अदाणी ग्रुप और कच्छ यूनिवर्सिटी का ग्रीन एनर्जी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस लॉन्च, सालाना 10,000+ छात्रों को मिलेगा प्रशिक्षण
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी स्किल्स एंड एजुकेशन (ASE) और कच्छ यूनिवर्सिटी ने 4 अक्टूबर 2026 को भुज, गुजरात में संयुक्त रूप से ग्रीन एनर्जी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) का उद्घाटन किया, जिसके माध्यम से प्रतिवर्ष 10,000 से अधिक छात्रों को नवीकरणीय ऊर्जा और औद्योगिक ऑटोमेशन में विशेष प्रशिक्षण दिए जाने की योजना है। इस केंद्र का उद्घाटन गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के हाथों हुआ और इसे भारत के बढ़ते स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र के लिए कुशल कार्यबल तैयार करने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।
केंद्र में क्या-क्या मिलेगा प्रशिक्षण
ग्रीन एनर्जी CoE में सोलर पीवी टेक्नोलॉजी, विंड एनर्जी सिस्टम, हाइब्रिड एनर्जी सिस्टम, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और डिजिटल व इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन से जुड़े पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे। इसके अतिरिक्त पाठ्यक्रम में माइक्रोग्रिड, SCADA सिस्टम, IoT-आधारित ऊर्जा अनुप्रयोग और स्मार्ट ग्रिड तकनीकें भी शामिल की गई हैं।
शिक्षण का मॉडल त्रि-स्तरीय होगा — कक्षा-आधारित अध्ययन, सिमुलेशन-आधारित प्रशिक्षण और व्यावहारिक क्षेत्र-अनुभव। इसके साथ ही केंद्र हरित ऊर्जा क्षेत्र में अनुप्रयुक्त अनुसंधान और उद्यमिता को भी प्रोत्साहित करेगा।
कच्छ क्यों बना इस पहल का केंद्र
अदाणी समूह कच्छ के खावड़ा में लगभग 538 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में 30 गीगावाट क्षमता वाला नवीकरणीय ऊर्जा पार्क विकसित कर रहा है, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी ग्रीन एनर्जी परियोजनाओं में से एक माना जाता है। अदाणी समूह के अनुसार, पिछले दो वर्षों में इस जिले में उसकी हरित ऊर्जा परियोजनाओं के कारण 21,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार सृजित हुए हैं।
गौरतलब है कि भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन-आधारित ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य के साथ प्रशिक्षित पेशेवरों की माँग और उनकी उपलब्धता के बीच की खाई को यह CoE पाटने का प्रयास करता है।
करण अदाणी और ASE CEO का बयान
अदाणी ग्रुप के निदेशक करण अदाणी ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र भारत के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा, 'यह केंद्र छात्रों को न केवल वर्तमान रोज़गार अवसरों के लिए तैयार करेगा, बल्कि भारत और वैश्विक स्तर पर उभर रही नई संभावनाओं का लाभ उठाने में भी सक्षम बनाएगा।'
अदाणी स्किल्स एंड एजुकेशन के CEO रॉबिन भौमिक ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा उद्योग तेज़ी से विस्तार कर रहा है, लेकिन आवश्यक विशेषज्ञ प्रतिभाओं की उपलब्धता उसी गति से नहीं बढ़ पाई है। भौमिक के अनुसार, इस साझेदारी के ज़रिये 'उद्योग की जरूरतों को सीधे कक्षा तक पहुँचाया जा सकेगा और छात्रों को वास्तविक तकनीकों से जुड़ा व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।'
आम छात्रों और उद्योग पर असर
यह पहल ऐसे समय में शुरू हुई है जब सौर, पवन और बैटरी स्टोरेज परियोजनाओं के निर्माण, संचालन और रखरखाव के लिए प्रशिक्षित कार्यबल की माँग तेज़ी से बढ़ रही है। विश्वविद्यालय-आधारित होने के कारण यह केंद्र गुजरात के सुदूर इलाकों के छात्रों को उद्योग-स्तरीय प्रशिक्षण तक सीधी पहुँच देगा।
यह ऐसे समय में आया है जब ग्रीन एनर्जी क्षेत्र में कौशल की कमी एक राष्ट्रीय चुनौती बन रही है। आगे इस CoE से प्राप्त मॉडल को अन्य राज्यों में भी दोहराए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।