दिल्ली सीबीआई कोर्ट ने रिश्वतखोरी के मामले में सब-इंस्पेक्टर को दोषी ठहराया, 3 साल की सजा
सारांश
Key Takeaways
- जगमाल सिंह देशवाल को रिश्वतखोरी के आरोप में दोषी ठहराया गया।
- उसे तीन साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।
- भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई की कार्रवाई महत्वपूर्ण है।
- दोषी पर 50,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
- नागरिकों को भ्रष्टाचार की सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया है।
नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की सीबीआई कोर्ट ने रिश्वतखोरी के मामले में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए जगमाल सिंह देशवाल को दोषी पाया है। न्यायालय ने उसे तीन साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही 50,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। दोषी उस समय सब-इंस्पेक्टर और जोनल ऑफिसर (जेडओ) के रूप में नांगलोई ट्रैफिक सर्कल, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस में तैनात था।
मामले के अनुसार, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 8 फरवरी 2022 को आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप था कि देशवाल ने एक शिकायतकर्ता से 24,000 रुपए की रिश्वत मांगी थी ताकि उसके ट्रकों को संबंधित जोन में निर्बाध रूप से आने-जाने की अनुमति दी जा सके।
शिकायत प्राप्त होने के बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी को शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि मांगते और स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
जांच समाप्त होने के बाद सीबीआई ने 26 जुलाई 2022 को आरोपी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश की। मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषीसख्त रुख अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सीबीआई ने इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया है। एजेंसी ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग या किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार की जानकारी मिलती है, तो वे इसकी सूचना तुरंत दें।
शिकायत दर्ज कराने के लिए लोग सीबीआई, एसीबी, दिल्ली के कार्यालय (सीजीओ कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड, नई दिल्ली) में संपर्क कर सकते हैं या हेल्पलाइन नंबरों पर सूचना साझा कर सकते हैं।