गुजरात बम धमकी: अहमदाबाद के 35 स्थानों को ईमेल, तार बांग्लादेश-पाकिस्तान तक पहुँचे
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने 28 अक्टूबर 2026 को खुलासा किया कि अक्टूबर माह में अहमदाबाद के स्कूलों, अदालतों, सरकारी कार्यालयों और नरेंद्र मोदी स्टेडियम को भेजे गए बम धमकी वाले दो अलग-अलग ईमेल के स्रोत बांग्लादेश और पाकिस्तान से जुड़े पाए गए हैं। जाँचकर्ताओं के अनुसार, इन संदेशों को हैक किए गए या पुराने ईमेल अकाउंट्स के जरिए भेजा गया था।
धमकियों का विवरण और निशाने पर रहे स्थान
7 अक्टूबर को भेजे गए पहले ईमेल में 16 स्थानों पर बम विस्फोट की धमकी दी गई थी। इनमें 10 स्कूल, मेयर कार्यालय, गुजरात हाईकोर्ट, सोला कोर्ट, घीकांटा मेट्रो कोर्ट, अहमदाबाद जिला एवं सत्र न्यायालय और नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम शामिल थे। संदेश में खालिस्तानी संगठनों का जिक्र करते हुए लोगों से पंजाबी गायक-अभिनेता दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रमों में शामिल न होने की अपील की गई थी।
इसी ईमेल में 21 नवंबर को नरेंद्र मोदी स्टेडियम और 1 नवंबर को दिल्ली के जेएलएन स्टेडियम में विस्फोट की चेतावनी दी गई थी। संदेश में 1984 के सिख विरोधी दंगों का हवाला देते हुए खालिस्तान नेशनल आर्मी और बब्बर खालसा जैसे संगठनों के नाम भी लिए गए थे।
27 अक्टूबर को एक अलग आईडी से भेजे गए दूसरे ईमेल में 19 स्थानों को निशाना बनाने की धमकी दी गई — जिनमें 14 स्कूल, मेयर कार्यालय, दाणापीठ के दो कार्यालय, घीकांटा मेट्रो कोर्ट, अहमदाबाद सिटी सिविल कोर्ट और नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम शामिल थे। इस संदेश में आईफोन के जरिए विस्फोट करने की धमकी दी गई और लोगों को 21 नवंबर को मोटेरा स्टेडियम मेट्रो स्टेशन से यात्रा न करने की चेतावनी भी दी गई थी।
ईमेल के तकनीकी सुराग: बांग्लादेश और पाकिस्तान का संबंध
साइबर क्राइम ब्रांच के अनुसार, पुलिस ने प्रभावित स्कूलों और अदालत परिसरों का दौरा किया तथा ईमेल हेडर और जीमेल से प्राप्त तकनीकी जानकारी का विश्लेषण किया। प्रारंभिक जाँच में पता चला कि 7 अक्टूबर का ईमेल बांग्लादेश और पाकिस्तान के रावलपिंडी से संचालित खातों से भेजा गया, जबकि 27 अक्टूबर के ईमेल के तार बांग्लादेश के रंगपुर और पाकिस्तान के लाहौर से जुड़े पाए गए।
गौरतलब है कि जाँचकर्ताओं ने खालिस्तानी संगठनों के नाम पर भेजी गई इसी तरह की एक पुरानी धमकी के मामले का भी अध्ययन किया। उस मामले में पश्चिम बंगाल से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था, जिसने हैक किए गए जीमेल अकाउंट बांग्लादेश में रहने वाले एक व्यक्ति को बेचे थे। पूछताछ में उस व्यक्ति ने स्वीकार किया था कि उसने वे अकाउंट आगे पाकिस्तान में मौजूद किसी को बेचे और भुगतान क्रिप्टोकरेंसी के जरिए प्राप्त किया था।
धमकियों का मकसद: दहशत फैलाना
जाँचकर्ताओं का दावा है कि पाकिस्तान में बैठे कुछ लोग त्योहारों और महत्वपूर्ण आयोजनों से पहले लोगों में डर और दहशत फैलाने के उद्देश्य से ऐसे ईमेल भेज रहे थे। पुलिस के अनुसार, ये लोग टेलीग्राम और व्हाट्सऐप समूहों के माध्यम से बांग्लादेश और अन्य देशों से पुराने या हैक किए गए ईमेल खाते हासिल कर रहे थे।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जाँच
पुलिस ने दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66(सी) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। साइबर क्राइम ब्रांच ने बताया कि दोनों मामलों की जाँच केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों को फर्जी बम धमकियाँ मिलने की घटनाएँ बढ़ी हैं, जिनमें से कई के तार बाहरी देशों से जुड़े पाए गए हैं।