आप की 1 मार्च को जंतर-मंतर पर विशाल जनसभा, नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों का समर्थन
सारांश
Key Takeaways
- 1 मार्च को जंतर-मंतर पर विशाल जनसभा का आयोजन।
- अरविंद केजरीवाल का समर्थन नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों के लिए।
- जनविरोधी नीतियों के खिलाफ बड़ा जनआंदोलन।
- दिल्ली की जनता को जनसभा में शामिल होने की अपील।
- सरकार की वादाखिलाफी पर सवाल उठाए जाएंगे।
नई दिल्ली, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। राजधानी की राजनीति में एक बार फिर हलचल मची है। आम आदमी पार्टी ने घोषणा की है कि 1 मार्च को जंतर-मंतर पर एक विशाल जनसभा का आयोजन किया जाएगा। इस जनसभा में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल वर्तमान सरकार में नौकरी से निकाले गए हजारों कर्मचारियों के समर्थन में अपनी आवाज उठाएंगे।
पार्टी का कहना है कि यह रैली दिल्ली में कथित जनविरोधी निर्णयों के खिलाफ एक बड़ा जनआंदोलन साबित होगी।
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बताया कि जनसभा की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। उन्होंने दिल्ली की जनता से अपील की है कि वे 1 मार्च को सुबह 11 बजे जंतर-मंतर पहुंचकर इस जनसभा की सफलता में योगदान दें।
भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल में जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है और अब लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सड़कों पर उतरने को विवश हैं। सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर 'चलो जंतर-मंतर' का आह्वान करते हुए कहा कि बस मार्शल, डीटीसी बस कंडक्टर, मोहल्ला क्लीनिक कर्मचारी, डिम्ट्स कर्मचारी और अस्पतालों में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर अपनी-अपनी वर्दी में रैली में शामिल हों।
उनका यह आरोप है कि भाजपा ने सरकार बनते ही 10 हजार बस मार्शलों को स्थायी नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन एक वर्ष बीतने के बावजूद यह वादा अधूरा है। इसके अतिरिक्त संविदा पर कार्यरत हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है, जिससे वे बेरोजगारी की समस्या का सामना कर रहे हैं।
इस बीच, मोहल्ला क्लीनिक में कार्यरत स्टाफ नर्स नेहा त्यागी ने भी अपनी समस्या साझा की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद कर्मचारियों को नियमित करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके विपरीत उन्हें नौकरी से हटाया गया और कई मोहल्ला क्लीनिकों पर ताले लग गए हैं। उनका कहना है कि पिछले एक वर्ष से कर्मचारी मुख्यमंत्री से मदद की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
आम आदमी पार्टी का दावा है कि यह जनसभा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि उन हजारों परिवारों की लड़ाई है जिनकी आजीविका प्रभावित हुई है। पार्टी के नेताओं ने कहा कि 1 मार्च की रैली के माध्यम से कर्मचारियों की आवाज सरकार तक पहुंचाई जाएगी और उनके अधिकारों की बहाली की मांग की जाएगी।