संसद सुरक्षा चूक मामला: येलो स्मोक कनस्तर 'खतरनाक नहीं' — बचाव पक्ष की दलील, जमानत सुनवाई मई तक टली

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संसद सुरक्षा चूक मामला: येलो स्मोक कनस्तर 'खतरनाक नहीं' — बचाव पक्ष की दलील, जमानत सुनवाई मई तक टली

सारांश

संसद सुरक्षा चूक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट की सुनवाई मई तक टल गई। बचाव पक्ष का कहना है कि येलो स्मोक कनस्तर खतरनाक नहीं, जबकि पुलिस ने ललित झा पर सबूत मिटाने और पाँच साजिशी बैठकों में शामिल होने का आरोप लगाया। अदालत ने मोबाइल नष्ट करने को गंभीर माना।

Key Takeaways

  • दिल्ली हाई कोर्ट ने संसद सुरक्षा चूक मामले में जमानत सुनवाई मई 2026 तक स्थगित की।
  • बचाव पक्ष ने येलो स्मोक कनस्तर को खतरनाक वस्तु मानने से इनकार किया, IPL व जन्मदिन पार्टियों में उपयोग का हवाला दिया।
  • दिल्ली पुलिस के अनुसार आरोपी ललित झा साजिश की सभी पाँच बैठकों में शामिल था और उसने सबूत मिटाने के लिए मोबाइल फोन नष्ट करवाए।
  • अदालत ने मोबाइल फोन नष्ट करने को गंभीर पहलू बताया, जिसे जाँच प्रभावित करने की कोशिश माना जा सकता है।
  • ट्रायल कोर्ट में आरोप तय (चार्ज फ्रेम) होने के बाद जमानत याचिका की दिशा स्पष्ट होगी।

नई दिल्ली में दिल्ली हाई कोर्ट ने 28 अप्रैल 2026 को संसद सुरक्षा चूक मामले में आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी। अब इस मामले की अगली सुनवाई मई 2026 में होने की संभावना है। अदालत में दोनों पक्षों ने विस्तार से अपने तर्क प्रस्तुत किए, जिसके बाद कोर्ट ने अगली तारीख तय करने का निर्णय लिया।

बचाव पक्ष के मुख्य तर्क

आरोपियों की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि ट्रायल कोर्ट में जल्द ही आरोप तय (चार्ज फ्रेम) होने वाले हैं, इसलिए जमानत याचिका पर सुनवाई उसी के बाद की जानी चाहिए। वकील ने कहा कि गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से जेल में हैं और उनके खिलाफ अब तक कोई गंभीर आपराधिक कृत्य सिद्ध नहीं हुआ है।

बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि घटना में इस्तेमाल किया गया 'येलो स्मोक' कनस्तर कोई खतरनाक वस्तु नहीं है। वकील के अनुसार इस तरह के स्मोक कनस्तर का उपयोग जन्मदिन पार्टियों और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) जैसे सार्वजनिक आयोजनों में भी आम तौर पर किया जाता है। यह दलील बचाव पक्ष की रणनीति का केंद्रीय बिंदु रही।

दिल्ली पुलिस का पक्ष

दिल्ली पुलिस ने अदालत में आरोपियों के खिलाफ गहरी और सुनियोजित साजिश का मामला प्रस्तुत किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ललित झा ने घटना से जुड़े सभी आरोपियों के मोबाइल फोन नष्ट करवा दिए थे, ताकि सबूत मिटाए जा सकें। पुलिस ने यह भी बताया कि ललित झा इस साजिश से जुड़ी सभी पाँच बैठकों में शामिल रहा था और सभी आरोपियों की इस पूरी योजना में अलग-अलग भूमिका थी।

अदालत की टिप्पणी

अदालत ने इस मामले में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि साजिश में शामिल आरोपियों द्वारा अपने-अपने मोबाइल फोन नष्ट करना एक गंभीर पहलू है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने संकेत दिया कि इस तरह के कृत्य जाँच को प्रभावित करने की कोशिश माने जा सकते हैं। यह टिप्पणी जमानत याचिका की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण असर डाल सकती है।

मामले की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि यह मामला 13 दिसंबर 2023 की उस घटना से जुड़ा है, जब कुछ व्यक्तियों ने लोकसभा की दर्शक दीर्घा से सदन में येलो स्मोक कनस्तर फेंके थे — जो संसद पर 2001 के आतंकी हमले की बरसी का दिन था। इस घटना ने संसद की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे और देशभर में व्यापक बहस छेड़ी थी। यह ऐसे समय में आया था जब शीतकालीन सत्र अपने चरम पर था।

आगे क्या होगा

मामले में अंतिम निर्णय अगली सुनवाई के बाद ही लिया जाएगा, जब अदालत सभी पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करेगी। ट्रायल कोर्ट में आरोप तय होने के बाद जमानत याचिका की दिशा और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

Point of View

लेकिन यह उस संदर्भ को नजरअंदाज करता है जिसमें यह घटना घटी — संसद पर 2001 के हमले की बरसी पर, सदन के भीतर। असली प्रश्न वस्तु की रासायनिक प्रकृति नहीं, बल्कि उसके इस्तेमाल का इरादा और स्थान है। ललित झा द्वारा कथित तौर पर मोबाइल फोन नष्ट करवाना — जिसे अदालत ने भी गंभीरता से लिया — बचाव पक्ष की 'निर्दोष उपकरण' वाली दलील को कमजोर करता है। यह मामला इस बात की भी परीक्षा है कि भारत की अदालतें संसद जैसी संवैधानिक संस्थाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में जमानत के मानदंड कैसे तय करती हैं।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

संसद सुरक्षा चूक मामले में जमानत सुनवाई क्यों टली?
दिल्ली हाई कोर्ट ने 28 अप्रैल 2026 को जमानत सुनवाई मई 2026 तक स्थगित कर दी, क्योंकि ट्रायल कोर्ट में जल्द ही आरोप तय होने वाले हैं। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि चार्ज फ्रेम होने के बाद ही जमानत याचिका पर सुनवाई उचित होगी।
येलो स्मोक कनस्तर को लेकर बचाव पक्ष का क्या तर्क है?
बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि येलो स्मोक कनस्तर कोई खतरनाक वस्तु नहीं है और इसका उपयोग जन्मदिन पार्टियों तथा IPL जैसे आयोजनों में भी होता है। उनके अनुसार इसे खतरनाक हथियार के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जा सकता।
ललित झा पर दिल्ली पुलिस के क्या आरोप हैं?
दिल्ली पुलिस के अनुसार ललित झा संसद सुरक्षा चूक की साजिश से जुड़ी सभी पाँच बैठकों में शामिल था। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि उसने सबूत मिटाने के लिए सभी आरोपियों के मोबाइल फोन नष्ट करवाए।
अदालत ने मोबाइल फोन नष्ट करने पर क्या टिप्पणी की?
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि आरोपियों द्वारा मोबाइल फोन नष्ट करना एक गंभीर पहलू है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अदालत ने संकेत दिया कि इसे जाँच को प्रभावित करने की कोशिश माना जा सकता है।
संसद सुरक्षा चूक की घटना कब हुई थी?
यह घटना 13 दिसंबर 2023 को हुई थी, जब कुछ व्यक्तियों ने लोकसभा की दर्शक दीर्घा से सदन में येलो स्मोक कनस्तर फेंके थे। यह दिन संसद पर 2001 के आतंकी हमले की बरसी था, जिससे इस घटना ने और अधिक गंभीर रूप ले लिया।
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