अहमदाबाद: नरेंद्र मोदी स्टेडियम समेत 13 स्थानों को बम धमकी, पुलिस जांच में सभी फर्जी निकलीं
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम सहित शहर के 13 स्थानों को बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिले, जिनमें स्कूल और अदालतें भी शामिल थीं। धमकी उस समय आई जब स्टेडियम में भारत अंडर 19 और ऑस्ट्रेलिया अंडर 19 टीमों के बीच बहु दिवसीय मैच चल रहा था। पुलिस जांच के बाद अधिकारियों ने पुष्टि की कि सभी धमकियां फर्जी थीं और कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
धमकी का विवरण और समय
पुलिस के अनुसार, यह ईमेल बुधवार सुबह करीब 10:52 बजे स्टेडियम प्रबंधन को प्राप्त हुआ। उस दौरान भारत अंडर 19 और ऑस्ट्रेलिया अंडर 19 की टीमें दूसरे बहु दिवसीय मैच के लिए स्टेडियम परिसर में मौजूद थीं। रिपोर्टों के अनुसार, मैच करीब 11:15 बजे समाप्त हुआ और धमकी की जानकारी मिलते ही दोनों टीमें स्टेडियम परिसर से रवाना हो गईं।
गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन (GCA), जो स्टेडियम का संचालन करता है, को भेजे गए ईमेल में विशेष रूप से 21 नवंबर का उल्लेख किया गया था — उस दिन गायक दिलजीत दोसांझ का कॉन्सर्ट स्टेडियम में प्रस्तावित है। इसी ईमेल में 1 नवंबर को नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाले दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रम का भी जिक्र किया गया था।
खालिस्तान समर्थक संगठन का कथित संदर्भ
ईमेल भेजने वाले ने खुद को कथित तौर पर एक खालिस्तान समर्थक संगठन से जुड़ा बताया और लोगों को दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट में शामिल न होने की चेतावनी दी। संदेश में 1984 के सिख विरोधी दंगों का उल्लेख किया गया था और भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, पुलिस ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।
गौरतलब है कि यह धमकी अहमदाबाद के कई संस्थानों को भेजे गए ईमेलों की एक श्रृंखला का हिस्सा थी, जिनमें स्कूल और अदालतें भी शामिल रहीं। यह इस तरह की पहली घटना नहीं है — इससे पहले भी अहमदाबाद के विभिन्न संस्थानों को इसी तरह के बम धमकी वाले ईमेल मिल चुके हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई
GCA के सचिव अनिल पटेल ने बताया कि ईमेल मिलते ही स्थानीय पुलिस को तुरंत सूचना दे दी गई। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने सभी 13 प्रभावित स्थानों पर व्यापक जांच अभियान चलाया। अधिकारियों ने पुष्टि की कि जांच के दौरान कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
ईमेल की जांच और उसके स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर सेल की टीम स्टेडियम पहुंची। साइबर क्राइम के एसीपी हार्दिक मकाडिया ने बताया, "आज कुल 13 जगहों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। नरेंद्र मोदी स्टेडियम के अलावा स्कूलों और अन्य संस्थानों को भी धमकी भरे ईमेल भेजे गए थे। बाद में सभी धमकियां फर्जी निकलीं। मामले की जांच जारी है।"
व्यापक संदर्भ: बढ़ती फर्जी धमकियों का पैटर्न
यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई प्रमुख शहरों में हवाई अड्डों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों को फर्जी बम धमकी वाले ईमेल मिलने की घटनाएं बढ़ी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी फर्जी धमकियां सुरक्षा एजेंसियों के संसाधनों को अनावश्यक रूप से खींचती हैं और सार्वजनिक आतंक फैलाने का काम करती हैं। साइबर सेल की टीम ईमेल के मूल स्रोत का पता लगाने में जुटी है और आरोपियों की पहचान के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।