अहमदाबाद में एक दिन में 19 बम धमकियाँ: 14 स्कूल, अदालतें और नरेंद्र मोदी स्टेडियम निशाने पर
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद में 27 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) को एक ही दिन में 19 बम धमकी भरे ईमेल मिले, जिनमें 14 स्कूल, 2 अदालतें, अहमदाबाद नगर निगम (AMC) के कार्यालय और नरेंद्र मोदी स्टेडियम को निशाना बनाया गया। साइबर अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन धमकियों के तत्काल जवाब में सुरक्षा एजेंसियों ने सभी प्रभावित स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया।
धमकी की प्रकृति और सामग्री
श्री नारायण गुरु स्कूल को प्राप्त एक ईमेल का विषय था — 'चेतावनी! दोपहर 1:11 बजे अहमदाबाद के स्कूलों में बम धमाका'। यह ईमेल सुबह 9:10 बजे भेजा गया था और सीएन विद्याविहार तथा श्री नारायण गुरु स्कूल समेत तीन स्कूल ईमेल खातों को संबोधित था।
संदेश में कथित विस्फोटों के लिए निर्धारित समय का उल्लेख किया गया था और प्राप्तकर्ताओं को सड़कों पर पड़े आईफोन न उठाने की चेतावनी दी गई थी — यह दावा करते हुए कि इन उपकरणों का इस्तेमाल विस्फोट करने के लिए किया जा सकता है।
ईमेल में 'खालिस्तान जिंदाबाद' और 'खून का बदला खून दा' जैसे नारे लिखे थे। इसमें खालिस्तान नेशनल आर्मी का नाम लेने का दावा किया गया था तथा बब्बर खालसा का भी संदर्भ था। इन दावों की प्रामाणिकता और संदेश भेजने वाले की पहचान अभी तक स्वतंत्र रूप से स्थापित नहीं हो पाई है।
दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रम का संदर्भ
धमकी भरे ईमेल में 21 नवंबर को मोटेरा स्टेडियम मेट्रो स्टेशन न जाने की चेतावनी भी दी गई थी। यह तारीख पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाले निर्धारित संगीत कार्यक्रम से जुड़ी बताई गई।
सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई
धमकियाँ मिलते ही स्थानीय पुलिस, बम डिटेक्शन टीमें और खोजी कुत्ते सभी प्रभावित स्कूलों में तैनात कर दिए गए। स्कूल प्रशासन ने एहतियातन छात्रों को घर भेज दिया और अभिभावकों को उन्हें तत्काल लेने के लिए सूचित किया गया।
AMC मुख्यालय को भी खाली करा लिया गया और सभी लक्षित स्थानों पर गहन तलाशी ली गई। अधिकारियों के अनुसार अब तक किसी भी स्थान पर कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।
पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियाँ
गौरतलब है कि यह घटना गुजरात में सार्वजनिक संस्थानों और प्रमुख स्थलों पर पहले भी मिली बम धमकियों की एक कड़ी में जुड़ी है। देशभर में स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों को ईमेल से बम धमकियाँ भेजने की घटनाएँ हाल के वर्षों में बढ़ी हैं, जिनमें अधिकांश झूठी धमकियाँ साबित हुई हैं। फिर भी प्रत्येक धमकी को गंभीरता से लेना सुरक्षा एजेंसियों की बाध्यता है।
जाँच की स्थिति
साइबर अपराध शाखा ने ईमेल के स्रोत और भेजने वाले की पहचान की दिशा में जाँच तेज कर दी है। अधिकारियों के अनुसार संदेशों की विश्वसनीयता और प्रेषक की पहचान अभी स्थापित नहीं हुई है, और मामले की जाँच जारी है। आने वाले दिनों में जाँच की दिशा और परिणाम स्पष्ट होने की उम्मीद है।