बरेली कोर्ट परिसर से बंदी फरार, लापरवाही पर 8 पुलिसकर्मी निलंबित; 4 टीमें तलाश में जुटीं
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के बरेली में 21 अक्टूबर 2026 को न्यायालय परिसर स्थित लॉकअप से एक बंदी पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने हवालात ड्यूटी और पेशी में तैनात आठ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस ने फरार बंदी सहित नौ लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के लिए चार विशेष टीमें गठित की हैं।
घटनाक्रम
बरेली के जिला कारागार से सचिन पुत्र चंद्रभान, निवासी सुभाष नगर थाना क्षेत्र, को 21 अक्टूबर 2026 को पेशी के लिए न्यायालय परिसर स्थित लॉकअप में लाया गया था। पेशी के दौरान मौका पाकर सचिन पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। सुरक्षा में इस चूक की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया।
पुलिस की कार्रवाई
सीओ प्रथम बरेली आशुतोष शिवम ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने हवालात ड्यूटी और बंदी की पेशी के लिए तैनात कुल आठ पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर दिया। न्यायालय सुरक्षा चौकी प्रभारी की तहरीर पर थाना कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 528/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 261 और 262 के अंतर्गत फरार बंदी सचिन एवं आठ पुलिसकर्मियों समेत कुल नौ लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।
तलाशी अभियान
फरार बंदी की गिरफ्तारी के लिए सर्विलांस, एसओजी, थाना कोतवाली और थाना सुभाष नगर की चार टीमें गठित की गई हैं। पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं और बंदी के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। सीओ आशुतोष शिवम ने कहा कि फरार बंदी को जल्द गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता और न्यायालय सुरक्षा पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब न्यायालय परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि पेशी के दौरान बंदियों के फरार होने की घटनाएँ उत्तर प्रदेश में पहले भी सामने आई हैं, जो अभिरक्षा प्रक्रिया में संरचनात्मक कमजोरियों की ओर इशारा करती हैं। निलंबन की यह कार्रवाई जवाबदेही का संकेत है, परंतु बंदी की शीघ्र गिरफ्तारी ही इस प्रकरण की असली कसौटी होगी।