30 सितंबर 2026
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अमित शाह की जालंधर रैली से पहले बम धमकी, स्कूल-देवी तालाब मंदिर-कोर्ट को उड़ाने का ईमेल

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अमित शाह की जालंधर रैली से पहले बम धमकी, स्कूल-देवी तालाब मंदिर-कोर्ट को उड़ाने का ईमेल

सारांश

गृह मंत्री अमित शाह की जालंधर रैली से घंटों पहले एक धमकी भरा ईमेल सामने आया — कथित तौर पर खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम पर। स्कूल, देवी तालाब मंदिर, अदालत और रैली मंच तक को निशाना बताया गया। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियाँ अलर्ट पर हैं, तलाशी जारी है।

मुख्य बातें

30 सितंबर को गृह मंत्री अमित शाह की प्रागपुर, जालंधर रैली से पहले धमकी भरा ईमेल सामने आया।
ईमेल कथित तौर पर खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम पर मंगलवार सुबह 7:07 बजे भेजा गया।
देवी तालाब मंदिर , एलआर दोआबा स्कूल , जिला अदालत और रैली मंच को निशाना बनाने की धमकी दी गई।
ईमेल में 2,000 बसों में से 2-3 बसों में बम होने और मंच के नीचे आईईडी लगाने का दावा किया गया।
बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड सभी संवेदनशील स्थानों पर तलाशी अभियान चला रहे हैं।
ईमेल की प्रामाणिकता की जाँच जारी; साइबर सेल स्रोत का पता लगाने में जुटी है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जालंधर दौरे से ठीक पहले 30 सितंबर को शहर में एक धमकी भरा ईमेल सामने आया, जिसमें रैली स्थल, स्कूल, देवी तालाब मंदिर और जिला अदालत परिसर को निशाना बनाने की बात कही गई है। पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियाँ तत्काल अलर्ट पर आ गई हैं और संबंधित स्थानों पर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है।

धमकी भरे ईमेल का विवरण

रिपोर्टों के अनुसार, यह ईमेल मंगलवार सुबह करीब 7:07 बजे कई ईमेल पतों पर भेजा गया। ईमेल में भेजने वाले ने कथित तौर पर खुद को खालिस्तान नेशनल आर्मी से जुड़ा बताया और अपना नाम इंजीनियर गुरनाख सिंह, रुकां शाहवाला व अन्य उल्लेख किया है।

ईमेल में अत्यंत भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल करते हुए कथित तौर पर लिखा गया है कि जालंधर स्कूल को सुबह 11:11 बजे और देवी तालाब मंदिर को दोपहर 12:11 बजे निशाना बनाया जाएगा। इसके अलावा दावा किया गया है कि अमित शाह के मंच के नीचे आईईडी (IED) लगाए गए हैं और रैली में आने वाली 2,000 बसों में से 2-3 बसों में भी विस्फोटक रखे गए हैं।

ईमेल में एलआर दोआबा स्कूल के मैदान से देवी तालाब मंदिर की ओर आईईडी या फोन ट्रिगर से धमाका करने का उल्लेख किया गया है। साथ ही जिला अदालत की कार्यवाही दोपहर 2:11 बजे और कार्यालयों को दोपहर 3:11 बजे बाधित करने की धमकी भी दी गई है।

सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया

ईमेल मिलते ही जालंधर पुलिस ने रैली स्थल प्रागपुर, देवी तालाब मंदिर, जिला कोर्ट परिसर और ईमेल में उल्लिखित स्कूलों पर सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल कड़ा कर दिया। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की टीमें सभी संवेदनशील स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान चला रही हैं।

गृह मंत्री अमित शाह की रैली के मद्देनज़र पहले से ही हाई-सिक्योरिटी व्यवस्था लागू थी, लेकिन इस ईमेल के सामने आने के बाद सुरक्षा घेरे को और अधिक सुदृढ़ कर दिया गया है। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियाँ भी राज्य पुलिस के साथ समन्वय कर रही हैं।

ईमेल की विश्वसनीयता और जाँच

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में बड़े राजनीतिक आयोजनों से पहले सुरक्षा खतरों की आशंका पहले भी जताई जाती रही है। अधिकारियों के अनुसार, ईमेल की प्रामाणिकता की जाँच की जा रही है और इसे फ़िलहाल गंभीरता से लेते हुए सभी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि इस तरह की धमकियाँ कई बार अफ़वाह भी साबित हुई हैं, परंतु जाँच पूरी होने तक सुरक्षा में कोई ढील नहीं बरती जा रही।

ईमेल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सिखों का दुश्मन बताते हुए कथित तौर पर दरबार साहिब पर हमले का भी संदर्भ दिया गया है — जो स्पष्ट रूप से साम्प्रदायिक तनाव भड़काने का प्रयास प्रतीत होता है।

आम जनता और श्रद्धालुओं पर असर

धमकी में देवी तालाब मंदिर और स्कूलों का नाम लिए जाने से स्थानीय निवासियों और अभिभावकों में चिंता का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है।

आगे क्या होगा

पुलिस ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर सेल की मदद ले रही है। रैली से पहले समूचे जालंधर में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। जाँच के नतीजों और रैली की स्थिति पर अगले कुछ घंटों में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हर बार सुरक्षा तंत्र पर भारी दबाव पड़ता है और आम नागरिकों में दहशत फैलती है। असली सवाल यह है कि ऐसे ईमेल के स्रोत तक पहुँचने में एजेंसियाँ कितना वक्त लेती हैं — और क्या साइबर-धमकी देने वालों के खिलाफ़ त्वरित कार्रवाई हो पाती है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जालंधर में अमित शाह की रैली से पहले किस तरह की धमकी मिली?
30 सितंबर को गृह मंत्री अमित शाह की प्रागपुर रैली से पहले एक धमकी भरा ईमेल सामने आया, जिसमें कथित तौर पर रैली मंच, स्कूल, देवी तालाब मंदिर और जिला अदालत को निशाना बनाने की बात कही गई। ईमेल में खालिस्तान नेशनल आर्मी का नाम लिया गया है।
धमकी भरा ईमेल किसने और कब भेजा?
रिपोर्टों के अनुसार, यह ईमेल मंगलवार सुबह करीब 7:07 बजे भेजा गया। भेजने वाले ने कथित तौर पर अपना नाम इंजीनियर गुरनाख सिंह, रुकां शाहवाला बताया और खुद को खालिस्तान नेशनल आर्मी से जुड़ा बताया। ईमेल की प्रामाणिकता की जाँच अभी जारी है।
पुलिस ने बम धमकी के बाद क्या कदम उठाए?
जालंधर पुलिस ने रैली स्थल, देवी तालाब मंदिर, जिला कोर्ट परिसर और संबंधित स्कूलों पर सुरक्षा कड़ी कर दी है। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड सभी स्थानों पर सघन तलाशी चला रहे हैं, और साइबर सेल ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।
क्या अमित शाह की जालंधर रैली रद्द हुई?
रिपोर्टों के अनुसार रैली रद्द नहीं हुई है। सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियाँ राज्य पुलिस के साथ समन्वय कर रही हैं। स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।
देवी तालाब मंदिर और स्कूलों को धमकी में क्यों निशाना बनाया गया?
ईमेल में देवी तालाब मंदिर को दोपहर 12:11 बजे और जालंधर स्कूल को सुबह 11:11 बजे निशाना बनाने का उल्लेख किया गया है। यह स्पष्ट रूप से अधिकतम सार्वजनिक भय और साम्प्रदायिक तनाव फैलाने का प्रयास प्रतीत होता है, हालाँकि ईमेल की सत्यता की जाँच अभी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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