JeM सहयोगी की गिरफ्तारी के बाद अग्निमित्रा पॉल ने CM सुवेंदु अधिकारी के लिए माँगी बुलेटप्रूफ सुरक्षा
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की नगर पालिका एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने रविवार, 2 अगस्त को राज्य में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के एक सहयोगी की गिरफ्तारी के मद्देनजर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई। मंत्री ने मुख्यमंत्री से बुलेटप्रूफ जैकेट, बुलेटप्रूफ वाहनों और जैमर से लैस काफिले के साथ यात्रा करने का अनुरोध किया।
मंत्री ने क्या कहा
मंत्री पॉल उत्तरी बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित सिलीगुड़ी नगर निगम (SMC) के कार्यक्रमों में भाग लेने पहुँची थीं। बागडोगरा हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अधिकारी जिस तरह से राज्य के आम नागरिकों से खुलकर मिलते-जुलते हैं, उससे उनकी जान को बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आतंकवादी मुख्यमंत्री की हत्या की योजना बनाने जैसी धृष्टता इसलिए दिखा रहे हैं क्योंकि पूर्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार ने वोट बैंक की राजनीति को प्राथमिकता दी और सुरक्षा तंत्र को कमज़ोर पड़ने दिया।
TMC सरकार पर गंभीर आरोप
मंत्री पॉल ने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC सरकार के 15 वर्षों के कार्यकाल में शोषित हिंदुओं की नागरिकता रोकी गई, जबकि अवैध अप्रवासियों और कथित आतंकवादियों को फर्जी दस्तावेज मुहैया कराए गए। उन्होंने कहा कि इस लंबे राजनीतिक गतिरोध का परिणाम आज सुरक्षा खतरे के रूप में सामने आ रहा है।
उन्होंने पूर्व TMC सरकार पर देश की जनता के हितों की अनदेखी कर केवल राजनीतिक स्वार्थ साधने का आरोप भी लगाया।
तस्लीमा नसरीन मुद्दे पर वाम और TMC दोनों पर निशाना
मंत्री पॉल ने निर्वासित बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन की पश्चिम बंगाल वापसी के प्रश्न पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के रुख को वाम मोर्चा और TMC सरकारों से अलग बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु, बुद्धदेव भट्टाचार्य और ममता बनर्जी की सरकारों ने हमेशा धार्मिक तुष्टीकरण को प्राथमिकता दी।
उन्होंने कहा कि एक महिला होने के नाते तस्लीमा नसरीन ने पहले दिन से अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाई है, फिर भी किसी पूर्व सरकार ने उनका साथ नहीं दिया।
पृष्ठभूमि: JeM सहयोगी की गिरफ्तारी
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में जैश-ए-मोहम्मद के एक कथित सहयोगी को हिरासत में लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियाँ इस गिरफ्तारी के व्यापक निहितार्थों की जाँच कर रही हैं। गौरतलब है कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण पश्चिम बंगाल लंबे समय से घुसपैठ और कट्टरपंथी नेटवर्क के संदर्भ में सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर रहा है।
आगे क्या
मंत्री पॉल के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस छिड़ने की संभावना है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और JeM सहयोगी से जुड़े नेटवर्क की जाँच अगले कुछ दिनों में केंद्र में रहेगी।