विशेषकर चुनावी समय में।
दिल्ली में 1984 दंगों का क्या प्रभाव था?
1984 के दंगों ने दिल्ली में सिख समुदाय पर गहरा असर डाला और उनकी सामाजिक स्थिति को प्रभावित किया।
राष्ट्र प्रेस
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