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अहमदाबाद: नरेंद्र मोदी स्टेडियम समेत 13 स्थानों को बम धमकी, पुलिस जांच में सभी फर्जी निकलीं

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अहमदाबाद: नरेंद्र मोदी स्टेडियम समेत 13 स्थानों को बम धमकी, पुलिस जांच में सभी फर्जी निकलीं

सारांश

अहमदाबाद में नरेंद्र मोदी स्टेडियम समेत 13 स्थानों को बम धमकी भरे ईमेल मिले — स्टेडियम में उस वक्त भारत ऑस्ट्रेलिया अंडर 19 मैच चल रहा था। ईमेल में 21 नवंबर को दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को भी निशाना बनाया गया। पुलिस जांच में सभी धमकियां फर्जी निकलीं।

मुख्य बातें

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम समेत 13 स्थानों को 7 अक्टूबर 2026 को बम धमकी भरे ईमेल मिले।
धमकी के समय स्टेडियम में भारत अंडर 19 बनाम ऑस्ट्रेलिया अंडर 19 मैच जारी था; मैच 11:15 बजे समाप्त हुआ और टीमें रवाना हुईं।
ईमेल में 21 नवंबर को दिलजीत दोसांझ के प्रस्तावित कॉन्सर्ट और 1 नवंबर को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाले कार्यक्रम को भी निशाना बनाया गया।
ईमेल भेजने वाले ने खुद को कथित तौर पर खालिस्तान समर्थक संगठन से जुड़ा बताया और 1984 के सिख विरोधी दंगों का हवाला दिया।
पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की जांच में कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली; सभी धमकियां फर्जी निकलीं।
साइबर क्राइम एसीपी हार्दिक मकाडिया के नेतृत्व में साइबर सेल ईमेल के स्रोत की जांच कर रही है।

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम सहित शहर के 13 स्थानों को बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिले, जिनमें स्कूल और अदालतें भी शामिल थीं। धमकी उस समय आई जब स्टेडियम में भारत अंडर 19 और ऑस्ट्रेलिया अंडर 19 टीमों के बीच बहु दिवसीय मैच चल रहा था। पुलिस जांच के बाद अधिकारियों ने पुष्टि की कि सभी धमकियां फर्जी थीं और कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

धमकी का विवरण और समय

पुलिस के अनुसार, यह ईमेल बुधवार सुबह करीब 10:52 बजे स्टेडियम प्रबंधन को प्राप्त हुआ। उस दौरान भारत अंडर 19 और ऑस्ट्रेलिया अंडर 19 की टीमें दूसरे बहु दिवसीय मैच के लिए स्टेडियम परिसर में मौजूद थीं। रिपोर्टों के अनुसार, मैच करीब 11:15 बजे समाप्त हुआ और धमकी की जानकारी मिलते ही दोनों टीमें स्टेडियम परिसर से रवाना हो गईं।

गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन (GCA), जो स्टेडियम का संचालन करता है, को भेजे गए ईमेल में विशेष रूप से 21 नवंबर का उल्लेख किया गया था — उस दिन गायक दिलजीत दोसांझ का कॉन्सर्ट स्टेडियम में प्रस्तावित है। इसी ईमेल में 1 नवंबर को नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाले दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रम का भी जिक्र किया गया था।

खालिस्तान समर्थक संगठन का कथित संदर्भ

ईमेल भेजने वाले ने खुद को कथित तौर पर एक खालिस्तान समर्थक संगठन से जुड़ा बताया और लोगों को दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट में शामिल न होने की चेतावनी दी। संदेश में 1984 के सिख विरोधी दंगों का उल्लेख किया गया था और भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, पुलिस ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।

गौरतलब है कि यह धमकी अहमदाबाद के कई संस्थानों को भेजे गए ईमेलों की एक श्रृंखला का हिस्सा थी, जिनमें स्कूल और अदालतें भी शामिल रहीं। यह इस तरह की पहली घटना नहीं है — इससे पहले भी अहमदाबाद के विभिन्न संस्थानों को इसी तरह के बम धमकी वाले ईमेल मिल चुके हैं।

सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई

GCA के सचिव अनिल पटेल ने बताया कि ईमेल मिलते ही स्थानीय पुलिस को तुरंत सूचना दे दी गई। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने सभी 13 प्रभावित स्थानों पर व्यापक जांच अभियान चलाया। अधिकारियों ने पुष्टि की कि जांच के दौरान कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

ईमेल की जांच और उसके स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर सेल की टीम स्टेडियम पहुंची। साइबर क्राइम के एसीपी हार्दिक मकाडिया ने बताया, "आज कुल 13 जगहों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। नरेंद्र मोदी स्टेडियम के अलावा स्कूलों और अन्य संस्थानों को भी धमकी भरे ईमेल भेजे गए थे। बाद में सभी धमकियां फर्जी निकलीं। मामले की जांच जारी है।"

व्यापक संदर्भ: बढ़ती फर्जी धमकियों का पैटर्न

यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई प्रमुख शहरों में हवाई अड्डों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों को फर्जी बम धमकी वाले ईमेल मिलने की घटनाएं बढ़ी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी फर्जी धमकियां सुरक्षा एजेंसियों के संसाधनों को अनावश्यक रूप से खींचती हैं और सार्वजनिक आतंक फैलाने का काम करती हैं। साइबर सेल की टीम ईमेल के मूल स्रोत का पता लगाने में जुटी है और आरोपियों की पहचान के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर मनोरंजन और खेल आयोजनों, को निशाना बनाने लगी हैं। खालिस्तान संदर्भ और दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को जोड़ना एक नई रणनीति की ओर संकेत करता है जो सांप्रदायिक तनाव भड़काने की कोशिश करती है। फर्जी धमकियों के लिए कानूनी परिणाम अब तक प्रभावी निवारक साबित नहीं हुए हैं — यह नीति निर्माताओं के लिए एक गंभीर प्रश्न है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद में नरेंद्र मोदी स्टेडियम को बम धमकी कब और कैसे मिली?
7 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 10:52 बजे स्टेडियम प्रबंधन को एक ईमेल के ज़रिए बम धमकी मिली। उस समय स्टेडियम में भारत अंडर 19 और ऑस्ट्रेलिया अंडर 19 के बीच बहु दिवसीय मैच चल रहा था।
क्या अहमदाबाद की बम धमकी असली थी?
नहीं, पुलिस जांच में सभी 13 स्थानों को मिली बम धमकियां फर्जी पाई गईं। बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड और सुरक्षा एजेंसियों की जांच में कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को धमकी क्यों दी गई?
ईमेल में 21 नवंबर को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में और 1 नवंबर को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में दिलजीत दोसांझ के प्रस्तावित कॉन्सर्ट के दौरान विस्फोट की धमकी दी गई थी। भेजने वाले ने खुद को कथित तौर पर एक खालिस्तान समर्थक संगठन से जुड़ा बताया और लोगों को इन कार्यक्रमों में न आने की चेतावनी दी।
अहमदाबाद में कितने स्थानों को बम धमकी मिली और कौन कौन से थे?
साइबर क्राइम एसीपी हार्दिक मकाडिया के अनुसार, बुधवार को कुल 13 स्थानों को बम धमकी भरे ईमेल मिले। इनमें नरेंद्र मोदी स्टेडियम के अलावा स्कूल और अदालतें भी शामिल थीं।
इस मामले में पुलिस की जांच कहाँ तक पहुंची है?
साइबर सेल की टीम ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। GCA सचिव अनिल पटेल ने बताया कि ईमेल मिलते ही पुलिस को सूचित किया गया था। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अभी तक किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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