आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी जयंती: केंद्रीय मंत्री मेघवाल और 5 मुख्यमंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
पद्म भूषण से सम्मानित हिंदी साहित्य के महान आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की जयंती पर 19 अगस्त 2026 को केंद्रीय मंत्री से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सहित राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों ने एक्स पर पोस्ट कर द्विवेदी जी के साहित्यिक अवदान को नमन किया।
केंद्रीय मंत्री और राज्य प्रमुखों की श्रद्धांजलि
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक्स पर लिखा, "हिन्दी साहित्य के महान साहित्यकार, प्रख्यात चिंतक एवं 'पद्म भूषण' से सम्मानित आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन! हिन्दी साहित्य में उनका अप्रतिम योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उनके कालजयी साहित्य, गहन चिंतन और मानवीय मूल्यों से ओत-प्रोत विचार आज भी साहित्य प्रेमियों एवं नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।"
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी एक्स पर लगभग समान भावों में श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि द्विवेदी जी के कालजयी साहित्य और मानवीय मूल्यों से ओत-प्रोत विचार नई पीढ़ी के लिए सदा प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
मुख्यमंत्री योगी और धामी का नमन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, "अपने कालजयी साहित्य-सृजन और भारतीय संस्कृति के गहन मर्मबोध से हिंदी साहित्य को नई दिशा देने वाले 'पद्म भूषण' आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। उनका रचना-संसार भारतीय ज्ञान, संस्कृति और मानवीय मूल्यों की अमर धरोहर है।"
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि साहित्य जगत में द्विवेदी जी का योगदान सदैव स्मरणीय और प्रेरणादायी रहेगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने उन्हें "हिंदी साहित्य के महान उपन्यासकार, चिंतक एवं संस्कृति के मर्मज्ञ" बताते हुए कहा कि उनकी अमर कृतियाँ आने वाली पीढ़ियों को ज्ञान और संस्कार की राह दिखाती रहेंगी।
मध्य प्रदेश और भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा कि भारतीय साहित्य और निबंध के क्षेत्र में द्विवेदी जी का अतुलनीय योगदान सदैव अमर रहेगा। उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने उन्हें "हिंदी साहित्य का युगद्रष्टा" बताते हुए कहा कि उनकी गहन विद्वता ने भारतीय संस्कृति, परंपरा और इतिहास के विविध पक्षों को नई दृष्टि प्रदान की।
गोरखपुर से सांसद और अभिनेता रवि किशन ने भी एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए द्विवेदी जी को "अनूठी निबंध शैली के माध्यम से हिंदी साहित्य लेखन और आलोचना को समृद्ध करने वाले सरल हिंदी के प्रबल समर्थक" बताया।
आचार्य द्विवेदी की साहित्यिक विरासत
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी हिंदी साहित्य में निबंध, उपन्यास और आलोचना के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। भारतीय संस्कृति, दर्शन और मानवीय मूल्यों को केंद्र में रखकर लिखी गई उनकी कृतियाँ आज भी विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम का अभिन्न हिस्सा हैं। उनकी जयंती पर राजनीतिक दलों के बीच दलगत सीमाओं से परे एकजुट श्रद्धांजलि यह दर्शाती है कि उनकी साहित्यिक विरासत आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।