हजारीबाग पुलिस की कार्रवाई: प्रतिबंधित टीपीसी संगठन के 8 उग्रवादियों की गिरफ्तारी
सारांश
Key Takeaways
- हजारीबाग पुलिस ने 8 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया।
- गिरफ्तारी से संभावित आपराधिक वारदात टली।
- पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार बरामद किए।
- अभियुक्तों की पहचान की गई है और पूछताछ जारी है।
- पुलिस की तत्परता ने क्षेत्र में सुरक्षा को मजबूत किया।
हजारीबाग, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के हजारीबाग जिले में पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है, जब उसने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीपीसी से संबंधित 8 अपराधियों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस की इस कार्रवाई ने क्षेत्र में संभावित एक बड़ी आपराधिक घटना को रोका है।
पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, गुप्त सूचना मिली थी कि उग्रवादी संगठन के सदस्य किसी गंभीर वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए, पुलिस अधीक्षक ने एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया और संदिग्ध क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई। इसी दौरान, उरीमारी ओपी क्षेत्र के कोलियरी इलाके में एक संदिग्ध सफेद बोलेरो गाड़ी दिखी। पुलिस टीम को देखकर चालक ने तेज रफ्तार से गाड़ी मोड़ने का प्रयास किया।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वाहन का पीछा किया। पीछा करते समय बोलेरो अनियंत्रित होकर आसवा और गुडकुवा गांव के बीच सड़क किनारे स्थित पुल और पेड़ से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। दुर्घटना के तुरंत बाद, पुलिस ने क्षेत्र को घेर लिया और वाहन में सवार सभी संदिग्धों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान, वाहन में मौजूद दो आरोपियों के हाथ में इंसास राइफल पाई गई, जिससे उनके इरादों की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सुनील मुंडा, विरेंद्र मुंडा, सुरेंद्र मुंडा, लालमोहन मुंडा, अनिल मुंडा, रविंद्र गंझू उर्फ रिंकू, सत्येंद्र गंझू उर्फ संतु और संजय मुंडा के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी लातेहार और रांची जिले के निवासी बताए जा रहे हैं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 2 इंसास राइफल, बड़ी मात्रा में जिंदा कारतूस, एक देसी पिस्टल, एक बोलेरो और 7 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि सभी आरोपी प्रतिबंधित टीएसपीसी उग्रवादी संगठन के सदस्य हैं और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। वर्तमान में पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके नेटवर्क के अन्य सदस्यों की खोज में जुटी हुई है।