दिंडोशी कोर्ट से हत्या के प्रयास का आरोपी फरार, मुंबई पुलिस की कई टीमें तलाश में जुटीं
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई की दिंडोशी कोर्ट में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को एक चौंकाने वाली घटना उस समय घटी जब अंबोली पुलिस स्टेशन के हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी एक व्यक्ति, कोर्ट में रिमांड की सुनवाई पूरी होने के बाद, पुलिस हिरासत से फरार हो गया। अदालत ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया था, लेकिन जेल पहुँचने से पहले ही वह मौका पाकर भाग निकला।
घटनाक्रम: कोर्ट परिसर में कैसे हुई चूक
पुलिस के अनुसार, आरोपी को रिमांड के लिए दिंडोशी कोर्ट में पेश किया गया था। सुनवाई के बाद जब न्यायाधीश ने उसे अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया और पुलिस उसे जेल ले जाने की तैयारी कर रही थी, ठीक उसी क्षण आरोपी ने मौके का फायदा उठाते हुए पुलिसकर्मियों को चकमा दे दिया। इस घटना के तत्काल बाद कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी फैल गई।
गौरतलब है कि न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही संवेदनशील मानी जाती है, और किसी आरोपी का इस तरह फरार होना प्रशासनिक चूक की ओर इशारा करता है।
पुलिस महकमे में हड़कंप, FIR दर्ज
आरोपी के फरार होने की सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल जानकारी दी गई। इस मामले में कुरार पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ अलग से एफआईआर दर्ज की गई है।
मुंबई पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'आरोपी अंबोली पुलिस स्टेशन के हत्या के प्रयास के मामले में दिंडोशी कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट से कस्टडी का आदेश मिलने के बाद वह फरार हो गया। कुरार पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और फरार आरोपी की तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।'
तलाशी अभियान जारी, CCTV फुटेज खंगाले जा रहे
पुलिस ने फरार आरोपी को पकड़ने के लिए एकाधिक टीमें मैदान में उतारी हैं। इलाके में लगातार छापेमारी की जा रही है और कोर्ट परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जाँच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा जताया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब न्यायालय परिसरों में सुरक्षा प्रबंधों की पर्याप्तता को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं। हत्या के प्रयास जैसे संगीन आरोप का सामना कर रहे आरोपी का इस तरह भाग निकलना पुलिस के लिए गंभीर प्रशासनिक जाँच का विषय बन सकता है। आने वाले घंटों में आरोपी की गिरफ्तारी और इस चूक की आंतरिक समीक्षा दोनों पर सभी की नज़रें टिकी हैं।