आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के पूर्व चीफ यार्ड मास्टर रफी अहमद को रिश्वतखोरी में 4 साल की सजा

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आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के पूर्व चीफ यार्ड मास्टर रफी अहमद को रिश्वतखोरी में 4 साल की सजा

सारांश

गाजियाबाद की सीबीआई अदालत ने आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के पूर्व चीफ यार्ड मास्टर रफी अहमद को रिश्वतखोरी के मामले में चार साल की सजा सुनाई है। यह मामला तब शुरू हुआ जब उन्होंने एक ठेकेदार से अवैध धन की मांग की थी।

मुख्य बातें

रफी अहमद को रिश्वतखोरी के मामले में चार साल की सजा मिली।
सीबीआई ने 4 जुलाई 2015 को मामला दर्ज किया था।
अदालत ने उन पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।
रिश्वत की मांग 30 हजार रुपए थी।
आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा गया।

गाजियाबाद, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गाजियाबाद की सीबीआई अदालत ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय में आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के पूर्व चीफ यार्ड मास्टर रफी अहमद को रिश्वतखोरी के आरोप में दोषी ठहराते हुए चार साल की जेल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, अदालत ने उन पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

सीबीआई द्वारा जारी एक प्रेस नोट के अनुसार, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में 4 जुलाई 2015 को मामला दर्ज किया था। आरोप था कि रफी अहमद ने एक ठेकेदार से 30 हजार रुपए की अवैध रिश्वत मांगी थी। यह रिश्वत उस जुर्माने को कम करने के लिए मांगी गई थी, जो ठेकेदार पर ट्रेन में गार्ड्स लाइन बॉक्स के लोडिंग और अनलोडिंग में लापरवाही के कारण लगाया गया था।

इस मामले में शिकायत मिलने के बाद, सीबीआई ने एक ट्रैप बिछाया और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा। आरोपी को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह शिकायतकर्ता से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5 हजार रुपए ले रहा था। इस मामले की जांच पूरी होने के बाद, सीबीआई ने 24 नवंबर 2015 को आरोपी के खिलाफ चार्जशीट पेश की। इसके बाद, लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया और उसे चार साल की सजा सुनाई।

इसके पूर्व, सीबीआई की विशेष अदालत ने शनिवार को 2003 के 55 लाख रुपए के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) घोटाले के मामले में आठ अधिकारियों को दोषी ठहराते हुए दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। साथ ही, कुल 2.85 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो रेलवे प्रणाली में व्याप्त रिश्वतखोरी की ओर इशारा करता है। न्यायालय ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की है, जो एक सकारात्मक संकेत है कि कानून सभी के लिए समान है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रफी अहमद को किस मामले में सजा मिली?
उन्हें रिश्वतखोरी के मामले में चार साल की सजा मिली है।
सीबीआई ने कब मामला दर्ज किया?
सीबीआई ने 4 जुलाई 2015 को मामला दर्ज किया था।
रिश्वत की राशि कितनी थी?
रफी अहमद ने 30 हजार रुपए की अवैध रिश्वत मांगी थी।
अदालत ने आरोपी पर क्या जुर्माना लगाया?
अदालत ने आरोपी पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
सीबीआई ने किस प्रकार से आरोपी को पकड़ा?
सीबीआई ने ट्रैप बिछाकर आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
राष्ट्र प्रेस
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