अहमदाबाद के 10 स्कूलों को बम की धमकी, छात्र घर भेजे; पुलिस-बम दस्ता तैनात
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद के कम से कम 10 स्कूलों को 7 अक्टूबर 2026 (बुधवार) को बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल छात्रों को तय समय से पहले ही घर भेज दिया। पुलिस, फायर विभाग और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) को संबंधित परिसरों में सुरक्षा जाँच के लिए तत्काल तैनात किया गया।
मुख्य घटनाक्रम
धमकी मिलने के बाद स्कूल प्रशासनों ने तुरंत अधिकारियों को सूचित किया और अभिभावकों को भी बच्चों को जल्द लेने के लिए संदेश भेजे। प्रभावित स्कूलों में से अधिकांश शहर के पश्चिमी हिस्से में स्थित हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, धमकी पाने वाले संस्थानों में वेजलपुर स्थित जाइडस स्कूल, बोडकदेव स्कूल फॉर चिल्ड्रन, एसजीवीपी स्कूल, ड्राइव-इन रोड पर स्थित संत कबीर स्कूल और एशिया स्कूल शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार प्रभावित स्कूलों की कुल संख्या का अभी आकलन किया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया
पुलिस, फायर विभाग और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल टीम को विभिन्न स्कूल परिसरों में तैनात कर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया। अधिकारियों ने बताया कि धमकियों की प्रकृति और स्रोत की जाँच जारी है और इस बारे में विस्तृत जानकारी अभी प्रतीक्षित है।
गौरतलब है कि जाइडस स्कूल ने एहतियात के तौर पर पुलिस व फायर विभाग की गाड़ियों को परिसर में बुलाने के बाद छात्रों को समय से पहले छुट्टी दे दी।
पिछली घटनाओं का संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब अहमदाबाद में पिछले कुछ महीनों में ऐसी कई घटनाएँ दर्ज हो चुकी हैं। सितंबर 2026 में शहर के 10 स्कूलों के अलावा तीन न्यायालयों और गुजरात विधानसभा को भी बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल मिले थे। उस दौरान व्यापक सुरक्षा जाँच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी और धमकियों को बाद में अफवाह करार दिया गया था।
इससे पहले जनवरी 2026 में भी अहमदाबाद जिले के कम से कम 16 स्कूलों को बम की धमकी वाले ईमेल मिले थे। तब स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप, बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड ने निकासी और तलाशी अभियान चलाया था। पुलिस के अनुसार उन जाँचों में भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी।
आम जनता और अभिभावकों पर असर
धमकी की सूचना मिलते ही अभिभावकों में हड़कंप मच गया। स्कूलों ने अभिभावकों को फोन और संदेशों के ज़रिये सूचित किया कि बच्चों को जल्द से जल्द ले जाएँ। यह घटना उस समय हुई जब स्कूलों में नियमित कक्षाएँ चल रही थीं।
क्या होगा आगे
सुरक्षा एजेंसियाँ धमकी के स्रोत की जाँच कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार जाँच पूरी होने तक सभी परिसरों में सतर्कता बनाए रखी जाएगी। पिछली घटनाओं में धमकियाँ निराधार साबित हुई थीं, लेकिन इस बार के स्रोत और प्रकृति के बारे में आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।